NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफगानिस्तान : हवाई हमले में सात लोगों के मारे जाने के बाद बल्ख प्रांत में विरोध प्रदर्शन तेज़
पीड़ितों में एक ही परिवार से तीन नाबालिग और महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है कि अमेरिका द्वारा समर्थित हमले में वे अपने घर में ही मारे गए।
पीपल्स डिस्पैच
27 Jan 2020
Afghanistan Raids

26 जनवरी को सरकारी सैनिकों द्वारा किए गए हवाई हमलों में एक ही परिवार के सात सदस्यों के मारे जाने के बाद उत्तरी बल्ख प्रांत में विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए। सरकारी सैनिक अमेरिका के साथ मिलकर तालिबान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में हवाई हमले कर रही है।

टोलो न्यूज के अनुसार, रविवार के हवाई हमले में मारे गए लोग रात के वक़्त खाना खा रहे थे। हालांकि, अशरफ गनी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस क्षेत्र में नागरिक की मौत की रिपोर्टों की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग मिशन भेजने का वादा किया है।

अफगान रक्षा मंत्रालय ने रविवार को किए गए कई हवाई हमलों में "दर्जनों आतंकवादियों" को मारने का दावा किया। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक बयान में दावा किया कि सरकारी सैनिकों द्वारा पहले किए गए हवाई हमले के जवाब में शनिवार को कुंडुज में एक चेक पोस्ट के पास अफगान बलों के कम से कम 10 सैनिक मारे गए।

इससे पहले 21 जनवरी को अफगानिस्तान के स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग ने इस महीने की शुरुआत में किए गए एक हवाई हमले में तीन नाबालिगों और तीन महिलाओं सहित 15 अफगान नागरिकों की मौत के लिए अमेरिकी सेनाओं को जिम्मेदार ठहराया था। आयोग ने जारी हवाई हमलों में नागरिक हत्याओं को "मानवाधिकारों के उल्लंघन" का एक ख़तरनाक उदाहरण क़रार दिया।

8 जनवरी को पश्चिमी अफगानिस्तान में अमेरिकी हवाई हमले के बाद यूएस और नाटो सैनिकों के एक प्रवक्ता ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान रसूल समूह के क्षेत्रीय कमांडर, मुल्लाह राज़ मोहम्मद नंग्यलाई की हत्या की पुष्टि की थी। हालांकि, 15 नागरिकों की मौतों पर सवाल उठाए जाने पर प्रवक्ता ने तुरंत अफगान रक्षा मंत्रालय से जवाब देने के लिए कहा।

अफगानिस्तान के स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग ने नागरिकों की मौतों को रोकने के लिए सैन्य अभियानों के दौरान देश में संचालित घरेलू और विदेशी सेनाओं को अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाने के लिए बार-बार कहा है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच सहित अधिकार की रक्षा करने वाले कई समूहों ने पहले उल्लेख किया है कि किस तरह 2019 में तालिबान विद्रोहियों की तुलना में अधिक नागरिकों को मारने के लिए अमेरिकी सेना के साथ-साथ अफगान सेनाएं ज़िम्मेदार थीं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

America
Afganistan
Airstrike
Afghan Ministry of Defense
Human rights commission
Afghanistan Raids

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License