NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पुडुचेरी: राज्यपाल किरण बेदी को वापस बुलाने की मांग को लेकर कांग्रेस समेत अन्य दलों ने किया अनशन
बेदी पर आरोप है कि वह संघ शासित प्रदेश की सरकार की विकास की योजनाओं में अड़ंगा लगा रही हैं।
भाषा
05 Feb 2021
किरण बेदी

पुडुचेरी: पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी को वापस बुलाने की मांग को लेकर यहां शुक्रवार को दिन भर अनशन पर बैठे ‘सेकुलर डेमोक्रेटिक अलांयस’ (एसडीए) में शामिल दलों का मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने नेतृत्व किया।

कल्याण मंत्री एम कंडासामी, उद्योग मंत्री शाहजहां, लोकसभा सदस्य वी वैथिलिंगम, पीसीसी नेता ए वी सुब्रमण्यन और विभिन्न दलों के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उप राज्यपाल किरण बेदी को वापस बुलाने का आग्रह किया।

बेदी पर आरोप है कि वह संघ शासित प्रदेश की सरकार की विकास की योजनाओं में अड़ंगा लगा रही हैं।

हालांकि द्रमुक यहां बाहर से कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रही है लेकिन उसके किसी भी नेता ने अनशन में हिस्सा नहीं लिया।

पिछले कुछ महीनों से सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शनों से द्रमुक ने खुद को अलग रखा है।

कांग्रेस तथा गठबंधन के अन्य दलों ने बेदी को वापस बुलाने की मांग को लेकर आठ जनवरी से तीन दिन तक प्रदर्शन किया था।

लोक निर्माण विभाग मंत्री ए नमःशिवायम 25 जनवरी को कांग्रेस से भाजपा में चले गए थे जिसके बाद नारायणसामी सरकार में मंत्रियों की संख्या पांच रह गई है।

पर्यटन मंत्री मल्लादी कृष्ण राव ने भी अनशन में हिस्सा नहीं लिया।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 16 जनवरी को बंद का आयोजन किया जाएगा और मांग की जाएगी कि या तो बेदी पुडुचेरी से खुद वापस जाएं या केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे और उन्हें वापस बुलाए।

नारायणसामी ने कहा था, “जब तक केंद्र सरकार बेदी को वापस नहीं बुलाती, हमारा विरोध जारी रहेगा।”

इस बीच कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं का एक शिष्टमंडल 10 फरवरी को दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेगा और बेदी को वापस बुलाने संबंधी कागज सौंपेगा जिस पर कांग्रेस ने जनता के हस्ताक्षर लिए हैं।

Puducherry
Kiran Bedi
Congress

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,729 नए मामले, 221 मरीज़ों की मौत
    05 Nov 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 43 लाख 33 हज़ार 754 हो गयी है।
  • Diagnosis and Recovery Long
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन बताता है कि मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस रोगियों की पहचान और इलाज का सफ़र लंबा और महंगा है
    05 Nov 2021
    इस रिपोर्ट में ज़िक़्र किया गया है कि कैसे एमडीआर-टीबी के 128 (49%) रोगियों में से 62 रोगियों के होने वाले ख़र्च के आकलन से पता चला कि औसत ख़र्च 10,000 रुपये था, और 14 (23%) रोगियों ने बताया कि यह…
  • akhilesh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    उत्तर प्रदेशः छोटी छोटी पार्टियों की बड़ी बेचैनी
    05 Nov 2021
    ध्यान से देखा जाए तो यह होड़ उत्तर प्रदेश की विभिन्न जातियों की सामाजिक-राजनीतिक हलचल है। यह छोटी जातियों का राजनीतिकरण है जो हिंदुत्व और समाजवाद के बड़े बड़े आख्यानों के बीच अपने लिए सम्मान और सत्ता…
  • kisan diwali
    लाल बहादुर सिंह
    उपचुनाव नतीजों के बाद पैनिक मोड में आई मोदी सरकार क्या किसान-आंदोलन पर भी यू-टर्न लेगी? 
    05 Nov 2021
    अगले 1-2 महीने बेहद निर्णायक हैं आंदोलन के भविष्य के लिए। इस दौरान  एक ओर सरकार किसी न किसी तरह आंदोलन खत्म कराने के अधिकतम दबाव में रहेगी, दूसरी ओर आंदोलन के सामने न सिर्फ अपने को मजबूती से टिकाए…
  • diwali crackers
    शंभूनाथ शुक्ल
    दिवाली, पटाख़े और हमारी हवा
    04 Nov 2021
    दशहरा या दिवाली पर पटाख़े फोड़ने का कोई भी धार्मिक विधि-विधान नहीं है लेकिन जिनके पास अतिरिक्त धन है, उनको दिवाली पर पटाख़ों को फोड़ने में आनंद मिलता है। शायद इस तरह वे अपने वैभव का प्रदर्शन करते हों।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License