NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बहरीन में अरब विद्रोह की 10वीं वर्षगांठ के मौके पर विरोध-प्रदर्शन 
सत्तारूढ़ अल-खलीफ़ा राजवंश को हटाने और लोकतंत्र की स्थापना प्रदर्शनकारियों की प्राथमिक मांग है।
पीपल्स डिस्पैच
15 Feb 2021
बहरीन में अरब विद्रोह की 10वीं वर्षगांठ के मौके पर विरोध-प्रदर्शन 

साल 2011 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की 10 वीं वर्षगांठ के अवसर पर रविवार 14 फरवरी को बड़ी संख्या में बहरीन के लोग सड़कों पर उतर आए।

COVID-19 की आड़ में बड़े पैमाने पर सरकारी उत्पीड़न और प्रतिबंधों के बावजूद शनिवार शाम और रविवार को विरोध प्रदर्शन किए गए। देश भर में विभिन्न शहरों में छोटे पैमाने पर कई विरोध प्रदर्शन किए गए।

प्रदर्शनकारियों ने बहरीन का झंडा लहराया और सत्तारूढ़ अल-खलीफा परिवार के खिलाफ नारेबाजी की जिसे प्रदर्शनकारियों ने बहरीनवासियों को वर्गीय असमानता के आधार पर सताने और राजनीतिक असहमति को कुछलने का आरोप लगाया। बहरीन की बड़ी आबादी इस्लाम के शिया संप्रदाय के हैं। शासक वंश सुन्नी संप्रदाय से संबंधित है।

ट्यूनीशिया और मिस्र में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद साल 2011 में लोकतंत्र के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ जिसे "अरब विद्रोह" के नाम से जाना जाता है। प्रदर्शनकारियों ने राजशाही को समाप्त करने और लोकतांत्रिक राज्य व्यवस्था की स्थापना की मांग की। हालांकि, पड़ोसी देश सऊदी अरब और अन्य खाड़ी राजशाही से सशस्त्र कर्मियों के इस्तेमाल से बहरीन सरकार द्वारा इस विरोध प्रदर्शन को कुचल दिया गया था।

सरकार ने प्रदर्शनकारियों के लिए सभा स्थल के रूप में उभरे राजधानी मनामा के केंद्र में स्थित प्रतिष्ठित पर्ल स्क्वायर को भी ध्वस्त कर दिया था।

बहरीन की सत्ता ने ईरान के इशारे पर प्रदर्शन करने का प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया। तब से इसने कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में लोकतंत्र समर्थक और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को राजनीतिक असंतोष के कारण जेल में बंद कर रखा है।

राजनीतिक सुधारों को लाने इनकार करने के कारण अमेरिका की करीबी सहयोगी और इसके पांचवे बेड़े के मेजबान बहरीन में सत्तारूढ़ शासन ने अपना लोकप्रिय समर्थन खो दिया है। पिछले साल इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करने वाले अमेरिका समर्थित "अब्राहम समझौते" पर हस्ताक्षर करने से सरकार की वैधता में और गिरावट आई है।

Bahrain
Bahrainis protest
COVID-19
Saudi Arab
Israel

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए


बाकी खबरें

  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    सिंघू बार्डर हत्याकांड, भारत की भूख और राहुल शरणम् कांग्रेस
    16 Oct 2021
    किसान आंदोलन का सदरमुकाम समझे जाने वाले सिंघू बार्डर पर शुक्रवार की सुबह जिस व्यक्ति की नृशंस ढंग से हत्या हुई, वह तरनतारन से कुछ दिनों पहले कैसे निहंगो के टेंट में आया और क्यों आया; इसे कोई नहीं…
  • Essential Commodities Act
    न्यूज़क्लिक टीम
    Essential Commodities Act में संशोधन सलाह के बाद होने चाहिए थे
    16 Oct 2021
    पूर्व कृषि सचिव और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के चेयरमैन आशीष बहुगुणा ने न्यूज़क्लिक से एक ख़ास बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार को स्टेकहोल्डरों से सलाह करने के बाद ही Essential…
  • Savarkar and Gandhi
    राजेंद्र शर्मा
    गांधी तूने ये क्या किया : ‘वीर’ को कायर कर दिया
    16 Oct 2021
    “गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में बैठे-बैठे ही ताड़ लिया था कि उनके राष्ट्रपिता के आसन के लिए अगर किसी से खतरा हो सकता था, तो वीर सावरकर से ही हो सकता था। अगले ने सावरकर की वीरता में ही खोट डलवा दिया…
  • Urban Company
    न्यूज़क्लिक टीम
    Urban Company: बिज़नेस मॉडल पर उठते सवाल
    16 Oct 2021
    होम सर्विस मुहैया करवाने वाले प्लेटफॉर्म अर्बन कंपनी के खिलाफ बीती 8 अक्टूबर को महिला कर्मचारियों का एक बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला. अर्बन कंपनी, इन महिलाओं को कर्मचारी न मानकर 'पार्टनर्स' की श्रेणी…
  • hunger
    अजय कुमार
    भारत वैश्विक भूख सूचकांक में शामिल 116 देशों के बीच 101 वें पायदान पर
    16 Oct 2021
    केवल 15 देश भारत से बुरे हाल में हैं जिनमें अफगानिस्तान, नाइजीरिया, मोजांबिक, सोमालिया जैसे देश शामिल हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License