NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सियासत: हर दल में अयोध्या जाने की होड़
बीएसपी ने अयोध्या में राम दर्शन से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की तो 14 सितंबर को ‘आप’ की तिरंगा यात्रा “श्रीराम जन्मभूमि” जाएगी। ओवैसी भी अपने तीन दिनों के यूपी दौरे की शुरुआत अयोध्या से कर रहे हैं।
असद रिज़वी
04 Sep 2021
 आम आदमी पार्टी द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा जो 14 अगस्त को लखनऊ से शुरू हुई। यह 14 सितंबर को अयोध्या में निकाली जाएगी।
आम आदमी पार्टी द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा जो 14 अगस्त को लखनऊ से शुरू हुई। यह 14 सितंबर को अयोध्या में निकाली जाएगी।

उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले चुनावों से पहले सियासी दलों में “अयोध्या” जाने की होड़ चल रही है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने अपना चुनाव अभियान भगवान “श्री राम” के दर्शन शुरू किया, तो आम आदमी पार्टी (आप) की “तिरंगा यात्रा” 14 सितंबर को “श्रीराम जन्मभूमि” जायेगी।

2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से प्रदेश में सभी राजनीतिक पार्टियों का “सॉफ़्ट हिंदुत्व” की तरफ़ झुकाव बढ़ा है। समाजवादी पार्टी ने भी वादा किया है अगर सत्ता में आई तो प्रत्येक ज़िले में “भगवान परशुराम” मूर्तियाँ स्थापित करेगी।

दरअस्ल 2014 व 2019 आम चुनावों में और 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को प्रदेश में हिंदुत्व का चेहरा कहे जाने वाले नरेंद्र मोदी के नाम पर ज़बर्दस्त बहुमत हासिल हुआ। जिसके बाद से लगभग सभी पार्टियों में अपनी मूल विचारधारा छोड़कर “सॉफ़्ट हिंदुत्व” का फ़ार्मूला अपना लिया है।

आप द्वारा प्रदेश में “तिरंगा यात्रा” निकली जा रही है। पार्टी ने 14 अगस्त से प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तिरंगा यात्रा करना शुरू कर दिया है। लखनऊ, आगरा, नोएडा के बाद अयोध्या की बारी है।

मीडिया की खबरों के मुताबिक़ इस महीने 14 तारीख़ को यात्रा अयोध्या में निकलेगी। यात्रा को ‘श्री राम मंदिर’ पर दर्शन के लिए भी रोका जायेगा। इसके अलावा यात्रा हनुमान गढ़ी भी जायेगी। इसका साफ़ अर्थ है आप भी राष्ट्रवाद और धर्म की राजनीति के सहारे चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

बताया जा रहा है कि अयोध्या में यात्रा के दौरान पार्टी के सांसद व प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष मनीष सिसोदिया दोनों रहेंगे। नवाब शुजाउद्दौला के मक़बरे (गुलाब बाड़ी) से शुरू होकर तिरंगा यात्रा “श्री राम मंदिर” होते हुए गाँधी पार्क पर ख़त्म होगी।

आप का कहना है कि पार्टी के देश और प्रदेश के कुछ शीर्ष नेता “श्री राम”  दर्शन के लिए जाएंगे। पार्टी के प्रदेश संयोजक वैभव महेश्वरी का कहना है की यह सम्भव नहीं की पूरी यात्रा को मंदिर परिसर तक ले जाया जा सके। क्योंकि यात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। हालाँकि महेश्वरी ने बताया कि पार्टी के कुछ बड़े नेता अयोध्या के दौरे के समय दर्शन को जायेंगे।

बसपा ने भी अपने चुनाव अभियान की शुरुआत से ब्राह्मण समाज को आकर्षित करने के लिए “प्रबुद्ध समाज गोष्ठी” से की हैं। अयोध्या में 23 जुलाई को हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के महासचिव सतीश मिश्रा ने की थी।

गोष्ठी से पहले बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, “श्री राम मंदिर”, हनुमान गढ़ी और सरयू के किनारे पूजा करने गये। ऐसा पहली बार हुआ कि ऐतिहासिक “बाबरी मस्जिद” स्थल पर बन रहे “श्री राम मंदिर” के निर्माण स्थल पर बसपा का कोई नेता औपचारिक तौर पर गया।

बसपा के कार्यक्रम में “जय श्री राम” के नारे भी लगे। इतना ही नहीं सतीश मिश्रा ने मंदिर के काम को धीरा चलता देख नाराज़गी भी दिखाई। उन्होंने कहा प्रदेश में उनकी सरकार बनते ही तुरंत मंदिर निर्माण का काम पूरा किया जायेगा।

प्रमुख विपक्षी दल सपा भी अब इसी तरह की हिन्दू राजनीति के सहारे है। पार्टी के नेता और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे अभिषेक मिश्रा ने एक बयान में कहा कि अगर सपा की सरकार बनी तो सभी 75 ज़िलों में भगवान परशुराम की मूर्तियाँ स्थापित की जायेगी।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी तीन दिनों के दौरे पर प्रदेश पहुंच रहे हैं। अपने दौरे की शुरुआत ओवैसी सात सितंबर को अयोध्या से कर रहे हैं। जहां रूदौली कस्बे में वे वंचित शोषित सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

वाम नेता मानते हैं कि विपक्षी पार्टियों को वह करने के बदले जो काम भाजपा के नेता कर रहे हैं, रोज़गार, स्वास्थ्य और शिक्षा पर बात करना चाहिए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषनी अली कहती हैं कि धर्म के नाम पर राजनीति करने में भाजपा माहिर है, विपक्ष को विकास की राजनीति करना होगी।

सुभाषनी के अनुसार विपक्ष को देश को “धर्म” के नाम पर हो रही राजनीति से निकालकर मूल मुद्दों पर लाना होगा। जनता को बताना चाहिए की उनके पास रोज़गार-शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए क्या वैकल्पिक नीतियाँ हैं। उन्होंने कहा कि जब लाखों नौजवान अपनी नौकरियाँ खो रहे हैं, प्रदेश में बच्चे बुख़ार से मर रहे हैं, ऐसे में विपक्ष की ज़िम्मेदारी है कि वह जनता को बताये, वह सत्ता में आकर बिगड़ी हुई व्यवस्था में सुधार कैसे लायेंगे।

राजनीति के जानकार मानते हैं कि जो नेता या पार्टियाँ अयोध्या जा रही हैं वह भाजपा-और संघ की मदद कर रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार यूसुफ़ किरमानी कहते हैं कि भाजपा और संघ दोनो चाहते हैं कि अयोध्या हमेशा राजनीति और चर्चा के केंद्र में बनी रहे। किसी भी पार्टी का नेता वहाँ दर्शन करने जाये-लेकिन जब भी अयोध्या का नाम आयेगा, वोटों का ध्रुवीकरण होगा। जिसका सीधा फ़ायदा भाजपा को ही मिलेगा।

राजनीति समीक्षक शरत प्रधान भी मानते हैं कि विपक्ष असल मुद्दों से भटक रहा है। उनका कहना है कि अयोध्या, भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है और इसमें उसको कोई नहीं हरा सकता है। शरत प्रधान कहते हैं की भगवान श्रीराम के आदर्शों को छोड़कर सभी पार्टियाँ केवल उनके नाम पर अपना राजनीतिक लक्ष्य हासिल करने की प्रतिस्पर्द्धा में लगी हैं।

मौजूदा वक़्त में जब सरकार के विरुद्ध विपक्ष ने पास स्वास्थ्य सेवाओं में कुप्रबंध, महँगाई और बढ़ती बेरोज़गारी जैसे मुद्दे हैं। इसके बावजूद विपक्ष इन पर सरकार को घेरने के बदले, अपनी ताक़त स्वयं को हिंदू समर्थक दिखाने में लगा रहा है। जबकि इस मुद्दे पर भाजपा से अभी तक टक्कर नहीं ले सका है। विपक्ष को सफलता जहाँ में मिली है वह भाजपा के कुशासन को चुनौती देकर ही मिली है।

UttarPradesh
UP ELections 2022
ayodhya
Religion and Politics
AAP
BSP
AIMIM
Asaduddin Owaisi
Yogi Adityanath

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक


बाकी खबरें

  • privatization
    अजय कुमार
    प्राइवेटाइजेशन की नीति से भारत को फ़ायदा या नुक़सान? चीन ने कैसे पछाड़ा अमेरिका को!
    26 Sep 2021
    फॉर्चून मैगजीन ने दुनिया की 500 सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की लिस्ट दी है। इस लिस्ट के मुताबिक चीन की बड़ी कंपनियों ने अमेरिका की कई कंपनियों को अधिग्रहित कर लिया है। 500 कंपनियों की इस लिस्ट में …
  • Kamla Bhasin
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हवाओं सी बन रही हैं लड़कियां… उन्हें मंज़ूर नहीं बेवजह रोका जाना
    26 Sep 2021
    इतवार की कविता: अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस...कमला भसीन और उमड़ती लड़कियां।
  • Hafte ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    जनगणना-विवाद, बेहाल असम और पीएम मोदी का यूएस दौरा
    25 Sep 2021
    हफ़्ते की तीन बड़ी खबरों की व्याख्या सहित चर्चा: 1. सन् 2011 से पहले कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने संसद और संसद के बाहर वादा किया था कि 2011 की जनगणना में SC/ST की तरह OBC की भी गणना कराई…
  • germany election polls
    उपेंद्र स्वामी
    दुनियाभर की: संसदीय चुनावों में वामपंथी धड़े की जीत की संभावना से जर्मनी के धनकुबेर परेशान
    25 Sep 2021
    जर्मनी के ये चुनाव महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 16 साल बाद चांसलर एंजेला मर्केल अपने पद से हट रही हैं।
  • CAA
    असद रिज़वी
    CAA विरोधी आंंदोलन: कोर्ट का योगी सरकार को झटका, प्रदर्शनकारियों की ज़मानत रद्द करने से किया इंकार
    25 Sep 2021
    यूपी सरकार ने ज़िला अदालत में अर्ज़ी देकर कहा था कि तीन प्रदर्शनकारियों (कांग्रेस नेता सदफ़ जाफ़र, रंगकर्मी दीपक मिश्रा “कबीर” और अधिवक्ता मोहम्मद शोएब ) द्वारा ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License