NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
भारत
राजनीति
50 हस्तियों के खिलाफ एफआईआर: राहुल ने कहा, देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा
देश में बढ़ रहे मॉब लिंचिंग के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने वाली 50 हस्तियों के खिलाफ गुरुवार को बिहार के मुजफ्फरपुर में राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Oct 2019
FIR against celebrities
Image courtesy: Global Village Space

वायनाड (केरल): भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डाले जाने की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखने वाली करीब 50 हस्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी या उनकी सरकार के खिलाफ कुछ भी कहने वालों को सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है।

गांधी ने कहा कि देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है और यह बात अब किसी से छिपी नहीं है।
वायनाड से सांसद गांधी ने कहा, ‘हर कोई जानता है कि देश में क्या हो रहा है। यह बात किसी से छिपी नहीं है, बल्कि पूरा देश यह जानता है। हम तानाशाही की ओर बढ़ रहे हैं। यह बात काफी हद तक स्पष्ट है।’

उन्होंने कहा, ‘जो प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ कहता है, जो सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे जेल भेज दिया जाता है और उस पर हमला किया जाता है। मीडिया को दबा दिया गया है। हर कोई जानता है कि क्या चल रहा है। यह बात किसी से छिपी नहीं है।’

गांधी ने कहा कि देश में दो विचारधाराएं हैं। इनमें से एक विचारधारा इस बात का समर्थन करती है कि ‘एक व्यक्ति, एक विचारधारा’ से देश का शासन चले।

उन्होंने कहा, ‘एक तरफ यह विचार है कि एक व्यक्ति, एक विचारधारा से देश का शासन चलना चाहिए और बाकी सभी को मुंह बंद रखना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष है जो इसे मानने से इनकार कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि इस देश में विभिन्न विचार, विभिन्न भाषाएं, संस्कृतियां एवं कई प्रकार के विचार हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। देश में यह मुख्य संघर्ष चल रहा है।’

राजद्रोह, शांति भंग करने का आरोप

भीड़ द्वारा पीट-पीटकर जान लेने के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को खुला खत लिखने वाले रामचंद्र गुहा, मणिरत्नम,अनुराग कश्यप, श्याम बेनेगल, शुभा मुद्गल और अपर्णा सेन समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ गुरुवार को बिहार के मुजफ्फरपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा की ओर से दो महीने पहले दायर की गई एक याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सूर्य कांत तिवारी के आदेश के बाद यह प्राथमिकी दर्ज हुई है। ओझा का आरोप है कि इन हस्तियों ने देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को कथित तौर पर धूमिल किया।

पुलिस ने बताया कि एफआईआर आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इसमें राजद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए चिट्ठी में लिखा गया था कि देश भर में लोगों को जय श्रीराम नारे के आधार पर उकसाने का काम किया जा रहा है। साथ ही दलित, मुस्लिम और दूसरे कमजोर तबकों की मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई थी।

हालांकि, इसके जवाब में 61 सेलिब्रिटीज ने खुला पत्र जारी कर पीएम को लिखे गए पत्र को सिलेक्टिव गुस्सा और गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश करने वाला बताया था। इस खुला पत्र लिखने वाली हस्तियों में अभिनेत्री कंगना रणौत, लेखक प्रसून जोशी, क्लासिकल डांसर और सांसद सोनल मानसिंह, पंडित विश्व मोहन भट्ट और फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर एवं विवेक अग्निहोत्री शामिल थे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)
 

FIR against 50 celebrities
Rahul Gandhi
mob lynching
stop mob lynching
Narendra modi
BJP-RSS

Related Stories

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

ख़बरों के आगे पीछे: हिंदुत्व की प्रयोगशाला से लेकर देशभक्ति सिलेबस तक

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?

शामली: मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ़्तार

दिल्ली बलात्कार कांड: जनसंगठनों का कई जगह आक्रोश प्रदर्शन; पीड़ित परिवार से मिले केजरीवाल, राहुल और वाम दल के नेता

बिहार: समस्तीपुर माॅब लिंचिंग पीड़ितों ने बिहार के गृह सचिव से न्याय की लगाई गुहार


बाकी खबरें

  • BJP
    अनिल जैन
    खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं
    01 May 2022
    राजस्थान में वसुंधरा खेमा उनके चेहरे पर अगला चुनाव लड़ने का दबाव बना रहा है, तो प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया से लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसके खिलाफ है। ऐसी ही खींचतान महाराष्ट्र में भी…
  • ipta
    रवि शंकर दुबे
    समाज में सौहार्द की नई अलख जगा रही है इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा
    01 May 2022
    देश में फैली नफ़रत और धार्मिक उन्माद के ख़िलाफ़ भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) मोहब्बत बांटने निकला है। देशभर के गावों और शहरों में घूम कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं।
  • प्रेम कुमार
    प्रधानमंत्री जी! पहले 4 करोड़ अंडरट्रायल कैदियों को न्याय जरूरी है! 
    01 May 2022
    4 करोड़ मामले ट्रायल कोर्ट में लंबित हैं तो न्याय व्यवस्था की पोल खुल जाती है। हाईकोर्ट में 40 लाख दीवानी मामले और 16 लाख आपराधिक मामले जुड़कर 56 लाख हो जाते हैं जो लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट की…
  • आज का कार्टून
    दिन-तारीख़ कई, लेकिन सबसे ख़ास एक मई
    01 May 2022
    कार्टूनिस्ट इरफ़ान की नज़र में एक मई का मतलब।
  • राज वाल्मीकि
    ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना
    01 May 2022
    “मालिक हम से दस से बारह घंटे काम लेता है। मशीन पर खड़े होकर काम करना पड़ता है। मेरे घुटनों में दर्द रहने लगा है। आठ घंटे की मजदूरी के आठ-नौ हजार रुपये तनखा देता है। चार घंटे ओवर टाइम करनी पड़ती है तब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License