NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
टोरंटो में बेघरों के शिविरों पर पुलिस की कार्रवाई, 26 गिरफ़्तार
लैम्पपोर्ट स्टेडियम के पार्क में एक शिविर को खाली करने के लिए टोरंटो शहर प्रशासन के आदेश पर पुलिस ने घेरा और बैरिकेड्स को तोड़ दिया, जहां कई बेघर लोग हफ़्तों से रह रहे थे।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jul 2021
टोरंटो में बेघरों के शिविरों पर पुलिस की कार्रवाई, 26 गिरफ़्तार

कनाडा के टोरंटो में बुधवार को बेघरों के एक बड़े शिविर पर हिंसक कार्रवाई में 26 गिरफ्तारियां हुईं और वहीं कई लोग घायल हो गए। लैम्पपोर्ट स्टेडियम में हुई हिंसा शहर के एलेक्जेंड्रा पार्क में दर्जनों बेघर लोगों की इसी तरह की हिंसक बेदखली के बाद हुई।

शहर के बेघर शिविरों में रहने वाले लोगों के लिए समर्थन जुटाने वाले एक्टिविस्टों के एक गठबंधन एनकैंपमेंट सपोर्ट नेटवर्क टोरंटो ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इस बेदखली के विरोधी आयोजकों के अनुसार, अनुमान लगाया गया कि सैकड़ों लोग लैमपोर्ट स्टेडियम में इकट्ठा हुए थे जिनमें से अधिकांश पास के निवासी और एक्टिविस्ट थें। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बुधवार को आठ घंटे से अधिक समय तक झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इसमें खासकर प्रदर्शनकारी घायल हुए।

इस समूह द्वारा जारी बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 26 लोगों में से एक व्यक्ति की कलाई पुलिस की गिरफ्तारी में घायल हो गई और "कई लोग ईआर (आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं) में हैं।" गिरफ्तार लोगों में से कम से कम एक व्यक्ति शिविर का रहने वाला था। स्थानीय निवासियों और प्रदर्शनकारियों को सख्त अतिक्रमण के आरोपों की भी धमकी दी गई थी जो अगर दोषी ठहराया जाता है तो उसे 10,000 (लगभग 8,000 अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना हो सकता है।

बयान में कहा गया कि "आपको भंग करना चाहिए।" बयान में आगे कहा गया, "यह तब होता है जब हम हार नहीं मानते हैं। पुलिस हिंसा का इस्तेमाल करती है। पुलिस निजी संपत्ति की रक्षा करती है। हम एक दूसरे की रक्षा करते हैं। लोग एकजुट रहेंगे।"

शहर ने सार्वजनिक स्थानों के आधार पर टोरंटो में चार प्रमुख शिविरों को अतिक्रमण का नोटिस दिया था, जिसमें लैमपोर्ट स्टेडियम उनमें से एक था जिसमें 14 से 17 लोगों रहते थे। इस सप्ताह की शुरुआत में एलेक्जेंड्रा पार्क की बेदखली के दौरान पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया और 26 से अधिक लोगों को बेदखल किया। शहरी प्रशासन ने शहर में COVID-19 मामलों में बढ़ती वृद्धि के मद्देनजर इस निर्णय को सही ठहराया और कहा कि शिविर में रहने वाले लोग असुरक्षित हैं।

Toronto
canada

Related Stories

पंजाब: अपने लिए राजनीतिक ज़मीन का दावा करतीं महिला किसान

अधिकार समूहों ने कनाडा से सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री रोकने को कहा

कनाडा : अनुबंध वार्ता विफल होने के बाद 2,400 से अधिक खनिकों ने हड़ताल की

इज़रायल से ड्रोन ख़रीदने के कनाडा के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध तेज़

कनाडा ने ट्रम्प समर्थक, श्वेत वर्चस्ववादी समूह "प्राउड बॉयज़" को आतंकवादी संगठन घोषित किया

‘भांग कोई ख़तरनाक मादक पदार्थ नहीं’,संयुक्त राष्ट्र की इस नयी धारणा का क्या मायने ?

फ़ेसबुक ने पाइपलाइन विरोधी सोशल मीडिया अभियान से कुछ ही दिन पहले दर्जनों खातों को ब्लॉक किया

भारत को फ़ाइव आइज़ देशों के साथ नहीं होना चाहिए

कनाडा और लैटिन अमेरिका को एन95 मास्क निर्यात करने पर अमेरिका की रोक

कनाडा : कोर्ट ने गैस पाइपलाइन के ख़िलाफ़ स्वदेशी लोगों की याचिका को ख़ारिज किया


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License