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बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ इराक़ में विरोध प्रदर्शन, प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी बंद
लगभग एक सप्ताह तक निरंतर विरोध प्रदर्शन के कारण इस क्षेत्र में तेल की भारी कमी हो गई है और नासिरियाह तेल रिफ़ाइनरी में तेल उत्पादन और तेल शोधन के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Apr 2021
बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ इराक़ में विरोध प्रदर्शन, प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी बंद

इराक में प्रदर्शनकारियों ने बुधवार 7 अप्रैल को देश के दक्षिण में स्थित नासिरियाह तेल रिफाइनरी के प्रवेश द्वार को एक बार फिर से अवरुद्ध कर दिया है। ये प्रदर्शनकारी बेरोजगारी की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को समाप्त करने और अपने वेतन का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की अक्षमता और अपने मुद्दों के समाधान करने और हाल में स्नातक की डिग्री लेने वाले हजारों इराकियों को रोजगार प्रदान करने में विफलता पर नाराजगी जाहिर की।

बुधवार का दिन इस विरोध प्रदर्शन का पांचवा दिन था। इसमें न केवल विश्वविद्यालय से स्नातक पास और प्रमुख तेल व ऊर्जा क्षेत्र के श्रमिक बल्कि इस क्षेत्र के शिक्षक भी शामिल हैं जिनके वेतन का भुगतान महीनों से नहीं किया गया है।

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शनकारियों ने 'धी कर प्रांत' में रिफाइनरी के कामकाज को दिन-प्रतिदिन बाधित किया है। सैकड़ों बेरोजगार स्नातक पास युवाओं ने रिफाइनरी के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर दिया है और कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश करने से रोका है।

हाल के महीनों में, लोगों को प्रभावित करने वाले व्यापक बेरोजगारी के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक मुद्दों सहित अन्य मुद्दे जैसे वेतन का भुगतान न करने, गरीबी, प्रशासनिक विफलताओं और राजनीतिक भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन व धरना तेल-समृद्ध धीर कर क्षेत्र में नियमित घटना हो गई है। इस साल फरवरी महीने में हुए विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों ने उन्हें दबाने के लिए हिंसक कार्रवाई जिससे कम से कम पांच प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 175 अन्य घायल हो गए।

वर्ष 2021 के लिए हाल ही में प्रस्तावित बजट के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है क्योंकि इसमें रोजगार के अवसरों की कमी को दूर करने के लिए कोई समाधान और नीतियां शामिल नहीं थी।

दुनिया में तेल का सबसे बड़ा उत्पादक देश इराक अपने नागरिकों के जीवन स्तर में भारी गिरावट और बढ़ती बेरोजगारी के कारण एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। इससे लोग सड़कों पर उतर आए हैं और अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं। इराक में अमेरिकी आक्रमण के बाद की सरकारों ने इराकी नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की और उन्हें दबाने की कोशिश की जिससे पिछले दो साल में लगभग 600 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 25,000 अन्य लोग घायल हो गए।

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