NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
पंजाब के किसानो का गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, दी पंजाब बंद की चेतावनी
पंजाब के किसान, गन्ना के राज्य परामर्श मूल्य में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। वे पहले ही पंजाब सरकार द्वारा घोषित प्रति क्विंटल पर 15 रूपये की वृद्धि ठुकरा चुके हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Aug 2021
पंजाब के किसानो का गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, दी पंजाब बंद की चेतावनी
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों के गन्ना किसान 20 अगस्त 2021 से धनोवली के पास जालंधर में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। धरना आज पांचवे दिन भी जारी रहा। चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के साथ कल यानी सोमवार को हुई बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, इस कारण, किसान अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। इसलिए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह गन्ना के दाम एवं लंबित बकाये के भुगतान को लेकर पिछले पांच दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ मंगलवार को बैठक करेंगे।

राष्ट्रीय राजमार्ग और एक रेलवे लाइन पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा है। पंजाब सरकार द्वारा किसान संगठनों के साथ साँझा किए गए उत्पादन की लागत के आंकड़ों को वे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। पंजाब सरकार ने गन्ने के अपने एसएपी (SAP) में कोई वृद्धि नहीं की है, भले ही उनके अपने शोधकर्ताओं के आंकड़े फसल की उत्पादन लागत में वृद्धि दर्शाते हैं। गन्ना उत्पादक इस बात से नाराज और चिंतित हैं कि राज्य सरकार फसल विविधीकरण का प्रयास कर रहे किसानों को पर्याप्त समर्थन के बिना फसलों के विविधीकरण की बात कर रही है।

पंजाब सरकार ने पड़ोसी हरियाणा की तुलना में इसकी कीमतें बहुत कम रखी हैं और अब तक बकाया का भुगतान भी नहीं किया गया है।

इस बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने ट्वीट कर कहा था कि पंजाब की ओर से दिया जाने वाला एसएपी बेहतर होना चाहिए और हैरानी की बात यह है कि पंजाब का एमएसएपी हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों से कम है, जबकि खेती की लागत अधिक है।

संयुक्त मोर्चे में शामिल पंजाब के सभी किसान यूनियनों ने इसमें भागीदारी की है। प्रमुख रूप से दोआबा किसान संघर्ष कमेटी, जमहूरी किसान सभा, दोआबा किसान यूनियन, गन्ना संघर्ष कमेटी दसूहा, भारतीय किसान यूनियन राजेवाल, भारतीय किसान यूनियन सिरसा, भारतीय किसान यूनियन कादियां, किरती किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर, पगड़ी संभाल जट्टा हरशे मानसर व अन्य कई किसान संगठन शामिल हुए।

पंजाब के कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री एवं किसान नेताओं के बीच बैठक होगी।

इस बीच पंजाब के आयुक्त (कृषि) बलविंदर सिंह सिद्धू और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के दो अर्थशास्त्रियों समेत अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के एक दल ने जालंधर में किसान नेताओं के साथ बैठक की एवं गन्ने उत्पादन की लागत उनका पक्ष जाना।

सिद्धू ने कहा कि ज्यादातर मुद्दों पर किसानों एवं सरकार के बीच सहमति बन गयी है लेकिन अब भी कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं जिनके कल मुख्यमंत्री के साथ बैठक में हल हो जाने की आस है।

किसान, गन्ना के राज्य परामर्श मूल्य में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। वे पहले ही पंजाब सरकार द्वारा घोषित प्रति क्विंटल पर 15 रूपये की वृद्धि ठुकरा चुके हैं।

राज्य सरकार ने गन्ने के वास्ते शुरुआती किस्म के लिए 325 रूपये, मध्यम के लिए 315 और देर से पकने वाली किस्म के लिए 310 रूपये की दरों की घोषणा की थी। किसानों ने कहा कि पड़ोस हरियाणा में सरकार 358 रूपये प्रति क्विंटल दे रही है।

प्रशासन से मीटिंग के बाद किसान नेता मनजीत सह राय ने कहा कि उन्होंने सरकार की एक्सपर्ट कमेटी के सामने अपना उत्पादन शुल्क रखा है जोकि 470 रूपए क्विंटल है। जिसे एक्सपर्ट कमेटी भी नाकारा नहीं सकी है यानी उसने भी माना है की उत्पादन शुल्क यही है। परन्तु हम आज भी अपने लिए वही पुरानी माँग 400 रूपए प्रति क्विंटल कर रहे हैं।

किसान नेता मनजीत सह राय ने आगे कहा कि हमने मंगलवार से पंजाब बंद का आह्वान किया था जिसे अभी स्थगित किया गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री से मीटिंग है और उम्मीद है कि वो हमारी मर्जी का भाव देने के लिए तैयार होंगे और अगर ऐसा नहीं होता है तो हम वहीं से पंजाब बंद का आवाह्न कर देंगे।  

मनजीत ने कहा अभी हमारी मांग पर कोई बात नहीं की गई। जालंधर का धरना ऐसे ही चलेगा, सड़क व रेल आवागमन बेमियादी समय के लिए ठप रखा जाएगा। जरूरत पड़ी तो पंजाब की हर सड़क जाम की जाएगी।

punjab
Punjab Farmers
Sugarcane
sugarcane farmers
farmers protest

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

पंजाब: आप सरकार के ख़िलाफ़ किसानों ने खोला बड़ा मोर्चा, चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर डाला डेरा

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

प्रधानमंत्री मोदी की फिरोज़पुर रैली रद्द होने पर राजनीति तेज़, वार और पलटवार

ख़बर भी-नज़र भी: किसानों ने कहा- गो बैक मोदी!

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License