NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवा बहाल, इंटरनेट सुविधा नहीं
अधिकारियों ने कहा कि इस समय सेवाएं केवल पोस्टपेड कनेक्शन से फोन कॉल और एसएमएस के लिए होंगी। वॉट्सऐप समेत 25 लाख से अधिक प्रीपेड मोबाइल फोन और अन्य इंटरनेट सेवाएं अभी काम नहीं करेंगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Oct 2019
jammu and kashmir internet ban
Image courtesy: The Indian Express

श्रीनगर। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि कश्मीर में सोमवार दोपहर से पोस्टपेड मोबाइल सेवा शुरू कर दी गई है। इस तरह राज्य के करीब 40 लाख पोस्टपेड उपभोक्ता 72 दिन के बाद देशभर में, घाटी और अपने आस-पड़ोस में अपने परिवारों और दोस्तों से जुड़ गये। हालांकि इंटरनेट सेवाएं अभी शुरू नहीं की गयी हैं।

सरकार की ओर से शनिवार को की गई घोषणा के अनुसार सोमवार दोपहर से लोगों के फोन बजने लगे और घाटी में लोग फौरन मोबाइल पर अपने प्रियजनों से बात करने के लिए बेताब दिखे। लोग पांच अगस्त से फोन पर बात नहीं कर पा रहे थे। इसी दिन केंद्र ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने का फैसला किया था।

अधिकारियों ने कहा कि इस समय सेवाएं केवल पोस्टपेड कनेक्शन के लिए हैं। सुविधा केवल फोन कॉल और एसएमएस के लिए होंगी। वॉट्सऐप समेत 25 लाख से अधिक प्रीपेड मोबाइल फोन और अन्य इंटरनेट सेवाएं अभी काम नहीं करेंगी।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक मोबाइल कनेक्टिविटी 12 अगस्त को ईद से ठीक एक सप्ताह पहले रोकी गयी थी। सोमवार को मोबाइल संचार बहाल होने के बाद लोग इतनी राहत में थे कि एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद भी दी।

घाटी के नागरिक निगहत शाह ने कहा, ‘‘यह दिन हमारे लिए ईद से कम नहीं है। वैश्वीकरण के दौर में हम दो महीने से अधिक समय तक बाकी दुनिया से कटे रहे।’’

पुराने शहर में रहने वाले बशरत अहमद ने कश्मीर और राज्य से बाहर अपने दोस्तों तथा रिश्तेदारों को फोन करने में जरा भी वक्त नहीं गंवाया। उन्होंने एक घंटे के भीतर 30 फोन कॉल किये।

अहमद ने कहा, ‘‘मैंने 70 दिन से दिल्ली में और कश्मीर के बाहर कहीं भी अपने रिश्तेदारों से बात नहीं की थी। मैं उन सभी की आवाज़ सुनना चाहता हूं और उन्हें बताना चाहता हूं कि हम जिंदा हैं।’’

कुछ लोग अपने करीब रहने वालों से भी बात नहीं कर पा रहे थे। उन्हें भी आज राहत मिली।

यासिर अहद ने कहा कि वह अपनी होने वाली पत्नी से बात कर ही रहे थे कि अचानक फोन कट गया।

उन्होंने बताया कि उनकी होने वाली पत्नी उनके घर से केवल पांच किलोमीटर दूर रहती हैं। लेकिन इतने दिनों से उन्हें एक दूसरे के बारे में कुछ नहीं पता था।

अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बल मोबाइल सेवाएं शुरू होने के बाद सामने आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

इससे पहले पिछले सप्ताह राज्य को पर्यटकों के लिए खोला गया था। शिक्षण संस्थान भी खुल गये हैं, लेकिन छात्रों की उपस्थिति बहुत कम है।

घाटी में 17 अगस्त को लैंडलाइन टेलीफोन सेवा आंशिक रूप से शुरू की गयी थी। चार सितंबर को करीब 50 हजार लैंडलाइन फोन चालू हो गये थे।

जम्मू कश्मीर के प्रधान सचिव और प्रवक्ता रोहित कंसल ने शनिवार को यहां देशभर में प्रसारित संवाददाता सम्मेलन में सोमवार से पोस्टपेड सेवाएं बहाल करने की घोषणा की थी।

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पहले कहा था कि आतंकवादी राज्य में नफरत का माहौल पैदा करने के लिए मोबाइल फोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Jammu and Kashmir
Postpaid mobile phone service restored
phone and internet services stop
Social Media Banned
BJP
Narendera Modi
Amit Shah

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License