NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
महामारी के बीच असुरक्षा को लेकर अमेरिका में पर्ड्यू फार्म के मज़दूरों का हड़ताल
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपनी नीति का पालन नहीं करने वाली इस कंपनी के 50 श्रमिक पर्ड्यू प्लांट छोड़कर बाहर चले गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
25 Mar 2020
अमेरिका में पर्ड्यू फार्म

अमेरिका में जॉर्जिया प्रांत के पर्ड्यू फ़ार्म प्लांट में 50 कर्मचारी इस महामारी के समय काम करने को लेकर असुरक्षित महसूस करने की शिकायत के बाद 23 जनवरी को काम छोड़कर चले गए। डब्ल्यूएमएजेड की एक रिपोर्ट के अनुसार इन श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि जॉर्जिया के कैथलीन में स्थित ये प्लांट कोरोनावायरस फैलने से रोकने के लिए कंपनी की अपनी नीति का पालन नहीं कर रहा है।

श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि हर 24 घंटे में पूरे परिसर को सैनेटाइज करने की नीति होने के बावजूद प्लांट के भीतर स्थितियां अभी भी अस्वास्थ्यकर है। श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ श्रमिक थे जिन्होंने कहा है कि वे कोरोनावायरस के संपर्क में आ गए थे लेकिन अन्य श्रमिकों के साथ उत्पादन कार्य में लगे हुए थे।

पर्ड्यू फ़ार्म दुनिया की सबसे बड़ी पोल्ट्री कंपनियों में से एक है जिसमें पूरे संयुक्त राज्य में कुल 21,000 कर्मचारी हैं और आखिरी बार 6.7 बिलियन डॉलर का वार्षिक राजस्व रिकॉर्ड किया गया है। चूंकि संयुक्त राज्य अमेरिका में कोरोनावायरस का प्रकोप बड़े पैमाने पर है, ऐसे में इस कंपनी ने हाल ही में रोकथाम के उपायों को तैयार किया था जिसमें कोरोनावायरस के संपर्क में आने वाले श्रमिकों के लिए चार सप्ताह की छुट्टी के साथ भुगतान देने का प्रावधान था।

लेकिन श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि इस प्लांट में नीतियों का पालन मुश्किल से होता है। कैथलीन प्लांट के अलावा, मैरीलैंड के सेलिसबरी में पर्ड्यू के सबसे बड़े प्लांट के श्रमिकों को भी कंपनी से मजदूरी न मिलने की शिकायत है। पर्ड्यू की उत्पादन इकाइयों के श्रमिकों ने यह भी शिकायत की है कि इस प्रकोप के दौरान काम के लिए अन्य प्लांट ने भुगतान में वृद्धि की है जबकि पर्ड्यू ने इस तरह की वृद्धि का ऐलान नहीं किया है।

साभार :पीपल्स डिस्पैच 

Coronavirus
COVID-19
America
Farm workers strike

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • विकास भदौरिया
    एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ
    20 May 2022
    “प्राकृतिक न्याय सभी कानून से ऊपर है, और सर्वोच्च न्यायालय भी कानून से ऊपर रहना चाहिये ताकि उसे कोई भी आदेश पारित करने का पूरा अधिकार हो जिसे वह न्यायसंगत मानता है।”
  • रवि शंकर दुबे
    27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?
    20 May 2022
    सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान अंतरिम ज़मानत मिलने पर जेल से रिहा हो गए हैं। अब देखना होगा कि उनकी राजनीतिक पारी किस ओर बढ़ती है।
  • डी डब्ल्यू स्टाफ़
    क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?
    20 May 2022
    श्रीलंका की तरह बांग्लादेश ने भी बेहद ख़र्चीली योजनाओं को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर विदेशी क़र्ज़ लिए हैं, जिनसे मुनाफ़ा ना के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका में जारी आर्थिक उथल-पुथल…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...
    20 May 2022
    आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्याएं महंगाई और बेरोज़गारी है। और सत्तारूढ़ दल भाजपा और उसके पितृ संगठन आरएसएस पर सबसे ज़्यादा गैर ज़रूरी और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने का आरोप है, लेकिन…
  • राज वाल्मीकि
    मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?
    20 May 2022
    अभी 11 से 17 मई 2022 तक का सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का “हमें मारना बंद करो” #StopKillingUs का दिल्ली कैंपेन संपन्न हुआ। अब ये कैंपेन 18 मई से उत्तराखंड में शुरू हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License