NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
तानाशाही और साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ हैती में विरोध प्रदर्शन जारी
21 फ़रवरी को बड़े पैमाने पर नए सिरे से विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें जोवेनेल मोइसे की तानाशाही को समाप्त करने का आह्वान किया गया। इनका कार्यकाल 7 फ़रवरी को समाप्त होने वाला था।
पीपल्स डिस्पैच
22 Feb 2021
haiti

जोवेनेल मोइसे की तानाशाही और नव-उपनिवेशवादी साम्राज्यवादी शक्तियों के खिलाफ हैती में विरोध प्रदर्शन जारी है। संविधान के अनुसार आधिकारिक रुप से जोवेनेल मोइसे के राष्ट्रपति पद के कार्यकाल की समाप्ति के दो सप्ताह बाद हैती की राजधानी पोर्ट औ प्रिंस की सड़कों पर हजारों लोग 21 फरवरी को उतर गए। हालांकि, मोइसे ने संविधान की व्याख्या और कार्यालय में अपने कार्यकाल की आधिकारिक शुरुआत के संबंध में असमानता का आरोप लगाते हुए सत्ता सौंपने से इनकार कर दिया है।

गैर कानूनी तरीके से अधिक समय तक कार्यालय में बने रहने, गैर कानूनी तरीके से संविधान का पुनर्निर्माण करने और सितंबर 2021 में चुनाव कराने को लेकर प्रदर्शनकारी मोइसे से इस्तीफा मांग रहे हैं। मोइसे के चलते गहराती संस्थागत संकट से देश को उबारने के लिए विभिन्न विपक्षी दलों ने पहले ही एक ट्रांंजिशनल सरकार का प्रस्ताव तैयार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जोसेफ मेसेने जीन-लुई को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया गया। जीन लुइस की ट्रांजिशनल सरकार जिसके पास देश के नागरिक समाज संगठनों का समर्थन है उसे अगले दो वर्षों तक देश की सत्ता संभालनी है और अगली सरकार के लिए चुनावों कराना है।

हालांकि, मोइसे और उनके डी-फैक्टो शासन को खारिज करने के बावजूद वह ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन,यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूतों और यूएन व ओएएस के प्रतिनिधियों से बने साम्राज्यवादी "कोर ग्रुप"के समर्थन का लाभ उठा रहे है। इस कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ-साथ इस समूह ने भी मोइसे को समर्थन दिया है और सार्वजनिक रूप से कहा कि चुनाव इस वर्ष निर्धारित समय के अनुसार होने चाहिए।

इस लिहाज से, हैती में इस हफ्ते हुए विरोध प्रदर्शनों में इन साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा मोइसे के समर्थन की विशेषकरनिंदा की। जगह जगह पर बैनर लटका हुआ था जिस पर कुछ ऐसा लिखा था, "क्रांति जिंदाबाद और अमेरिका को इससे दूर रहना चाहिए [अमेरिका को अपने स्वयं काम परध्यान देना चाहिए]" और "हैती के लोग सांस नहीं ले सकते।कोर ग्रुप मुर्दाबाद”।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, मोइसे से समर्थन वापस लेने के लिए कोर ग्रुप की सरकार से आह्वान किया जा रहा है।

Haiti
Haiti Protest
Jovenel Moïse

Related Stories

असुरक्षा और हिंसा के ख़िलाफ़ हैती के शिक्षक राष्ट्रीय हड़ताल पर

जोवेनेेेल मोइसे की तानाशाही के ख़िलाफ़ हैती के लोगों का विरोध जारी

पुलिस और सेना के बीच संघर्ष के कारण हैती में अस्थिरता


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License