NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
COVID-19 को लेकर सरकार के कुप्रबंधन के ख़िलाफ़ सर्बिया में विरोध प्रदर्शन
इस महीने संक्रमण में दूसरी बार तेज़ी के बाद सर्बियाई सरकार लॉकडाउन को फिर से लागू करने की कोशिश कर रही है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Jul 2020
covid-19

कोरोनावायरस महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने में सरकार की पूरी तरह से विफलता को लेकर और 10 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा के तुरंत बाद इस फैसले का विरोध करने के लिए गुरुवार 9 जुलाई को हज़ारों सर्बियावासी राजधानी बेलग्रेड की सड़कों पर उतर गए। गुरुवार का विरोध प्रदर्शन पिछले दो दिनों से जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों का हिस्सा था।

राष्ट्रपति अलेक्जेंडर व्यूसिक की अगुवाई वाली सरकार द्वारा मई में हटाए गए अन्य प्रतिबंधों में से विकेंड और रात के कर्फ्यू की फिर से घोषणा करने के बाद मंगलवार को पहली बार विरोध प्रदर्शन किया गया था।

सर्बिया में पहला कोरोनावायरस मामला फरवरी महीने में सामने आया था। सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए 15 मार्च को सबसे सख्त लॉकडाउन लागू किया था। इस लॉकडाउन में विकेंड और रात का कर्फ्यू शामिल था।

हालांकि, वायरस को रोकने में सफलता का दावा करते हुए सरकार ने अप्रैल के अंत में लॉकडाउन को ढीला करना शुरू कर दिया था और 6 मई तक इसे पूरी तरह हटा दिया गया। आलोचकों ने कहा है कि 21 जून को संसदीय चुनाव कराने के इरादे से सर्बियाई सरकार ने अपने COVID-19 निवारक उपायों की सफलता की झूठी तस्वीर पेश करने की कोशिश की और हज़ारों लोगों की मौजूदगी वाले बड़े खेल आयोजनों की भी अनुमति दे दी। 21 जून को महामारी के बीच आयोजित यूरोप के पहले चुनावों में राष्ट्रपति व्यूसिक की सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी ने जीत हासिल की।

हालांकि, इन चुनावों के बाद COVID -19 संक्रमितों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है और रोज़ाना मृत्यु दर अप्रैल महीने में हुई इसकी चरम संख्या के बराबर पहुंच चुका है।

लगभग 70 लाख लोगों वाले देश सर्बिया में वर्तमान में COVID-19 संक्रमण के 17,342 से अधिक मामले हैं वहीं इसके संक्रमण से अब तक 352 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। 25 जून के बाद से रोज़ाना नए मामले औसतन 250 से अधिक पहुंच गए हैं।

मंगलवार 7 जुलाई को व्यूसिक ने लॉकडाउन को फिर से लागू करने की घोषणा की जिसके कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। इन विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए पुलिस ने भारी बल का प्रयोग किया। इन विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस और आतंक-रोधी दस्ते तैनात किए गए थे। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की गिरफ़्तारी और कई के घायल होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी है। पुलिस की बर्बरता के कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद से यह तेज़ हो गया। मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार, निजीकरण और सुरक्षा बलों को अत्यधिक शक्ति देने को लेकर भी ये प्रदर्शनकारी मुखर रहे हैं।

गुरुवार को सरकार ने बिना किसी कर्फ्यू के लॉकडाउन में ढील देने की घोषणा की है। हालांकि, इस घोषणा में सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा होने की संख्या को सीमित कर दिया है और सभी व्यवसायों के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है।

Serbia
Serbian protest
COVID-19
Aleksandar Vučić

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • srilanka
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीलंका: निर्णायक मोड़ पर पहुंचा बर्बादी और तानाशाही से निजात पाने का संघर्ष
    10 May 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने श्रीलंका में तानाशाह राजपक्षे सरकार के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन पर बात की श्रीलंका के मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. शिवाप्रगासम और न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया
    10 May 2022
    गाँव के बाहरी हिस्से में रहने वाले इसी मुस्लिम परिवार के घर हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा में आगज़नी हुई थी। परिवार का कहना है कि हिन्दू पक्ष के लोग घर से सामने से निकलते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगाते…
  • असद रिज़वी
    लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी
    10 May 2022
    एक निजी वेब पोर्टल पर काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर की गई एक टिप्पणी के विरोध में एबीवीपी ने मंगलवार को प्रोफ़ेसर रविकांत के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया। उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में घेर लिया और…
  • अजय कुमार
    मज़बूत नेता के राज में डॉलर के मुक़ाबले रुपया अब तक के इतिहास में सबसे कमज़ोर
    10 May 2022
    साल 2013 में डॉलर के मुक़ाबले रूपये गिरकर 68 रूपये प्रति डॉलर हो गया था। भाजपा की तरफ से बयान आया कि डॉलर के मुक़ाबले रुपया तभी मज़बूत होगा जब देश में मज़बूत नेता आएगा।
  • अनीस ज़रगर
    श्रीनगर के बाहरी इलाक़ों में शराब की दुकान खुलने का व्यापक विरोध
    10 May 2022
    राजनीतिक पार्टियों ने इस क़दम को “पर्यटन की आड़ में" और "नुकसान पहुँचाने वाला" क़दम बताया है। इसे बंद करने की मांग की जा रही है क्योंकि दुकान ऐसे इलाक़े में जहाँ पर्यटन की कोई जगह नहीं है बल्कि एक स्कूल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License