NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में पुलिस सुधार बिल पास, फंड कटौती की मांग जारी
व्यापक सुधार वाला ये बिल "चोकहोल्ड्स" और "नो-नॉक वॉरंट" को समाप्त करेगा जबकि पुलिस के लिए योग्य प्रतिरक्षा को भी सीमित करेगा।
पीपल्स डिस्पैच
04 Mar 2021
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में पुलिस सुधार बिल पास, फंड कटौती की मांग जारी

संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि सभा ने बुधवार 3 मार्च को डेमोक्रेटिक पार्टी के पुलिस सुधार अधिनियम पारित कर दिया। पार्टी लाइन पर वोट विभाजन में सदन ने जॉर्ज फ़्लॉयड जस्टिस इन पुलिसिंग एक्ट को पारित करने के पक्ष में 220-212 से मतदान किया। ये अधिनियम देश भर के पुलिस विभागों में व्यापक सुधारों को लागू करने की मांग करता है। जून 2020 में इस बिल को पहले इस सदन में पेश किया गया था। जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत की प्रतिक्रिया में नस्लवाद के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद इस बिल को लाया गया था। फ्लॉयड की हत्या के बाद उनके नाम पर इस बिल का नाम रखा गया।

अन्य चीजों के अलावा ये बिल पुलिस दुर्व्यवहार या अत्यधिक बल के इस्तेमाल की जांच करने के लिए फेडरल जस्टिस डिपार्टमेंट और स्टेट अटॉर्नी जनरल को शक्ति प्रदान करेगा। यह फेडरल इनफोर्समेंट एजेंसियों द्वारा बलों के इस्तेमाल के सीमित करने के लिए यूनिफॉर्म्ड ऑफिसर पर डैशबोर्ड कैमरा और बॉडी कैमरा के इस्तेमाल को सुनिश्चित करेगा। यह पुलिस के दुर्व्यवहार के लिए फेडरल रजिस्ट्री का निर्माण करेगा। यह पुलिस के लिए हथियारों और मिलिट्री ग्रेड उपकरणों के हस्तानांतरण के सीमित करेगा।

पुलिस द्वारा कई मौतों के लिए जिम्मेदार "नो-नॉक वॉरंट" और "चोकहोल्ड्स" को प्रतिबंधित करते हुए इस बिल के जरिए पुलिसिंग में प्रक्रियात्मक आमूल चूल परिवर्तन लाने की भी कोशिश की जाएगी। एक डेटा प्रोजेक्ट मैपिंग पुलिस वायलेंस के अनुसार कानून प्रवर्तन एजेंसियां साल 2020 में 1,127 हत्याओं के लिए जिम्मेदार हैं जिनमें से 28% केवल अश्वेत थें जो कि उनकी आबादी के लगभग 13% की जनसांख्यिकीय हिस्सेदारी की तुलना में बड़ी संख्या है। पिछले सप्ताह इस बिल को पेश करने के दौरान पेलोसी ने अपने बयान में कहा, "जॉर्ज फ्लॉयड जस्टिस इन पोलिसिंग एक्ट सिस्टेमिक रेसिज्म से निपटेगा, पुलिस की बर्बरता पर अंकुश लगाएगा और लोगों की जिंंदगी को बचाएगा।"

इस बिल को जून 2020 में इस सदन द्वारा पारित किया गया था लेकिन कांग्रेस के गतिरोध के चलते अटक गया था क्योंकि तब रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया था जिसने इसका विरोध किया था। इस बिल का पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भी कड़ा विरोध किया गया था जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों द्वारा इस बिल के पारित होने पर वीटो की बात कही थी। इस साल 24 फरवरी को फिर से कांग्रेस के अधिवेशन में इस बिल को फिर से पेश किया गया था और अब इस सदन के बाद सीनेट में पेश किया जाएगा।

चूंकि सीनेट रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच 50-50 से विभाजित है ऐसे में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस इस सदन के पीठासीन अधिकारी के रूप में टाई-ब्रेकर वोट करती हैं। डेमोक्रेट को अभी भी सीनेट में देरी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि इसे 60 वोटों की जरुरत पड़ेगी।

इस बिल के व्यापक दायरे और पिछले वर्ष के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हत्या और संस्थागत नस्लवाद के खिलाफ जनता को लामबंद करने वाले एक्टिविस्टों, स्थापित नागरिक अधिकार समूहों से प्राप्त समर्थन के बावजूद इन समूहों ने कहा है कि उम्मीद के अनुसार इस बिल में कमी है।

US
America
White house
Democratic Party
Police reform act

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • up
    न्यूज़क्लिक टीम
    शिक्षक उम्मीदवारों ने योगी सरकार को दी 2022 के लिए चुनौती
    07 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक ने इस ग्राउंड रिपोर्ट में लखनऊ में जून 2021 से चल शिक्षक उमीदवारों के विरोध प्रदर्शन में शामिल उमीदवारों से बात की| दरअसल, 2019 उत्तर प्रदेश शिक्षक प्रवेश परीक्षा में 69,000 सहायक…
  • Abahlali
    पवन कुलकर्णी
    अबहलाली बेस के नवनिर्वाचित महासचिव मजोंडोलो का संकल्प: "हम प्रतिरोध करेंगे"
    07 Dec 2021
    अपने ज़बरदस्त दमन के दौरान भी अपने प्रभाव का विस्तार करते हुए आयोजित होती रहने वाली अबहलाली बेस मजोंडोलो की इस कांग्रेस ने दक्षिण अफ़्रीका के झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे लोगों के इस आंदोलन को लेकर…
  • Omicron
    संदीपन तालुकदार
    ओमिक्रॉन: प्राथमिक अध्ययन के मुताबिक दोबारा हो सकता है कोरोना संक्रमण
    07 Dec 2021
    एंटीबॉडी, ओमिक्रॉन पर कैसे हमला करती हैं, अभी इसे देखने के लिए परीक्षण चल रहे हैं और आने वाले हफ़्ते में इनके जारी होने की संभावना है।
  • democracy
    डॉ. राजू पाण्डेय
    संविधान दिवस की गूंज और लोकतंत्र को कमज़ोर करने के सुनियोजित प्रयास
    07 Dec 2021
    फ्रीडम हाउस के अनुसार जब से नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं तब से राजनीतिक अधिकारों और नागरिक स्वतन्त्रता में गिरावट आई है और यह गिरावट 2019 में मोदी जी के दुबारा चुने जाने के बाद और तेज…
  • Sudha Bharadwaj
    भाषा
    एल्गार परिषद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुधा भारद्वाज की ज़मानत के ख़िलाफ़ एनआईए की याचिका ख़ारिज की
    07 Dec 2021
    न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने एनआईए की दलीलों पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘हमें उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License