NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
लखनऊ में भी दिन भर प्रदर्शन और झड़पें, नदवा कॉलेज भी 5 जनवरी तक बंद
लखनऊ में देर रात हुसैनाबाद के इलाके में घंटाघर पर होने वाले प्रदर्शन को पुलिस ने दबाव बनाकर रद करवा दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Dec 2019
UP protest

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध देशभर में हो रहा है। इस बार विरोध की कमान संभाली है छात्रों ने। जामिया, डीयू, एएमयू,एचसीयू इत्यादि तमाम विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र CAA के साथ अब जामिया इत्यादि के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का भी एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में लखनऊ के नदवा कॉलेज में रविवार रात और सोमवार सुबह प्रदर्शन हुआ। इसके अलावा लखनऊ के दूसरे कई यूनिवर्सिटी से भी प्रदर्शन की खबरें आई हैं।

दारुल उलूम नदवातुल उलेमा (नदवा कॉलेज) राजधानी लखनऊ का एक इस्लामिक शिक्षण संस्थान है जो शहर के मध्य में लखनऊ विश्वविद्यालय के पास स्थित है।  आज नदवा कालेज के मुख्य द्वार पर छात्रों और पुलिस में झड़प के हालात बन गये। पुलिस ने कॉलेज के द्वार बंद कर दिए। पुुलिस के मुताबिक अंदर छात्रों ने नारेबाजी की और पथराव भी किया। पुलिस ने छात्रों को परिसर से बाहर निकलने नहीं दिया।
 
नदवा कॉलेज में रविवार रात से ही छात्र जामिया विवि और एमएमयू के छात्रों के साथ एकजुटता जाहिर करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। कल देर रात करीब 200 से ज्यादा छात्रों ने अपने-अपने छात्रावासों से बाहर निकलकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। छात्रों का विरोध मार्च शुरू होने के 10 मिनट बाद ही पुलिस पहुंच गई और उन्हें कॉलेज परिसर के अंदर भेज दिया।

9255f04d-f7c3-414e-b22f-64da90a674c3.jpg

नदवा कॉलेज के छात्रों को कॉलेज के अंदर भेजने के बाद पुलिस ने नदवा कालेज की घेराबंदी कर दी, लेकिन आसपास के इलाके में रहने वाले कॉलेज के दूसरे छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब यह छात्र सड़क पर आए तो इन्होंने केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए और नागरिकता कानून वापस लेने की मांग की, लेकिन पुलिस ने इनको बल प्रयोग कर प्रदर्शन करने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। हालांकि पथराव में कोई घायल नहीं हुआ। आरोप है कि छात्रों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रबड़ बुलेट का प्रयोग किया।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने 'भाषा' को बताया ''आज सुबह नदवतुल उलेमा में छात्रों के एक गुट ने विरोध प्रदर्शन कर परिसर से बाहर आने का प्रयास किया लेकिन उन्हें परिसर से बाहर नहीं आने दिया गया। इस पर छात्रों ने परिसर के अंदर से पत्थर फेंके लेकिन इससे कोई घायल नहीं हुआ। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौके पर पुलिस बल के साथ मौजूद हैं और किसी भी छात्र को परिसर से बाहर नहीं आने दिया जा रहा है ।''

2c65a8ff-255e-41c5-8207-3c500b2edbc9.jpg

लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने संवाददाताओं को बताया ''एक मिनट से भी कम समय छात्रों का विरोध प्रदर्शन चला। पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया। अब छात्र अपने अपने छात्रावासों में चले गये हैं। अभी भी परिसर के बाहर पुलिस तैनात है ।''

प्रदर्शन के बाद नदवा प्रशासन ने कॉलेज को 5 जनवरी 2020 तक के लिए बंद करने का निर्णय लिया. कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों से कॉलेज छोड़ने का फरमान जरी किया। जिसके बाद छात्रों ने अपने जरूरी सामान लेकर अपने शहरों को बसों और ट्रेनों से वापस जाने लगे। कॉलेज प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि लखनऊ में 19 दिसंबर को होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए कॉलेज को को खाली करा लिया गया है।

हालांकि प्रशासन और कालेज प्रशासन दोनों ने इसके ऊपर कोई औपचारिक टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। खबर लिखे जाने तक नदवे से आधे से ज्यादा छात्र अपने घरो को वापस जा चुके थे। जबकि भारी पुलिस बल अभी भी कॉलेज के बाहर तैनात हैं।

9e8d1c0f-c99e-41e2-814d-b687604c4197.jpg

इसके अलावा लखनऊ के दूसरे कई यूनिवर्सिटी से भी प्रदर्शन की खबरें आई है। लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के बाहर भी छात्रों ने जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के पक्ष में प्रदर्शन किया।वहा भी पुलिस ने बल प्रयोग करके छात्रों को तितर-बितर किया।

बताया जा रहा है कि इंटीग्रल यूनिवर्सिटी प्रशासन भी यूनिवर्सिटी  बंद करने पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने बताया की प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी पर दबाव है की छात्रों को यूनिवर्सिटी से बहार भेजा जाए। वही लखनऊ में देर रात हुसैनाबाद के इलाके में घंटाघर पर होने वाले प्रदर्शन को पुलिस ने दबाव बनाकर रद करवा दिया है।

इसे पढ़ें : जामिया में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ लखनऊ, डीयू से लेकर हैदराबाद विवि में छात्रों का प्रदर्शन

डीजीपी ने कहा ''राजधानी लखनऊ के अलावा सोमवार को सुबह से पूरे प्रदेश में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय मामले में अज्ञात छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच जनवरी तक के लिये छुट्टी घोषित कर छात्रों से छात्रावास खाली करने को कहा है। वहां आज सुबह से अभी तक कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं है।''

सिंह ने कहा कि अलीगढ़, मेरठ और सहारनपुर में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवायें बंद रखने के आदेश दिये गये हैं । पूरे प्रदेश में फिलहाल शांति बनी हुई है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Uttar pradesh
CAB
CAA
Protest against NRC
Delhi University
BHU
AMU
UP police

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License