NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
CAA/NRC को लेकर यूपी में विरोध, 11 लोगों की मौत
जिलों से मिली खबरों के मुताबिक मरने वालों में से कई की मौत गोली लगने से हुई है , मगर पुलिस महानिदेशक ने पुलिस की गोली से किसी की भी मौत होने से इनकार किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Dec 2019
UP protest
Image courtesy: India Today

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हुए  प्रदर्शनों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गयी है जिनमें आठ साल का बच्चा भी शामिल है।

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मेरठ जिले से चार लोगों की मौत की खबर है। कानपुर में दो लोगों की मौत हुई है। वाराणसी में प्रदर्शन के दौरान भगदड़ में आठ साल के एक बच्चे की मौत हो गयी।

उन्होंने बताया कि जुमे की नमाज के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस के साथ संघर्ष में छह लोगों की मौत हो गयी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और वाहनों को आग लगा दी।

कानपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने बताया कि एक और व्यक्ति की शनिवार को मौत हो गयी। इस प्रकार शुक्रवार से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गयी है। दोनों मृतकों की पहचान हो गयी है।

अग्रवाल ने बताया कि पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विशेषकर संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। शांति व्यवस्था कायम करने में सहयोग के लिए वरिष्ठ अधिकारी धर्म गुरुओं के संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर रात जारी बयान में पूरे प्रदेश में शांति बहाली की अपील करते हुए कहा था कि लोग अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और उपद्रवी तत्वों के उकसावे में भी न आएं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के बयान और सपा के नेताओं के कृत्य अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण हैं। राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए सीएए के नाम पर ये दल लगातार भ्रम पैदा कर रहे हैं।

खबर है कि योगी ने लखनऊ से बाहर के अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिये हैं। कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों में अब तक बिजनौर में दो, और संभल एवं फिरोजाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

जुमे की नमाज के बाद राज्य की राजधानी लखनऊ और अलीगढ़ में कोई हिंसक वारदात नहीं हुई। फिरोजाबाद, भदोही, बहराइच, फर्रूखाबाद, गोरखपुर और संभल सहित लगभग 20 जिलों से हिंसा की खबरें हैं।

हिंसा से प्रभावित अन्य जिले कानपुर, वाराणसी, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, हापुड, हाथरस, बुलंदशहर, हमीरपुर और महोबा हैं।लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, वाराणसी, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बरेली, फिरोजाबाद, पीलीभीत, रामपुर, सहारनपुर, शामली, संभल, अमरोहा, मऊ, आजमगढ और सुल्तानपुर सहित कई बडे़ शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयीं।

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को हिंसक भीड़ द्वारा पुलिस पर गोलियां चलाए जाने की भी खबरें हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में छह पुलिसकर्मियों को गोली लगी है । एक घायल पुलिसकर्मी की हालत नाजुक है।

हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: उप्र डीजीपी

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा के मद्देनजर राज्य के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने शनिवार को कहा कि हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।  डीजीपी ने कहा कि हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ है। उन्होंने आशंका जताई कि हिंसा में एनजीओ और राजनीतिक लोग भी शामिल हो सकते हैं।

सिंह ने कहा, 'हम किसी को बख्शेंगे नहीं, क्योंकि उन्होंने हिंसा की है, लेकिन हम किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं करेंगे।' उन्होंने कहा, पुलिस सतर्क है और गश्त कर रही है। विभिन्न शहरों के गणमान्य लोगों से अपील की गयी है कि वे शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करें। जहां भी मामले दर्ज हुए हैं, वहां का स्थानीय पुलिस प्रशासन गिरफ्तारियां कर रहा है। किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पूरी छानबीन के बाद ही गिरफ्तारी होगी।

डीजीपी ने बताया कि लखनऊ में 218 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या हिंसा करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गुंडा एक्ट लगाया जाएगा, सिंह ने कहा कि अगर ऐसा कुछ होगा, तो बता दिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ है। जब पूछे जाने पर कि क्या इसमें राजनीतिक लोगों का हाथ हो सकता है, उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है, टीमें बनायी गयी है जो सभी पहलुओं से जांच कर रही है। उन्होंने इस हिंसा में एनजीओ और राजनीतिक लोगों के शामिल होने की आशंका जताई है।

यह पूछ जाने पर कि क्या हिंसा में बांग्लादेश के लोग शामिल हो सकते हैं, सिंह ने कहा कि जांच जारी है। इंटरनेट बंद करने किए जाने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि जहां स्थानीय प्रशासन ने उचित समझा, उन जगहों पर इंटरनेट सेवा बंद की गई है।
 
इस बीच, लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि 218 लोगों को जेल भेजा गया है। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि अराजक तत्व शहर छोड़कर भाग गये हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भीड़ को भड़काकर एकत्र किया है, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिद छोड़े केंद्र सरकार: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र सरकार से शनिवार को कहा कि वह संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी पर अपनी जिद छोड़कर अपने फैसले वापस ले।
 
मायावती ने ट्वीट किया, 'अब तो सीएए और एनआरसी के विरोध में केन्द्र सरकार के राजग में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। अतः बसपा की मांग है कि वे अपनी जिद छोड़कर इन फैसलों को वापस ले।' उन्होंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील है कि वे अपना विरोध शान्तिपूर्ण ढंग से ही प्रकट करें।

अब तो नए सीएए व एनआरसी के विरोध में केन्द्र सरकार के एनडीए में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। अतः बीएसपी की मांग है कि वे अपनी ज़िद को छोड़कर इन फैसलों को वापस ले। साथ ही, प्रदर्शनकारियों से भी अपील है कि वे अपना विरोध शान्तिपूर्ण ढंग से ही प्रकट करें।

— Mayawati (@Mayawati) December 21, 2019

मायावती ने इससे पहले एक ट्वीट में कहा था कि देश एवं व्यापक जनहित में केन्द्र को चाहिए कि वह नए नागरिकता कानून को वापस लेकर अर्थव्यवस्था की बदहाली, बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी, रुपये की गिरती कीमत आदि की राष्ट्रीय समस्याओं को दूर करने पर ध्यान केन्द्रित करे।<
उल्लेखनीय है कि बसपा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से मिला था और उसने इस मुद्दे को उठाया था। पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में रविवार को हुई हिंसा की न्यायिक जांच की मांग की थी । साथ ही नागरिकता कानून को वापस लेने की भी मांग की थी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

CAA
Protest against CAA
Violence in UP
UP police
Protest against NRC
MAYAWATI
BSP

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

बसपा के बहुजन आंदोलन के हाशिये पर पहुंचने के मायने?

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

'यूपी मांगे रोज़गार अभियान' के तहत लखनऊ पहुंचे युवाओं पर योगी की पुलिस का टूटा क़हर, हुई गिरफ़्तारियां

लखीमपुर खीरी : किसान-आंदोलन की यात्रा का अहम मोड़

लखीमपुर में किसानों की हत्या भाजपा सरकार के ताबूत में आख़िरी कील


बाकी खबरें

  • CDSCO
    भाषा
    CDSCO ने कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और मोलनुपिराविर के आपात इस्तेमाल को स्वीकृति दी
    28 Dec 2021
    सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (…
  • sunil
    भाषा
    पेले से आगे निकले छेत्री, भारत ने आठवां सैफ ख़िताब जीता, महिला टीम भी चमकी
    28 Dec 2021
    भारतीय फुटबॉल को वर्ष 2021 में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली । पचास और साठ के दशक का अपना खोया गौरव लौटाने की कोशिश में जुटी टीम उस पल का इंतजार ही करती रही जो देश में इस खेल की दशा और दिशा बदल सके।
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: किसानों की आय दोगुनी होने का टूटता वादा, आत्महत्या का सिलसिला जारी
    28 Dec 2021
    बुंदेलखंड के बाँदा ज़िले में युवा किसान राम रुचि और प्रमोद पटेल ने इसी साल क़र्ज़ के दबाव में आत्महत्या कर ली। न्यूज़क्लिक ने दोनों परिवारों से मिल कर बात की और जानने की कोशिश की कि सरकार का किसानों…
  • officers of Edu dept eating MDM with students
    राजेश डोबरियाल
    उत्तराखंड: 'अपने हक़ की' लड़ाई अंजाम तक पहुंचाने को तैयार हैं दलित भोजन माता सुनीता देवी
    28 Dec 2021
    “...चूंकि क्रिसमस की बैठक में सभी पक्ष अभी क्षेत्र का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखने पर सहमत हुए हैं इसलिए वे जांच कमेटी की रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रहे हैं। नियमानुसार तो सुनीता देवी की ही भोजनमाता…
  • UP Election 2022
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव 2022: बेरोज़गार युवा इस चुनाव में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं
    28 Dec 2021
    मोदी-योगी से नाउम्मीद युवाओं को विपक्ष से चाहिए रोजगार का भरोसा
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License