NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पुडुचेरी: कांग्रेस सरकार गिरी, मुख्यमंत्री नारायणसामी ने एलजी को इस्तीफ़ा सौंपा
आख़िरकार एक और ग़ैर भाजपा सरकार गिर गई। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी और सत्तारूढ़ कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों ने उप राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Feb 2021
cartoon click

पुडुचेरी: आख़िरकार पुडुचेरी की ग़ैर भाजपा सरकार गिर गई। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी और सत्तारूढ़ कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों ने सोमवार को विश्वासमत में सरकार की हार के बाद उप राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर मतदान से पूर्व ही स्पीकर ने ऐलान किया कि सरकार के पास विश्वासमत नहीं है। इसके बाद मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और सत्तारूढ़ पार्टी के अन्य विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया। मुख्यमंत्री राजनिवास पहुंचे और उप राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा।

नारायणसामी ने उप राज्यपाल तमिलिसाई से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने, मंत्रियों ने , कांग्रेस और द्रमुक विधायकों और निर्दलीय विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया है और इन्हें स्वीकार किया जाना चाहिए।’’हालांकि उन्होंने अगले कदम को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।

सरकार को द्रमुक और निर्दलीय विधायक भी समर्थन दे रहे थे।

गौरतलब है कि कांग्रेस के विधायक के. लक्ष्मीनारायणन और द्रमुक के विधायक वेंकटेशन के रविवार को इस्तीफा देने के बाद 33 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 11 हो गई, जबकि विपक्षी दलों के 14 विधायक हैं।

पूर्व मंत्री ए. नमसिवायम (अब भाजपा में) और मल्लाडी कृष्ण राव समेत कांग्रेस के चार विधायकों ने इससे पहले इस्तीफा दिया था, जबकि पार्टी के एक अन्य विधायक को अयोग्य ठहराया गया था। नारायणसामी के करीबी ए. जॉन कुमार ने भी इस सप्ताह इस्तीफा दे दिया था।

आपको यहां यह भी बता दें कि इससे पहले पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरन बेदी को हटा दिया गया था और उनकी जगह तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन को पुडुचेरी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया था।

यह पहेली लोगों को समझ नहीं आ रही थी, कि किरन बेदी को क्यों अचानक  हटाया गया, जबकि उसी समय पुडुचेरी में हुए अचानक राजनीतिक घटनाक्रम के तहत एक और विधायक के इस्तीफे के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश की कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी। लेकिन उसी समय उपराज्यपाल किरन बेदी को उनके पद से हटा दिया गया, जिसकी मांग कांग्रेस लंबे समय से कर रही थी।

जानकारों का कहना है कि इससे पहले किरन बेदी को इसलिए ही हटाया गया क्योंकि नारायणसामी समेत सत्तारूढ़ पार्टी ने किरन बेदी को मुद्दा बनाया हुआ था कि वे प्रदेश की सरकार को काम नहीं करने दे रही हैं। ऐसे में अगर उन्हीं के रहते सरकार गिरती तो सीधा आरोप किरन बेदी की मार्फ़त केंद्र सरकार पर ही लगता और नारायणसामी सहानुभूति बटोर सकते थे, कि उनकी सरकार को जबरन गिरा दिया गया है। हालांकि वे अब भी इसी को मुद्दा बनाएंगे लेकिन केंद्र ने किरन बेदी को पहले ही हटाकर इस नुकसान को कम करने की कोशिश की है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Puducherry
V Narayanasamy
Congress
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License