NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
उत्पीड़न
घटना-दुर्घटना
भारत
पुणे रासायनिक संयंत्र अग्निकांड : कंपनी के मालिक के ख़िलाफ़ ग़ैर-इरादतन हत्या का मुक़दमा दर्ज
पुलिस अधीक्षक अभिनव देशमुख ने कहा कि ‘एसवीएस एक्वा टेक्नोलॉजीज’ के मालिकों में से एक निकुंज शाह के खिलाफ पौड पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को शाह को पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jun 2021
Pune fire
फ़ोटो साभार: द इंडियन एक्स्प्रेस

महाराष्ट्र: पुणे जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक रासायनिक संयंत्र में सोमवार को लगी भीषण आग में 17 कामगारों की मौत के एक दिन बाद मंगलवार को कंपनी के मालिकों में से एक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि संयंत्र में अग्नि सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज किया गया था।

बीते कुछ सालों में औद्योगिक हादसों में तेज़ी देखी जा रही है। वर्कर्स यूनिटी की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता अजीत कुमार का कहना है कि ‘फ़ैक्ट्री मालिकों को खुली छूट देने का ये परिणाम है।’

वो कहते हैं कि ‘कंपनियों में अब सेफ़्टी को लेकर कोई जांच पड़ताल नहीं होती और ये मैनेजमेंट के ऊपर है कि वो इसे कराता है या नहीं। जबकि कंपनियां जांच पड़ताल या मरम्मत करने पर होने वाले खर्च को बचाने के लिए मशीनों, कलपुर्ज़ों, बॉयलर तक की मरम्मत और देखरेख नहीं कराती हैं, जिससे हादसों में बहुत इजाफ़ा हुआ है।

पुलिस अधीक्षक (पुणे, देहात) अभिनव देशमुख ने कहा कि ‘एसवीएस एक्वा टेक्नोलॉजीज’ के मालिकों में से एक निकुंज शाह के खिलाफ पौड पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को शाह को पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया गया।

अधिकारी ने कहा कि उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) संदेश शिर्के के नेतृत्व में समिति द्वारा की गई जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कंपनी ने अग्नि सुरक्षा और भवन अनुमति नियमों का पालन नहीं किया।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संयंत्र में आपातकालीन स्थिति में निकलने के लिए खुला स्थान या आपातकालीन दरवाजा नहीं था। कुछ श्रमिकों के मुताबिक, जिस हिस्से में आग आग लगी, वहां के दरवाजे लॉक हो गए और स्थानीय लोगों ने जेसीबी की मदद से दीवार तोड़कर फंसे लोगों को बचाया।

आग लगने के कारणों के बारे में पुलिस अधीक्षक देशमुख ने कहा कि ‘क्लोरीन डायऑक्साइड’ के उत्पादन में उपयोग होने वाली सामग्री ज्वलनशील होती है। ऐसे में घर्षण के कारण गर्मी या चिंगारी उठना आग भड़कने का कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि कई चश्मदीदों ने घर्षण या चिंगारी उठने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने रसायन के नमूने एकत्र किए हैं और जांच के बाद पता चलेगा कि किस तरह की रासायनिक प्रक्रिया हुई। कंपनी द्वारा सेनेटाइजर बनाए जाने के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं लगता है क्योंकि कम मात्रा में सेनेटाइजर पाया गया है जिसका उपयोग कर्मचारियों के लिए हो सकता है।

मुलशी संभाग के उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) संदेश शिर्के ने सोमवार को बताया था कि परिसर से 18 शव बरामद किए गए हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक अभिनव देशमुख ने बताया कि 17 शव बरामद हुए हैं, जो पूरी तरह जल चुके थे और एक शरीर का अंग तलाश अभियान के दौरान बरामद हुआ।

देशमुख ने कहा, ‘‘ हमें संदेह है कि यह शरीर का अंग 17 मृतकों में से किसी एक का हो सकता है। इसलिए हम अभी मृतक संख्या 17 ही मान कर चल रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि कंपनी अधिकारियों के अनुसार, ये वे 17 कर्मचारी हैं, जो घटना के समय मौके पर मौजूद थे।

गौरतलब है कि ‘एसवीएस एक्वा टेक्नोलॉजीज’ के संयंत्र में सोमवार को आग लग गई थी, जिसमें ‘क्लोरीन डायऑक्साइड’ का उत्पादन होता है। यह संयंत्र पुणे शहर के पास मुलशी तहसील के पिरगुंट इलाके में है। अंधेरा होने और आग से गर्मी अधिक बढ़ने के कारण सोमवार की रात तलाश अभियान रोक दिया गया था। दमकल विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सुबह एक बार फिर बचाव अभियान शुरू किया। विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘मंगलवार को सुबह हमने एक बार फिर तलाश अभियान शुरू किया, ताकि मलबे में कोई फंसा हो तो उसका पता लगाया जा सके।

वहीं, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने आग लगने के उचित कारण का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।

जबकि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे की  फैक्टरी में कामगारों की मौत पर दुख जताया था और मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने इस घटना में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा, ‘‘महाराष्ट्र के पुणे में एक औद्योगिक इकाई में आग लगने से मरने वालों के परिजन को प्रधानमंत्री ने पीएमएनआरएफ के दो लाख रुपये देने की घोषणा की है। घायल लोगों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।’’

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Pune
factory fire
disaster
Maharashtra
hand sanitizer

Related Stories

महाराष्ट्र में गन्ने की बम्पर फसल, बावजूद किसान ने कुप्रबंधन के चलते खुदकुशी की

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

महाराष्ट्र: 6 महीने में 400 लोगों ने किया नाबालिग का कथित दुष्कर्म, प्रशासन पर उठे सवाल!

महाराष्ट्र: महिला सुरक्षा को लेकर कितनी चिंतित है सरकार?

महाराष्ट्र: जलगांव के हॉस्टल में लड़कियों से अभद्रता हमारे सिस्टम पर कई सवाल खड़े करती है!


बाकी खबरें

  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    जहांगीरपुरी हिंसा में देश के गृह मंत्री की जवाबदेही कौन तय करेगा ?
    18 Apr 2022
    न्यूज़चक्र में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं जहांगीरपुरी में हुई हिंसा की, और सवाल उठा रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की इस मुद्दे पर साधी हुई चुप्पी पर
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में 1573 करोड़ रुपये का धान घोटाला, जिसके पास मिल नहीं उसे भी दिया धान
    18 Apr 2022
    बिहार में हुए 1573 करोड़ रुपये के धान घोटाले की सीआईडी जांच में अब नए खुलासे हुए हैं। जिले के बोचहां थाने में दर्ज इस मामले की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
  • सोनिया यादव
    यूपी: फतेहपुर के चर्च में सामूहिक धर्मांतरण या विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल का बवाल?
    18 Apr 2022
    एफ़आईआर में धर्मान्तरण के क़ानून से जुड़ी धाराओं को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया क्योंकि धर्मान्तरित किए जा रहे किसी शख़्स या उनके परिजन इस मामले में शिकायतकर्ता नहीं थे। कोर्ट से गिरफ्तार सभी लोगों को…
  • अखिलेश अखिल
    भारतीय लोकतंत्र: संसदीय प्रणाली में गिरावट की कहानी, शुरुआत से अब में कितना अंतर?
    18 Apr 2022
    यह बात और है कि लोकतंत्र की प्रतीक भारतीय संसद और उसकी कार्य प्रणाली में गिरावट आज से पहले ही शुरू हो गई थी लेकिन पिछले एक दशक का इतिहास तो यही बताता है कि जो अभी हो रहा है अगर उसे रोका नहीं गया तो…
  • सौरव कुमार
    मिरात-उल-अख़बार का द्विशताब्दी वर्ष: भारत का एक अग्रणी फ़ारसी अख़बार, जो प्रतिरोध का प्रतीक बना
    18 Apr 2022
    विख्यात पत्रकार पी साईनाथ के अनुसार, मिरात-उल-अख़बार के द्वारा जिस प्रकार की गुणवत्ता और पत्रकारिता का प्रतिनिधित्व किया गया, वह समकालीन भारत के लिए पूर्व से कहीं अधिक प्रासंगिक है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License