NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
कांग्रेस के मार्च को पुलिस ने रोका, प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में लिए गए
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पुलिस प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को मौके से बस के जरिए स्थानीय थाने ले गई।  
भाषा
24 Dec 2020
कांग्रेस के मार्च को पुलिस ने रोका, प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में लिए गए
Image courtesy: TOI

नयी दिल्ली:  केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति भवन की तरफ मार्च निकाल रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने बृहस्पतिवार को रोक दिया और महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कई पार्टी नेताओं को हिरासत में ले लिया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय से कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति भवन की तरफ मार्च आरंभ किया जिसे कुछ ही दूरी पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस के नेता वहीं बैठ गए और प्रदर्शन किया। बाद में इन नेताओं को हिरासत में लिया गया।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पुलिस प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को मौके से बस के जरिए स्थानीय थाने ले गई।

पार्टी की ओर से जारी वीडियो के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका ने कहा, ‘‘अगर हर चीज के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हैं तो सरकार पांच साल तक नहीं चल सकती। जनता के प्रति सरकार की जिम्मेदारी है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार किसानों की आवाज सुनेगी तो इस मामले का हल निकलेगा।

कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे भी लगाए।

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के कई नेता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को करीब दो करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंऐंगे और कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करेंगे।

Congress
Farm Bills
Protest Against Farm Laws
delhi police
PRIYANKA GANDHI VADRA

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

दिल्ली: प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर पुलिस का बल प्रयोग, नाराज़ डॉक्टरों ने काम बंद का किया ऐलान

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

'अच्छे दिन’ नहीं चाहिए, बस ये बता दो कब होगी रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा?


बाकी खबरें

  • Kusmunda coal mine
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    भू-विस्थापितों के आंदोलन से कुसमुंडा खदान बंद : लिखित आश्वासन, पर आंदोलन जारी
    01 Nov 2021
    कुसमुंडा में कोयला खनन के लिए 1978 से 2004 तक कई गांवों के हजारों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन अधिग्रहण के 40 वर्ष बाद भी भू-विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और एसईसीएल दफ्तरों…
  • Puducherry
    हर्षवर्धन
    विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका
    01 Nov 2021
    आज एक नवंबर के दिन ही 1954 में पांडिचेरी फ्रांस से आज़ाद हुआ था। पांडिचेरी फ्रांस की गुलामी से आज़ाद कैसे हुआ और उसका भारत में विलय कैसे हुआ यह कहानी आम भारतीय जनमानस से कोसो-कोस दूर है। आइए जानते…
  • education
    प्रभात पटनायक
    विचार: एक समरूप शिक्षा प्रणाली हिंदुत्व के साथ अच्छी तरह मेल खाती है
    01 Nov 2021
    वैश्वीकृत पूंजी के लिए, अपने कर्मचारी भर्ती करने के लिए, ऐसे शिक्षित मध्यवर्ग की उपस्थिति आदर्श होगी, जो हर जगह जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, एक जैसा हो। शिक्षा का ऐसा एकरूपीकरण हिंदुत्व के जोर से…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है
    01 Nov 2021
    3 करोड़ की आबादी वाले यमन ने इस युद्ध में 2,50,000 से अधिक लोगों को खो दिया है, इनमें से आधे लोग युद्ध की हिंसा में मारे गए और बाक़ी आधे लोग भुखमरी और हैज़ा जैसी बीमारियों की वजह से।
  • Amit Shah
    सुबोध वर्मा
    लखनऊ में अमित शाह:  फिर किया पुराने जुमलों का रुख
    01 Nov 2021
    एक अहम स्वीकारोक्ति में शाह ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को 2024 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ जोड़ दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License