NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुदीक्षा भाटी की मौत पर उठे सवाल, परिजनों ने कहा- छेड़खानी की वजह से हुआ हादसा
परिजनों ने दावा किया है कि हादसे की वजह मोटरसाइकिल पर सवार लड़के थे जो सुदीक्षा का पीछा करते हुए उसे परेशान कर रहे थे। सुदीक्षा अमेरिका में स्कॉलरशिप पर पढ़ाई कर रही थीं और कोरोना संकट के कारण वह जून में अमेरिका से लौटी थीं। उन्हें 20 अगस्त को फिर अमेरिका जाना था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
11 Aug 2020
सुदीक्षा भाटी
image courtesy : Webdunia

बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश की होनहार बेटी की सड़क हादसे में दुखद मृत्यु हो गई। लेकिन इस हादसे को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। परिजनों से लेकर आम लोग तक इस मौत को लेकर सदमें हैं और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।

बुलंदशहर में दो पहिया वाहन के दुर्घनाग्रस्त होने पर 20 वर्षीय सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में उसके परिजनों ने दावा किया है कि हादसे की वजह मोटरसाइकिल पर सवार लड़के थे जो युवती का पीछा करते हुए उसे परेशान कर रहे थे।

उधर, अधिकारियों ने बताया कि घटना सोमवार सुबह औरंगाबाद इलाके में हुई। सुदीक्षा मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी थी, वाहन उसका छोटा एवं नाबालिग भाई चला रहा था। दोनों दादरी में स्थित अपने घर से खानपुर इलाके में अपने मामा के घर जा रहे थे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया, ‘‘रास्ते में ट्रैफिक था। उनके आगे चल रही बुलेट ब्रेक लगने के कारण अचानक से रूक गई जिसके कारण सुदीक्षा और उसके भाई की मोटरसाइकिल उससे पीछे की तरफ से टकरा गई।’’

उन्होंने सुदीक्षा के भाई तथा हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त शुरुआती जानकारी के आधार पर बताया, ‘‘इसमें लड़की को चोट आई, उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।’’

सुदीक्षा के परिवार का आरोप है कि रास्ते में कुछ अज्ञात लोग उसे परेशान कर रहे थे और हादसे की यही वजह है। इसके बाद बुलंदशहर जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए।

सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में सुदीक्षा का भाई कहता नजर आ रहा है, ‘‘हम मोटरसाइकिल पर थे जो 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। बुलेट सवार कुछ व्यक्ति हमारे नजदीक चल रहे थे, उन्होंने अचानक ब्रेक लगा दिए। बुलेट की नंबर प्लेट पर ‘जाट ब्वॉयज’ लिखा था और वाहन का नंबर यूपी 13 से शुरू हो रहा था।’’

एएसपी श्रीवास्तव ने हालांकि कहा कि घटना के वक्त लड़की के भाई ने पुलिस को छेड़छाड़ के बारे में कुछ नहीं बताया था।

जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार ने कहा, ‘‘छेड़छाड़ के आरोपों की हम जांच कर रहे हैं। संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेंगे, वीडियो फुटेज भी जुटा रहे हैं। तर्क-वितर्कों पर भी ध्यान दिया जाएगा तथा सबूतों के आधार पर जांच होगी।’’

उन्होंने यह भी साफ किया कि सुदीक्षा जिस वाहन पर बैठी थी उसे उसके मामा नहीं बल्कि छोटा भाई चला रहा था। इससे पहले कुछ लोगों ने जानकारी दी थी कि वाहन युवती के मामा चला रहे थे।

डीएम ने कहा कि युवती के मामा के मुताबिक मोटरसाइकिल उसका छोटा एवं नाबालिग भाई चला रहा था और उसने हेलमेट भी नहीं पहना था।

उन्होंने यह भी बताया कि बुलंदशहर के अधिकारी दादरी में सुदीक्षा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन फोन पर उनसे बात नहीं हो पा रही है। अधिकारियों को उसके घर भेजा गया है तथा मामले की जांच चल रही है।

आपको बता दें कि सुदीक्षा अमेरिका में स्कॉलरशिप पर पढ़ाई कर रही थीं। जितेंद्र भाटी की बेटी सुदीक्षा भाटी को पढ़ाई के लिए अमेरिका के बॉक्सन कॉलेज से चार करोड़ रूपये की स्कॉलरशिप मिली थी। कोरोना वायरस संकट के कारण वह जून में अमेरिका से लौटी थीं। उन्हें 20 अगस्त को पुनः अमेरिका जाना था।

Sudiksha bhati
Sudiksha bhati Case
UttarPradesh

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कोर्ट कमिश्नर बदलने के मामले में मंगलवार को फ़ैसला

ज्ञानवापी विवाद में नया मोड़, वादी राखी सिंह वापस लेने जा रही हैं केस, जानिए क्यों?  

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कमिश्नर बदलने की याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित, अगली सुनवाई 9 को


बाकी खबरें

  • सत्येन्द्र सार्थक
    आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?
    25 Apr 2022
    सरकार द्वारा बर्खास्त कर दी गईं 991 आंगनवाड़ी कर्मियों में शामिल मीनू ने अपने आंदोलन के बारे में बताते हुए कहा- “हम ‘नाक में दम करो’ आंदोलन के तहत आप और भाजपा का घेराव कर रहे हैं और तब तक करेंगे जब…
  • वर्षा सिंह
    इको-एन्ज़ाइटी: व्यासी बांध की झील में डूबे लोहारी गांव के लोगों की निराशा और तनाव कौन दूर करेगा
    25 Apr 2022
    “बांध-बिजली के लिए बनाई गई झील में अपने घरों-खेतों को डूबते देख कर लोग बिल्कुल ही टूट गए। उन्हें गहरा मानसिक आघात लगा। सब परेशान हैं कि अब तक खेत से निकला अनाज खा रहे हैं लेकिन कल कहां से खाएंगे। कुछ…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,541 नए मामले, 30 मरीज़ों की मौत
    25 Apr 2022
    दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच, ओमिक्रॉन के BA.2 वेरिएंट का मामला सामने आने से चिंता और ज़्यादा बढ़ गयी है |
  • सुबोध वर्मा
    गहराते आर्थिक संकट के बीच बढ़ती नफ़रत और हिंसा  
    25 Apr 2022
    बढ़ती धार्मिक कट्टरता और हिंसा लोगों को बढ़ती भयंकर बेरोज़गारी, आसमान छूती क़ीमतों और लड़खड़ाती आय पर सवाल उठाने से गुमराह कर रही है।
  • सुभाष गाताडे
    बुलडोजर पर जनाब बोरिस जॉनसन
    25 Apr 2022
    बुलडोजर दुनिया के इस सबसे बड़े जनतंत्र में सरकार की मनमानी, दादागिरी एवं संविधान द्वारा प्रदत्त तमाम अधिकारों को निष्प्रभावी करके जनता के व्यापक हिस्से पर कहर बरपाने का प्रतीक बन गया है, उस वक्त़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License