NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इक्वाडोर चुनाव : राफ़ेल कोर्रिया ने अपनी जगह पर पत्रकार कार्लोस का समर्थन किया
7 सितंबर को इक्वाडोर की कोर्ट ऑफ़ कैसेशन द्वारा कोर्रिया के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
17 Sep 2020
इक्वाडोर चुनाव

प्रगतिशील गुटों के गठबंधन द यूनियन फॉर होप (यूएनईएस) ने 7 फरवरी 2021 को होने वाले आम चुनावों में इक्वाडोर के उप-राष्ट्रपति पद के लिए नए उम्मीदवार के रूप में पत्रकार कार्लोस राबस्कल को 16 सितंबर चुना। इस पद के लिए पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोर्रिया की उम्मीदवारी की अयोग्यता के बाद ये फैसला लिया गया। कोर्रिया को कोर्ट ऑफ कैसेशन द्वारा 7 सितंबर को "रिश्वत 2012-16" भ्रष्टाचार मामले में सजा सुनाते हुए कोर्रिया को 25 साल के लिए चुनावी राजनीति से प्रतिबंधित कर दिया गया और 8 साल की जेल की सजा सुनाई गई।

पूर्व राष्ट्रपति कोर्रिया ने अपनी जगह पर राबस्कल के नामांकन का समर्थन किया और उन्होंने आरटी के साथ इंटरव्यू के दौरान उन्हें "महान मानवतावाद, प्रगतिशील और व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़ा" व्यक्ति बताया।

प्रजेंटेशन प्रोग्राम में यूएनईएस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और अर्थशास्त्री एंड्रेस अरौज़ ने भी उनकी प्रशंसा की और कहा कि "वे क्षेत्रीय निष्पक्षता के साथ उत्पादक विकास को हासिल करने वाले व्यक्तित्व हैं।"

अपनी तरफ से राबस्कल ने अपने पर भरोसा दिखाने के लिए धन्यवाद दिया और "नागरिकों के लिए मातृभूमि को पुनः प्राप्त करने का वचन दिया।"

इक्वाडोर की नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल (सीएनई) से उम्मीद है कि वह राबस्कल की उम्मीदवारी को स्वीकार करेगी और इस सप्ताह के अंत तक उनके पंजीकरण को औपचारिक रुप दे देगी।

59 वर्षीय राबस्कल एक वाणिज्यिक इंजीनियर, एक अर्थशास्त्री और एक पत्रकार हैं। यद्यपि राबस्कल कोर्रिया की "सिटिजन रिवॉल्यूशन" या उनकी सरकार (2007-2017) का हिस्सा नहीं थे फिर भी वे राष्ट्रीय चैनल इक्वाडोर टीवी के प्रमुख चेहरा थे।

Rafael Correa
Carlos Rabascall
Rafael Correa supports journalist Carlos Rabascall

Related Stories

चिलीः लोगों ने भारी बहुमत से नए संविधान के मसौदे को मंज़ूरी दी

इक्वाडोर की अदालत ने 'रिश्वत 2012-16 मामले' में राफेल कोर्रिया की गिरफ़्तारी का आदेश दिया

इक्वाडोर के 2021 के चुनाव में लड़ने से राफेल कोर्रिया पर रोक

राफेल कोर्रीया की बहन इक्वाडोर के उप-राष्ट्रपति के लिए इनकी उम्मीदवारी को औपचारिक रुप देने की कोशिश करेंगी

इक्वाडोर की इलेक्टोरल काउंसिल ने पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरीया की पार्टी को आगामी चुनावों से बाहर किया

इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरीया को 8 साल की जेल


बाकी खबरें

  • भाषा
    श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़
    10 May 2022
    विपक्ष ने महिंदा राजपक्षे पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हमला करने के लिए सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को उकसाने का आरोप लगाया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिवंगत फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को दूसरी बार मिला ''द पुलित्ज़र प्राइज़''
    10 May 2022
    अपनी बेहतरीन फोटो पत्रकारिता के लिए पहचान रखने वाले दिवंगत पत्रकार दानिश सिद्दीकी और उनके सहयोगियों को ''द पुल्तिज़र प्राइज़'' से सम्मानित किया गया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर खीरी हत्याकांड: आशीष मिश्रा के साथियों की ज़मानत ख़ारिज, मंत्री टेनी के आचरण पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी
    10 May 2022
    केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के आचरण पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि वे इस घटना से पहले भड़काऊ भाषण न देते तो यह घटना नहीं होती और यह जघन्य हत्याकांड टल सकता था।
  • विजय विनीत
    पानी को तरसता बुंदेलखंडः कपसा गांव में प्यास की गवाही दे रहे ढाई हजार चेहरे, सूख रहे इकलौते कुएं से कैसे बुझेगी प्यास?
    10 May 2022
    ग्राउंड रिपोर्टः ''पानी की सही कीमत जानना हो तो हमीरपुर के कपसा गांव के लोगों से कोई भी मिल सकता है। हर सरकार ने यहां पानी की तरह पैसा बहाया, फिर भी लोगों की प्यास नहीं बुझ पाई।''
  • लाल बहादुर सिंह
    साझी विरासत-साझी लड़ाई: 1857 को आज सही सन्दर्भ में याद रखना बेहद ज़रूरी
    10 May 2022
    आज़ादी की यह पहली लड़ाई जिन मूल्यों और आदर्शों की बुनियाद पर लड़ी गयी थी, वे अभूतपूर्व संकट की मौजूदा घड़ी में हमारे लिए प्रकाश-स्तम्भ की तरह हैं। आज जो कारपोरेट-साम्प्रदायिक फासीवादी निज़ाम हमारे देश में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License