NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पॉक्सो के अभियुक्त को नहीं मिले दया याचिका का अधिकार : कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019 (पॉक्सो एक्ट) में अपराधियों को दया याचिका का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Dec 2019
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द
Image Courtesy: NDTV

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि पॉक्सो क़ानून के अधीन आने वाली घटनाओं में अभियुक्तों को दया के अधिकार से वंचित किया जाना चाहिए और उन्हें इस तरह का अधिकार दिए जाने की कोई ज़रूरत नहीं है।

राष्ट्रपति माउंट आबू में ब्रह्मकुमारी के मुख्यालय में सामाजिक परिवर्तन के लिए महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे।

महिलाओं व बच्चियों के ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों का ज़िक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, "इस तरह के जो अभियुक्त होते हैं उन्हें संविधान में दया याचिका अधिकार दिया गया है। और मैंने कहा है कि इस पर आप पुनर्विचार करिए।"

उन्होंने कहा, "पॉक्सो एक्ट के तहत आने वाली घटनाओं में उनको (अभियुक्तों को) दया याचिका के अधिकार से वंचित कर दिया जाए। उन्हें इस प्रकार के किसी भी अधिकार की ज़रूरत नहीं है।"

कोविंद ने कहा कि इस बारे में कोई क़दम संसद को उठाना है। कोविंद ने कहा, "अब यह सब हमारी संसद पर निर्भर करता है। उसमें एक संविधान है और उसमें संशोधन करने के लिए हम सब की सोच आगे बढ़ रही है।"

राष्ट्रपति ने कहा, "महिला सुरक्षा एक बहुत ही गंभीर विषय है। इस विषय पर बहुत काम हुआ है लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाक़ी है।"

उन्होंने कहा कि बेटियों पर होने वाले आसुरी प्रहारों की वारदातें देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। लड़कों में ‘महिलाओं के प्रति सम्मान’ की भावना मज़बूत बनाने की ज़िम्मेदारी हर माता-पिता की है।

(भाषा से इनपुट के साथ)

President Ram Nath Kovind
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द
Posco Law
Posco Act
New Delhi
Hyderabad

Related Stories

डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया

दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन

दिल्ली: अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हमलों के विरोध में माकपा का प्रदर्शन

"पॉक्सो मामले में सबसे ज़रूरी यौन अपराध की मंशा, न कि ‘स्किन टू स्किन’ टच!"

भारत को अफ़ग़ानिस्तान पर प्रभाव डालने के लिए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की ज़रूरत है

इंदौर: भीड़ द्वारा पीटे गए मुस्लिम चूड़ी वाले पर ही दर्ज हुई FIR, सवालों में पुलिस

नज़रिया: किन वजह से याद रखी जाएगी राष्ट्रपति की उत्तर प्रदेश यात्रा

राष्ट्रपति कोविंद विशेष ट्रेन से यूपी में अपने जन्मस्थान की यात्रा पर निकले

बॉम्बे हाईकोर्ट की जज गनेदीवाला के फ़ैसलों की आलोचना क्यों ज़रूरी है?

यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का बयान दुर्भाग्यपूर्ण क्यों है?


बाकी खबरें

  • भाषा
    सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ नया मामला दर्ज किया, कई जगह छापे मारे
    20 May 2022
    अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। 
  • भाषा
    पेगासस मामला : न्यायालय ने जांच रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा बढ़ाई
    20 May 2022
    शीर्ष अदालत ने कहा कि इजराइली स्पाईवेयर को लेकर 29 ‘प्रभावित’ मोबाइल फोन की जांच की जा रही है और यह प्रक्रिया चार हफ्ते में पूरी कर ली जानी चाहिए।
  • वसीम अकरम त्यागी
    ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है
    20 May 2022
    आज जब देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तब मेरठ शहर में नगर निगम की ओर से स्वच्छता अभियान के तहत शहर की प्रमुख दीवारों, चौराहों पर पेंटिंग बनाई गई हैं। लेकिन कुछ तत्वों को यह भी बर्दाश्त नहीं…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत
    20 May 2022
    जबकि यूक्रेन ने वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है, रूसी सेना ने इस सप्ताह के शुरू में मारियुपोल के अज़ोवस्टल स्टील प्लांट में सैकड़ों यूक्रेनी सेनाओं के आत्मसमर्पण के बाद डोनबास में एक बड़ी…
  • पवन कुलकर्णी
    दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 
    20 May 2022
    श्रमिकों की एक प्रमुख मांग उनके बीच में सबसे कम वेतन पाने वालों को R1,000 की मासिक वृद्धि को लेकर बनी हुई है। हालाँकि, कंपनी R800 से अधिक वेतन में वृद्धि करने से इंकार कर रही है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License