NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पूरे लीबिया में विरोध प्रदर्शन तेज़
दो युद्धरत सरकारों के चलते कठिनाइयों और मुश्किलों में घिरे नागरिक विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर उतर आए।
पीपल्स डिस्पैच
14 Sep 2020
पूरे लीबिया में विरोध प्रदर्शन तेज़

पूर्वी और दक्षिणी लीबिया में सरकार के ख़िलाफ़ जारी लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शनों रविवार 13 सितंबर को उस समय तेज़ हो गया जब नाराज़ प्रदर्शनकारियों ने पूर्वी शहर बेंगाजी में एक सरकारी भवन में आग लगा दी। ये प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि सरकार इस क्षेत्र में नक़दी की कमी, लगातार बिजली कटौती और ईंधन की बढ़ती क़ीमतों को लेकर लंबे समय से और निरंतर ऐसे मुद्दों का निपटान करे जिसने आम लीबियाई लोगों के जीवन को काफी मुश्किल बना दिया है।

सरकार के ख़िलाफ़ इस तरह के प्रदर्शन देश के दक्षिणी भाग के अन्य शहरों जैसे सबहा और पूर्वी लीबिया में अल-बयदा और अल-मर्ज में हुए।

स्थानीय मीडिया के अनुसार सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया। इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने हाल ही में निर्माण किए गए कैबिनेट भवन में आग लगा दी और भाग गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन पर गोलियां चलाई। इसमें पांच प्रदर्शनकारी जख़्मी हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सुरक्षा बलों ने एक्टिविस्ट मुनीर ज़गेबा के घर पर भी छापा मारा जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस विरोध प्रदर्शन के लिए अपना समर्थन ज़ाहिर किया था।

नेशनल अकॉर्ड गवर्नमेंट के ख़िलाफ़ इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की ख़बर लीबिया की राजधानी त्रिपोली से सामने आए थे, जिसमें सैकड़ों लोगों ने इस सरकार के नियंत्रण में इस क्षेत्र में रहन सहन की बिगड़ती परिस्थितियों को लेकर सरकार की निंदा की। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार लंबित राजनीतिक सुधारों को लागू करे जिसमें राष्ट्रीय चुनाव कराने और सरकारी भ्रष्टाचार को खत्म करना शामिल था।

पूर्वी लीबिया की सरकार के ख़िलाफ़ पिछले हफ्ते गुरुवार को ये विरोध प्रदर्शन पहली बार शुरू हुए थे जो कि जनरल खलीफा हफ़्तार के नेतृत्व वाली लीबिया की राष्ट्रीय सेना से समर्थन प्राप्त है। इससे पहले हाल के महीनों में इसी तरह के मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन देश के पश्चिमी हिस्से में नेशनल अकॉर्ड गवर्नमेंट (जीएनए) के ख़िलाफ़ भी हुए थे।

लीबिया में साल 2011 से गृह युद्ध की स्थिति रही है। इस साल नाटो के आक्रमण ने लीबिया के शासन को उखाड़ फेंका और लीबिया के नेता मुअम्मर गद्दाफी की हत्या कर दी गई। साल 2014 में दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच मतभेद के बाद इस संघर्ष ने और भी अधिक हिंसक मोड़ ले लिया जिससे देश के विभिन्न हिस्सों को नियंत्रित करने वाली कई सरकारें बन गईं।

libya
Libya Protest
Civil protest
National Accord Government
Protest Against Government

Related Stories

दक्षिण अफ़्रीका : सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ ट्रेड यूनियनों की ऐतिहासिक हड़ताल

कोलंबिया : भुखमरी और सरकार के रवैये के ख़िलाफ़ जनता एकजुट

चिली : जनता ने संगीत महोत्सव के दौरान किया सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • Ukraine Russia
    पार्थ एस घोष
    यूक्रेन युद्ध: क्या हमारी सामूहिक चेतना लकवाग्रस्त हो चुकी है?
    14 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न उस पवित्र गाय के समान हो गया है जिसमें हर सही-गलत को जायज ठहरा दिया जाता है। बड़ी शक्तियों के पास के छोटे राष्ट्रों को अवश्य ही इस बात को ध्यान में रखना होगा, क्योंकि बड़े…
  • Para Badminton International Competition
    भाषा
    मानसी और भगत चमके, भारत ने स्पेनिश पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 21 पदक जीते
    14 Mar 2022
    भारत ने हाल में स्पेनिश पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय (लेवल दो) प्रतियोगिता में 11 स्वर्ण, सात रजत और 16 कांस्य से कुल 34 पदक जीते थे।
  • भाषा
    बाफ्टा 2022: ‘द पावर ऑफ द डॉग’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म
    14 Mar 2022
    मंच पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार देने आए ‘द बैटमैन’ के अभिनेता एंडी सर्किस ने विजेता की घोषणा करने से पहले अफगानिस्तान और यूक्रेन के शरणार्थियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार के लिए सरकार पर निशाना…
  • उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: दक्षिण अमेरिका में वाम के भविष्य की दिशा भी तय करेंगे बोरिक
    14 Mar 2022
    बोरिक का सत्ता संभालना सितंबर 1973 की सैन्य बगावत के बाद से—यानी पिछले तकरीबन 48-49 सालों में—चिली की राजनीतिक धारा में आया सबसे बड़ा बदलाव है।
  • indian railway
    बी. सिवरामन
    भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा
    14 Mar 2022
    यह लेख रेलवे के निजीकरण की दिवालिया नीति और उनकी हठधर्मिता के बारे में है, हालांकि यह अपने पहले प्रयास में ही फ्लॉप-शो बन गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License