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पोर्टलैंडः पुलिस भवन में आग की घटना को "दंगा" घोषित करने के बाद विरोध प्रदर्शन तेज़
पोर्टलैंड पुलिस एसोसिएशन कार्यालय में आग लगने की दूसरी घटना के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को जबरन तितर बितर किया गया।
पीपल्स डिस्पैच
10 Aug 2020
Portland

पोर्टलैंड पुलिस ने शहर में चल रहे प्रदर्शनों को रविवार 9 अगस्त को "दंगा" घोषित कर दिया। एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस एसोसिएशन के भवन में आग लगा दी थी जिसके बाद ये घोषणा की गई। शहर के इस स्थान पर निरंतर प्रदर्शन किया जाता रहा है। दंगे की घोषणा के साथ पुलिस ने भवन के बाहर सैकड़ों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए फ्लैशबंग और आंसू गैस के गोले छोड़े।

ये भवन पोर्टलैंड पुलिस एसोसिएशन का कार्यालय है। पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए नौ लोगों को गिरफ्तार किया।

एसोसिएशन बिल्डिंग में दूसरी बार आग लगाने की घटना हुई। एक महीने से अधिक समय से व्यापक सुधार की मांग करते हुए इस भवन में प्रदर्शनकारियों द्वारा रात भर प्रदर्शन और नाकेबंदी की गई। प्रदर्शनकारियों को स्प्रे-पेंटिंग से दीवार पर चित्र बनाते हुए और नारे लिखते हुए पाया गया। इन नारों में "पुलिस को ख़त्म करने" जैसे वाक्य पढ़े जा सकते हैं।

पुलिस एसोसिएशन पर विशेष रूप से नस्लवादी भेदभाव और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा के आरोपी अधिकारियों की रक्षा करने का आरोप लगाया गया है। पोर्टलैंड सिटी कमिशन में सेवा देने वाले शहर के पहले अश्वेत पार्षद जो एनी हार्डेस्टी (Jo Anne Hardesty) ने बताया है कि तीस साल से अधिक समय से पुलिस सुधारों की माँग की जा रही है।

हार्डेस्टी ने जब से चुनाव जीता है तब से वे सुधारों की मांग करती रही हैं। उन्होंने कहा, “सिर्फ एक सुधार की मांग करने के लिए तीस साल बहुत लंबा समय होता है। अब फर्क यह है कि बड़ी संख्या में पोर्टलैंडवासी यही सुधार चाहते हैं।”

सरकारी अधिकारियों द्वारा शहर से पिछले महीने संघीय बलों को हटाए जाने के बाद भीड़ को जबरन हटाना शहर की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सबसे बड़ा टकराव का मामला है। पोर्टलैंड प्रदर्शनकारियों और क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बड़े टकराव का स्थान रहा है।

संघीय बलों की उपस्थिति और इसके द्वारा जुलाई महीने में अवैध हिरासत की रिपोर्ट के बाद डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के ख़िलाफ़ देशव्यापी गुस्सा भड़क गया। मई महीने में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से भड़के और पुलिसिया दमन और नस्लवाद के ख़िलाफ़ देशव्यापी विरोध पोर्टलैंड में कई घटनाओं के साथ तेज़ हो गया है।

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