NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
प्रशांत भूषण पर एक रुपये का जुर्माना, न देने पर 3 महीने की जेल और 3 साल प्रैक्टिस पर रोक
इस सज़ा को भले ही सांकेतिक कहा जा रहा है, लेकिन इसके निहितार्थ बड़े हैं। अदालत ने भी हालांकि बीच का रास्ता निकाला है, लेकिन एक रुपया जुर्माना अदा न करने की एवज़ में जो सज़ा मुकर्रर की है, वो किसी भी तरह सांकेतिक या बीच का रास्ता नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Aug 2020
प्रशांत भूषण

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक अवमानना के लिये दोषी ठहराये गये अधिवक्ता-एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण पर सोमवार को सज़ा के रूप में एक रुपये का सांकेतिक जुर्माना किया और अदा न करने की एवज़ में 3 महीने की जेल और 3 साल प्रैक्टिस पर रोक का फ़रमान सुनाया है।

न्यायालय ने न्यायपालिका के खिलाफ दो ट्वीट के लिये दोषी ठहराये गये प्रशांत भूषण को 15 सितंबर तक शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जुर्माने की राशि जमा कराने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमुर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने प्रशांत भूषण को सज़ा सुनाते हुये कहा कि जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर उन्हें तीन महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी और तीन साल तक उनके वकालत करने पर प्रतिबंध रहेगा।

पीठ ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी बाधित नहीं की जा सकती है लेकिन दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करना होगा।

शीर्ष अदालत ने 14 अगस्त को प्रशांत भूषण को न्यायपालिका के खिलाफ दो ट्वीट के लिये आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया था और कहा था कि इन्हें जनहित में न्यापालिका के कामकाज की स्वस्थ आलोचना नहीं कहा जा सकता।

भूषण ने अपने बयान में इन ट्वीट के लिये न्यायालय से क्षमा याचना करने से इंकार करते हुये कहा था कि वह जिसमे विश्वास करते हैं वही, उन्होंने कहा था।

उन्होंने कहा था कि अपने विचारों को व्यक्त करने पर सशर्त अथवा बिना किसी शर्त माफ़ी मांगना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि निष्ठाहीन माफ़ी मांगना मेरे अन्तःकरण की और एक संस्था की अवमानना के समान होगा। भूषण के अपने रुख पर कायम रहने पर अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

prashant bhushan
Prashant Bhushan fined 1rs
Supreme Court
Prashant Bhushan's Tweet

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,516 नए मामले, 501 मरीज़ों की मौत
    12 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.40 फ़ीसदी यानी 1 लाख 37 हज़ार 416 हो गयी है।
  • The Perfect Storm Behind India’s Growing Hunger Crisis
    रश्मि सहगल
    भारत के बढ़ते भूख संकट के पीछे एक नहीं, कई कारकों का दुर्लभ संयोग 
    12 Nov 2021
    अर्थशास्त्री और राइट टू फ़ूड कंपेन की प्रमुख प्रचारक दीपा सिन्हा अहम भूख संकेतकों पर भारत के ख़राब प्रदर्शन के कारणों और इन हालात से बाहर निकलने के रास्ते बता रही हैं।
  • opec
    एम. के. भद्रकुमार
    एक और महाशक्ति का पीछा करती तेल की क़ीमत
    12 Nov 2021
    अमेरिका के लिए, आपदा प्रतीक्षा कर रही है क्योंकि मुद्रास्फीति का भूत अर्थव्यवस्था को सता रहा है और आगे सर्दी का मौसम भी आने वाला है।
  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    तालिबान सरकार को अमेरिकी मान्यता पूरे खेल को बदल देगी 
    12 Nov 2021
    तालिबान पर बाइडेन की सोच में बदलाव से चीन जैसे देशों पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    SC करेगा पत्रकारों की याचिकाओं पर सुनवाई, आशा वर्कर्स पर यूपी पुलिस का लाठीचार्ज और अन्य ख़बरें
    11 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी सुप्रीम कोर्ट में होगी पत्रकारों की याचिका पर सुनवाई, आशा वर्कर्स पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License