NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पोर्टलैंड : प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई को लेकर ट्रंप प्रशासन के ख़िलाफ़ नाराज़गी
शनिवार को नस्लवाद-विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई और दर्जनों "ग़ैरक़ानूनी हिरासत" लोगों की इस नाराज़गी के कारण थे।
पीपल्स डिस्पैच
20 Jul 2020
Portland

ओरेगन के पोर्टलैंड शहर में विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सशस्त्र सुरक्षा बलों की तैनाती ने पूरे अमेरिका में बड़े पैमाने पर क्रोध पैदा कर दिया है। रविवार 19 जुलाई को ओरेगन प्रांत के अटॉर्नी जनरल एलेन रोसेनब्लम ने प्रदर्शनकारियों के "ग़ैरक़ानूनी हिरासत" को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में संघीय प्रशासन के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया।

यह मुक़दमा इस राज्य के राजनेताओं द्वारा इस राज्य के संघीय सुरक्षा बलों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई के खिलाफ कई प्रतिक्रियाओं के बीच है। इसी दिन पोर्टलैंड के मेयर ने संघीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई को "घृणित" बताते हुए सभी संघीय बलों को शहर से हटाने के लिए फिर से आह्वान किया था। इस राज्य के गवर्नर केटे ब्राउन ने भी प्रशासन द्वारा सुरक्षाबलों की तैनाती को "संपूर्ण रूप से राजनीतिक युद्ध क्षेत्र" बताया।

रोसेनब्लम का मुक़दमा अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस), द्वारा तैनात किए गए संघीय सुरक्षा बलों को रोक की मांग करता है, विशेष रूप से इस राज्य में प्रदर्शानकारियों की गिरफ़्तारी और हिरासत से यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर पेट्रोल (सीबीपी) और फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस (एफपीएस) की रोक की मांग करता है।

शनिवार 18 जुलाई को पोर्टलैंड पुलिस एसोसिएशन बिल्डिंग के बाहर प्रदर्शनकारियों को संघीय अधिकारियों के हिंसक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा। इन अधिकारियों ने इसे "दंगा" घोषित किया था। इन अधिकारियों द्वारा आंसू गैस, काली मिर्च के स्प्रे और "कम घातक" युद्ध सामग्री के इस्तेमाल की रिपोर्ट सामने आई थी। अकारण प्रदर्शनकारियों पर हमला करने का आरोप सुरक्षाबलों पर प्रदर्शनकारियों ने लगाया। घटनास्थल पर मौजूद कई पत्रकारों ने भी अधिकारियों द्वारा धमकाने और हमला करने की शिकायत की।

इसके अलावा एक सप्ताह से अधिक समय तक अदालत में पेश किए जाने से पहले प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों द्वारा अज्ञात वाहनों में ले जाने और घंटों तक हिरासत में रखने का आरोप लगाया है। कई प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा है कि उन्हें उनका 'मिरांडा राइट्स’ नहीं बताया गया था। इसके बारे में क़ानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा विशेष चेतावनी दी जाती है कि किसी भी सूचना को साझा न करें।

पोर्टलैंड के नागरिक 25 मई को मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद से नस्लवाद और पुलिस हत्याओं के ख़िलाफ़ रात भर का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जुलाई के शुरु में होमलैंड सिक्योरिटी के एक्टिंग सेक्रेटरी चैड वोल्फ के अधीन डीएचएस विरोध प्रदर्शन को तितर बितर करने के लिए ओरेगन प्रांत में संघीय बलों को तैनात करते रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले ही विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए संघीय सैनिकों को तैनात करने की अपनी इच्छा जता दी थी।

Portland
Protest against racism
Racism
Donand Trump

Related Stories

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

प्रधानमंत्री ने गलत समझा : गांधी पर बनी किसी बायोपिक से ज़्यादा शानदार है उनका जीवन 

सरकारों द्वारा होने वाली आर्थिक हिंसा की तरह है बढ़ती असमानता- ऑक्सफ़ैम रिपोर्ट

नस्लवाद के आरोपों के बाद वॉन बीबीसी के शो से बाहर

दुनिया में अंतर्निहित नस्लवाद और असहिष्णुता के मूल कारणों की पड़ताल

क़यामत का एक निरर्थक गिरजाघर

संसद में नस्लवादी फ़िलिस्तीन-विरोधी इज़रायली क़ानून बहुमत हासिल करने में विफल

अमेरिका : साम्राज्यवाद-विरोधियों ने चीन को निशाना बना रहे सीनेट बिल का विरोध किया

जॉर्ज फ़्लॉइड की पुण्यतिथि से पहले पूरे अमेरिका में सतर्कता बढ़ी

इस्राइल का दोहरा अपराध: उपनिवेशवाद और नस्लवाद


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने आशीष मिश्रा को दी गई जमानत रद्द करने की सिफारिश की
    02 Apr 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को 4 अप्रैल, 2022 तक एसआईटी द्वारा जारी रिपोर्ट का जवाब देने का निर्देश दिया
  • विजय विनीत
    यूपी बोर्डः पेपर लीक प्रकरण में "अमर उजाला" ने जेल जाने वाले अपने ही पत्रकारों से क्यों झाड़ लिया पल्ला?
    02 Apr 2022
    "मीडिया घरानों पर काबिज पूंजीपति भाजपा सरकार की जी-हुजूरी में चारणयुग को भी मात देने लगे हैं। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है कि जिन मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को सरकार और सरकारी मशीनरी…
  • तारो जूनिगा सिल्वा
    चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..
    02 Apr 2022
    संवैधानिक सभा की प्रक्रिया में श्रमिक खुद की एक यूनियन  भी बना रहे हैं ताकि श्रमिक अधिकारों को प्राथमिकता दी जा सके।
  • एम.ओबैद
    बीजेपी बिहार की सत्ता हासिल करना चाहती है या नीतीश सौंपना चाहते हैं!
    02 Apr 2022
    "नीतीश कुमार को लेकर जो अटकलें सरेआम हैं, वे कोई नई नहीं हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से ये चर्चा तेज है। उसी समय से इसकी सुगबुगाहट थी कि कम सीट मिलने पर भी नीतीश कुमार को सीएम बनाया गया है।"
  • तारिक अनवर
    सोनभद्र के ग्रामीणों को बीमार, अपंग बनाते पीने के पानी में मिले दूषित पदार्थ  
    02 Apr 2022
    फ़्लोरोसिस, सिलिकोसिस, कैंसर, टीबी आदि जैसी बीमारियों से पीड़ित इन ग्रामीणों का आरोप है कि सोनभद्र और सिंगरौली में स्थित थर्मल प्लांट से रसायनों का ख़तरनाक़ मिश्रण भू-जल और मिट्टी में रिस रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License