NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पुलिस vs वकील : विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा!
सेवानिवृत्त अधिकारियों ने एलजी और दिल्ली पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर कहा है कि वकीलों के साथ टकराव की हालिया घटना के बाद पुलिस के मनोबल को बढ़ाया जाना चाहिए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Nov 2019
police and lawyer dispute
Image Courtesy:The Logical Indian

दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने एलजी (उपराज्यपाल) अनिल बैजल और दिल्ली पुलिस प्रमुख अमूल्य पटनायक को पत्र लिखकर कहा है कि वकीलों के साथ टकराव की हालिया घटना के बाद पुलिस के मनोबल को बढ़ाया जाना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी संघ (डीपीआरजीओए) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह दिल्ली की ज़िला अदालतों में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प की घटनाओं को लेकर ‘‘बेहद चिंतित’’ है।

पत्र में कहा गया है, ‘‘जांच पूरी होने तक किसी भी वकील के ख़िलाफ़ कोई कठोर कार्रवाई नहीं किये जाने के निर्देश में संशोधन की आवश्यकता है। पुलिस अधिकारियों के निलंबन और तबादले को चुनौती दी जानी चाहिए क्योंकि दोषी वकीलों के ख़िलाफ़ किसी तरह की कार्रवाई का आदेश नहीं दिया गया है।’’

डीपीआरजीओए के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी करनाल सिंह ने कहा कि संगठन के वरिष्ठ अधिकारी उचित सहायता और भरोसे का आश्वासन देकर पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी शिकायतों से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के लिये पुलिस मुख्यालय पर अपने परिवार के साथ जमा होकर मौन प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की जा सकती है। उन्हें सहानुभूति देने की आवश्यकता है।’’

विरोध प्रदर्शन करने वाले पुलिस के ख़िलाफ़ याचिका

दिल्ली उच्च न्यायालय में गुरुवार को एक याचिका दायर कर तीस हजारी अदालत परिसर में दो नवंबर की झड़प के मद्देनजर सार्वजनिक प्रदर्शन करने और ‘धरना’ करने वाले पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प से संबंधित मामला अदालत के विचाराधीन होने के बावजूद सोशल मीडिया में बयान जारी करने वाले पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिये दायर जनहित याचिका को शुक्रवार को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया गया है।

यह याचिका वकील राकेश कुमार लकड़ा ने दायर की है। इसमें केन्द्र के साथ ही दिल्ली पुलिस, इसके आयुक्त अमूल्य पटनायक, अरुणाचल प्रदेश के पुलिस उपमहानिरीक्षक मधुर वर्मा, दिल्ली पुलिस के उपायुक्त असलम खान, एनआईए की पुलिस अधीक्षक संयुक्ता पराशर को पक्षकार बनाया गया है।

वकील अब भी कामकाज से दूर

साकेत ज़िला अदालत परिसर के प्रवेश द्वार पर बृहस्पतिवार को वकीलों ने मुकदमा लड़ने वाले लोगों का फूल देकर स्वागत किया और खुद लगातार चौथे दिन काम से दूर रहे। बता दें कि तीस हजारी अदालत में दो नवंबर को पुलिस के साथ झड़प के विरोध में वकील प्रदर्शन कर रहे हैं।

सभी छह ज़िला अदालतों तीस हजारी, साकेत, कड़कड़डूमा, रोहिणी, पटियाला हाउस और द्वारका में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। हालांकि आज वादियों और पुलिस को अदालत परिसर के अंदर आने दिया जा रहा है।

ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन की समन्वय समिति के महासचिव अधिवक्ता डी.एस. कसाना ने बताया कि साकेत अदालत में वकीलों और आम लोगों के बीच टकराव के बाद वादियों को अपने अपने मामलों की सुनवाई संबंध में अदालत कक्ष में जाने दिया जा रहा है और मामलों में तारीख़ लेने के लिये वकीलों की जगह कोई और व्यक्ति उपस्थित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने वकीलों और मुवक्किलों समेत करीब 1,000 लोगों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की है। हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। बार के निजी सुरक्षा गार्ड आज सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।’’

नई दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.के. वाधवा ने कहा कि पटियाला कोर्ट में मुकदमा लड़ने वालों को भीतर आने दिया जा रहा है और वकीलों की जगह कोई और उपस्थित हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमलोग पुलिस को अदालत परिसर में घुसने और उन्हें अपनी ड्यूटी करने से नहीं रोक रहे हैं। वे अपने कारण से नहीं आ रहे हैं।’’

तीस हजारी अदालत में दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव जयवीर सिंह चौहान ने कहा कि बार अदालत परिसर में सुरक्षा का जिम्मा देख रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘वकील अदालत में आने वाले लोगों की सुरक्षा जांच कर रहे हैं। सभी का स्वागत है। स्थिति यहां शांतिपूर्ण है।’’

रोहिणी अदालत में प्रदर्शन का हिस्सा रहे वकील संजीव कुमार ओझा ने कहा कि मुकदमा लड़ने वाले आ रहे हैं लेकिन उनकी तादाद कम है।

( समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Delhi Police -lawyers
Amulya Patnaik
Police Protest
lawyer protest
Tees hazari court
Delhi High court
Police and Lawyer Dispute

Related Stories

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में की हड़ताल

ओपन बुक परीक्षा: अन्याय और भेदभाव पर आधारित

दिल्ली हाई कोर्ट ने शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग वाली याचिका खारिज की

JNU: पुलिस की दबंगई छात्रों पर ही क्यों?

पुलिस-वकील टकराव में कौन गुनहगार-कौन मासूम!

दिल्ली के पुलिसकर्मियों ने साथियों पर हमले के विरोध में पुलिस मुख्यालय पर किया प्रदर्शन

रविदास मंदिर गिराए जाने के खिलाफ हजारों दलितों ने किया प्रदर्शन

डीयू दाखिला मामला : हाईकोर्ट के फैसले से छात्र खुश, लेकिन अभी कई सवाल बाक़ी

उत्तर प्रदेश :बार काउंसिल की अध्यक्ष दर्वेश की हत्या के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • general strike
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?
    27 Mar 2022
    भारत के औद्योगिक श्रमिक, कर्मचारी, किसान और खेतिहर मज़दूर ‘लोग बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ 28-29 मार्च 2022 को दो दिवसीय आम हड़ताल करेंगे। इसका मतलब यह है कि न सिर्फ देश के विशाल विनिर्माण क्षेत्र…
  • Bhagat Singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    शहीद भगत सिंह के इतिहास पर एस. इरफ़ान हबीब
    27 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन ने बात की है इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब से भगत सिंह के इतिहास पर।
  • Raghav Chadha
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब में राघव चड्ढा की भूमिका से लेकर सोनिया गांधी की चुनौतियों तक..
    27 Mar 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर एकबार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन…
  • jaunpur violence against dalits
    विजय विनीत
    उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप
    27 Mar 2022
    आरोप है कि बदलापुर थाने में औरतों और बच्चियों को पीटने से पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। पहले उनके कपड़े उतरवाए गए और फिर बेरहमी से पीटा गया। औरतों और लड़कियों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे…
  • सोनिया यादव
    अपने ही देश में नस्लभेद अपनों को पराया बना देता है!
    27 Mar 2022
    भारत का संविधान सभी को धर्म, जाति, भाषा, वेशभूषा से परे बिना किसी भेदभाव के एक समान होने की बात करता है, लेकिन नस्लीय भेद इस अनेकता में एकता की भावना को कलंकित करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License