NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
पंजाब: धार्मिक ग्रंथों का अपमान निंदनीय, लेकिन इसके लिए 'लिंचिंग' कितनी जायज़?
पंजाब में बेअदबी की घटनाओं पर राजनीति जारी है। लेकिन बीते दो दिन में दो लिंचिंग के मामलों पर सरकार से लेकर विपक्ष तक सब ख़ामोश हैं।
सोनिया यादव
20 Dec 2021
punjab
Credit: AFP Photo

पंजाब विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है और ऐसे में कई जगह हुए बेअदबी कांड सियासतदानों के लिए एक बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। फिलहाल हालिया घटनाओं को लेकर आम सिख भावनाएं आहत हैं, जिसे तमाम राजनीतिक दल अपने पाले में कर फायदा लेने की फिराक में लगे हुए हैं। विपक्ष तो विपक्ष, सत्ताधारी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी इस मामले में अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को तीखे तेवर दिखा रहे हैं।

पंजाब के स्वर्ण मंदिर और कपूरथला ज़िले में सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब और प्रतीकों की बेअदबी के मामले में दो दिन में दो लिंचिंग के मामले सामने आ चुकी हैं। सिखों के सर्वोच्च धार्मिक स्थल श्री हरमंदिर साहिब में बेअदबी की घटना पर पूरे विश्व में विरोध जाहिर किया जा रहा है, और यह है स्वाभाविक भी है। लेकिन दुखद ये है कि ये विरोध, निंदा, रोष और गुस्सा सिर्फ बेअदबी के लिए है और लिंचिंग के लिए कुछ भी नहीं। विरोध करने वाले तमाम सियासी, धार्मिक और सामाजिक संगठन इस पर खामोशी अख्तियार किए हुए हैं कि इस पावन स्थल पर 'लिंचिंग' भी हुई है। शायद इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी शख्स को परिसर के अंदर भीड़ ने इस तरह से पीट कर मार डाला हो। सरकार से लेकर विपक्ष तक इस पर चुप्पी साधे हुए है।

बता दें कि बेअदबी का मामला अक्तूबर 2015 से ही पंजाब के लिए एक बड़ा मुद्दा है। उस साल गुरु ग्रंथ साहिब के पन्नों को फ़रीदकोट के बरगरी गांव के गुरुद्वारे के बाहर पाया गया था। इसके बाद बेहबल कलां में पुलिस फ़ायरिंग में दो लोगों की मौत हुई थी। बरगरी बेअदबी मामले में अब तक कई एसआईटी टीमें और दो आयोग बन चुके हैं लेकिन साज़िश का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

क्या है पूरा मामला?

अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक राजनेताओं, आरएसएस और किसान संगठनों ने पार्टी लाइन से हट कर बेअदबी की निंदा तो की है, लेकिन उनमें से कुछ ने ही हत्याओं पर कुछ कहा है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बेअदबी घटना की जांच के उच्चस्तरीय आदेश दिए हैं तो वहीं शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने घटनाक्रम की जांच के लिए केंद्र सरकार से कहा है।

CM @CharanjitChanni strongly condemned the most unfortunate and heinous act to attempt sacrilege of Sri Guru Granth Sahib in the sanctum sanctorum of Sri Harimandir Sahib during the path of Sri Rehras Sahib.
(1/3)

— CMO Punjab (@CMOPb) December 18, 2021

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा से जब लिंचिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी स्थिति के बारे में मालूम नहीं है। इसलिए वे पहले तथ्य पता करेंगे और फिर बयान जारी करेंगे। वहीं बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह दावा किया कि बेअदबी के प्रयास के पीछे एक बड़ी साजिश है। सिरसा ने कांग्रेस के ऊपर बेअदबी के प्रयासों पर कुछ ना करने का आरोप लगाते हुए पंजाब सरकार से मांग की है कि वो इस कथित साजिश का जल्द से जल्द पर्दाफाश करे।

Real footage of an unfortunate and painful sacrilege incident at Sri Darbar Sahib pic.twitter.com/nVXOSeDga2

— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) December 18, 2021

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को इसमें केंद्रीय एजेंसियों की साजिश लगती है। जबकि कई सिख संस्थाओं और उनके रहनुमाओं को लगता है कि ये जानबूझ कर तनाव का माहौल बनाने की कोशिश है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की ओर से भी ऐसे बयान जारी होने का सिलसिला बरकरार है।

अमृतसर या कपूरथला में जो भी बेअदबी की घटना हुई वो यकीनन निंदनीय और असहनीय है लेकिन इस सवाल का जवाब कौन देगा कि एक आरोपी को पीट-पीटकर मार देना कहां तक जायज़ है?

मामले का राजनीतिकरण

वैसे विभिन्न पार्टियों के नेताओं के बयान से साफ जाहिर है कि वो इस मामले को अपने-अपने तरीके से जमीनी स्तर पर ले जाएंगे और अपने गुस्से का इजहार करेंगे। बीते लंबे समय से राजनीति से लगभग दूरी बना चुके प्रकाश सिंह बादल ने इस मामले पर सबसे पहले बयान जारी कर कहा कि यह 'कौम' पर हमला है। हरसिमरत कौर बेअदबी की घटना पर बोलीं, लेकिन लिंचिंग पर खामोश रहीं। कांग्रेस का रुख भी कुछ अलग नहीं रहा। उप मुख्यमंत्री और गृह विभाग के मुखिया सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इसमें गहरी साजिश देखी। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी करीब-करीब इसी लाइन पर दिखे और लिंचिंग मामले पर चुप्पी साध गए।

आज श्री दरबार साहिब में हुई बेअदबी की घटना बेहद दुखदायी है। सब लोग सदमे में हैं। ये बहुत बड़ी साज़िश हो सकती है। दोषियों को सख़्त से सख़्त सजा मिले।

ਪ੍ਰਮਾਤਮਾ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੇ ਸਿਰ ਤੇ ਮਿਹਰ ਭਰਿਆ ਹੱਥ ਰੱਖੇ.....
ਨਾਨਕ ਨਾਮ ਚੜਦੀ ਕਲਾ ਤੇਰੇ ਭਾਣੇ ਸਰਬੱਤ ਦਾ ਭਲਾ

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 18, 2021

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एक अलग ही दुविधा में दिखे। उन्होंने इस बेअदबी की तीखी निंदा तो की लेकिन इसे केंद्रीय एजेंसियों की साजिश कहने से कतराते दिखें। शायद इसलिए क्योंकि आने वाले दिनों में उनका बीजेपी से गठजोड़ हो सकता है।

हालांकि पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि शनिवार, 18 दिसंबर को दरबार साहिब में कथित साज़िशकर्ता को मारा नहीं जाना चाहिए था क्योंकि वो इस साज़िश के बारे में प्रशासन की मदद कर सकता था। रंधावा जो कि राज्य के गृह मंत्री भी हैं उन्होंने रविवार, 19 दिसंबर को स्वर्ण मंदिर का दौरा भी किया।

पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?

बेअदबी मामले में लिंचिंग की जब दूसरी ख़बर डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को मिली तो उन्होंने ट्वीट किया, "अमृतसर और कपूरथला में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का मैंने गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया है। राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोई भी कोशिश की गई तो उससे मज़बूती से निपटा जाएगा।"

I have taken serious note of the unfortunate incidents in Amritsar and Kapurthala. Any attempt to violate the communal harmony in the state will be dealt with a firm hand.

Stern action will be taken against all those disturbing the law and order in Punjab. #PunjabStandsTogether

— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) December 19, 2021

इंडियन एक्सप्रेस को एक राजनीतिक टिप्पणीकार ने अपना नाम न सार्वजनिक करने की शर्त पर कहा कि लिंचिंग दिखाती है कि 'राज्य में धार्मिकता चरम पर है और लगातार बेदअबी की घटनाओं से सिख समुदाय में असुरक्षा की भावना है।'

एक अन्य प्रसिद्ध शिक्षाविद् ने अख़बार से कहा कि कुछ लोगों द्वारा भीड़ के ज़रिए न्याय करने का जश्न अराजकता का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा, "पंजाब में ऐसा कभी नहीं हुआ है, हम नहीं चाहते हैं कि इस तरह के लोग आपे से बाहर हो जाएं।"

'लिंचिंग' कितनी जायज़?

गौरतलब है कि कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इससे पहले भी पंजाब में कई धर्म स्थलों पर मानसिक रोगी बेअदबी करते पाए गए हैं। इसी महीने एक तख्त साहिब में भी बेअदबी हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति ने परिसर में बीड़ी पी थी और तब उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। तब डॉक्टरों ने उस आदमी को बाकायदा मानसिक रोगी कहा था।

बहरहाल, बेअदबी की घटनाओं को लेकर एसजीपीसी यानी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की भूमिका अहम है। प्रबंधन को चाहिए था कि वो दोषी व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर गहन पूछताछ करवाती, जिससे बाद में कुछ निष्कर्ष सामने आते। बेअदबी और धार्मिक भावनाओं का अपमान निश्चित तौर पर असहनीय है लेकिन किसी भी हाल में कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं होना चाहिए। किसी भी धार्मिक स्थल पर इस तरह का कत्लेआम बर्दाश्त नहीं होना चाहिए न ही इसे बढ़ावा मिलना चाहिए, क्योंकि एक सभ्य समाज के तौर पर हम सब इंसान पहले हैं और किसी धर्म के अनुयायी बाद में। कहा भी जाता है कि जैसे को तैसे की भावना और आंख के बदले आंख पूरे संसार को अंधा बना सकती है।

punjab
Golden Temple
Punjab Sacrilege Cases
Congress
BJP
Shiromani Akali Dal
Punjab assembly elections

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल


बाकी खबरें

  • sudan
    पवन कुलकर्णी
    सूडान के दारफुर क्षेत्र में हिंसा के चलते 83,000 से अधिक विस्थापित: ओसीएचए 
    18 Dec 2021
    सूडान की राजधानी खार्तूम, खार्तूम नार्थ, ओम्डुरमैन सहित देशभर के कई राज्यों के कई अन्य शहरों में गुरूवार 16 दिसंबर को विरोध प्रदर्शनों के दौरान “दारफुर का खून बहाना बंद करो” और “सभी शहर दारफुर हैं”…
  • air india
    भाषा
    पायलटों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय खारिज किये जाने के खिलाफ एअर इंडिया की अर्जी अदालत ने ठुकराई
    18 Dec 2021
    अदालत ने कहा, ‘‘सरकार और उसकी इकाई एक आदर्श नियोक्ता के रूप में कार्य करने के लिए बाध्य हैं और इसलिए, उसे पायलटों को ऐसे समय संगठन (एअर इंडिया) की सेवा करने के अधिकार से वंचित करते नहीं देखा जा सकता…
  • Goa Legislative Assembly
    राज कुमार
    गोवा चुनाव 2022: राजनीतिक हलचल पर एक नज़र
    18 Dec 2021
    स्मरण रहे कि भाजपा ने जिन दो पार्टियों के बल पर सरकार बनाई थी वो दोनों ही पार्टियां भाजपा का साथ छोड़ चुकी है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी कांग्रेस का समर्थन कर रही है तो महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी तृणमूल…
  • Nuh
    सबरंग इंडिया
    नूंह के रोहिंग्या कैंप में लगी भीषण आग का क्या कारण है?
    18 Dec 2021
    हरियाणा के नूंह में लगी आग में रोहिंग्याओं की 32 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। उत्तर भारत के रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में इस साल इस तरह की यह तीसरी आग है
  • covid
    भाषा
    ओमीक्रॉन को रोकने के लिए जन स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक उपाय तत्काल बढ़ाने की ज़रूरत : डब्ल्यूएचओ
    18 Dec 2021
    डब्ल्यूएचओ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें आगामी हफ्तों में और सूचना मिलने की संभावना है। ओमीक्रॉन को हल्का मानकर नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।’’
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License