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भारत
राजनीति
प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मामले की संसदीय समिति के लिए नामित
कांग्रेस ने रक्षा मामले की संसदीय समिति में सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया और कहा कि जिसे मोदी ‘मन से माफ नहीं कर पाए’ उसे एक महत्वपूर्ण समिति में जगह मिल गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Nov 2019
pragya thakur
Image courtesy: Social Media

नई दिल्ली: भोपाल से भाजपा की लोकसभा सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मामले की संसद की परामर्श समिति के लिए नामित किया गया है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक प्रज्ञा इस 21 सदस्यीय समिति में शामिल होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समिति की अध्यक्षता करेंगे।

दूसरी ओर कांग्रेस ने रक्षा मामले की संसदीय समिति में भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया और कहा कि जिसे मोदी ‘मन से माफ नहीं कर पाए’ उसे एक महत्वपूर्ण समिति में जगह मिल गई।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘यह देश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि आतंक फैलाने का आरोप झेल रही सांसद को रक्षा संबंधी समिति का सदस्य बना दिया।’

उन्होंने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘मोदी जी इन्हें मन से माफ नहीं कर पाए। लेकिन देश की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जिम्मेदारी दे दी। इसीलिए तो मोदी है तो मुमकिन है।’

वहीं, पार्टी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को शामिल किये जाने के फैसले पर कांग्रेस की आपत्ति और इसे सुरक्षा बलों का अपमान बताये जाने को देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल की नासमझी का सबसे बड़ा प्रमाण करार दिया है।

आतंकवाद के मामले में आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को एक संसदीय समिति में शामिल करने पर कांग्रेस द्वारा सवाल उठाये जाने को लेकर भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने प्रतिक्रिया में बृहस्पतिवार को कहा, ‘कांग्रेस और राहुल गांधी की नासमझी का यह सबसे बड़ा प्रमाण है। प्रज्ञा ठाकुर भोपाल से चुनाव जीतकर आयी हैं। वह सांसद हैं। सांसद होने के नाते समितियों में सदस्य चुना जाना उनका अधिकार है।’

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को आरोपी बनाये जाने का हवाला देते हुये सिन्हा ने कहा, ‘सांसद होने के नाते प्रज्ञा ठाकुर के वही अधिकार हैं जो सोनिया और राहुल गांधी के हैं। प्रज्ञा ठाकुर और सोनिया गांधी में अगर अंतर करेंगे तो मैं यही कह सकता हूं कि सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर हैं, क्या वह सभी संसदीय समितियों से इस्तीफा देंगी।’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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