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रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता
परीक्षार्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद रेलवे ने एनटीपीसी, लेवल-1 की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। रेलवे ने एक समिति भी बनाई है, जो विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में सफल और असफल होने वाले परीक्षार्थियों की शिकायतों की जांच करेगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Jan 2022
railway

बेरोजगारी की समस्या देश के विभिन्न हिस्सों में नौजवानों के गुस्से के रूप में साफ दिखाई देने लगी है। रेलवे के एनटीपीसी और ग्रुप डी के अभ्यर्थी  अलग-अलग पदों के लिए लगातार पैसा और समय खर्च कर रहे होते हैं जबकि भर्ती प्रक्रिया कभी धांधली तो कभी भ्रष्टाचार का शिकार हो जाती है। वर्तमान समय का गुस्सा रेलवे के एनटीपीसी में हुई धांधली को लेकर बिहार से लेकर यूपी तक जगह-जगह छात्र युवाओं में देखने को मिला। जिसे पुलिस ने बल पूर्वक दबाने की कोशिश की। लेकिन छात्रों में और गुस्सा फैल गया है।

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कई स्थानों पर आज छात्रों ने गणतंत्र दिवस बचाओ दिवस मनाया। बिहार में ट्रेन रोककर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई और ऱाष्ट्रगान गाया गया।

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इसी के साथ छात्र संगठन आइसा और इनौस ने रेलवे अभ्यर्थियों पर बल प्रयोग के विरोध में 28 जनवरी को बिहार बंद का आह्वान किया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग की है।

28जनवरी बिहार बन्द को सफल बनाए।
रेलवे अभ्यर्थियों परबलाठीचार्ज क्यों मोदी-शाह जबाव दो।

ग्रुप डी में दो एग्जाम पीटी और मेंस लेने का फरमान वापस लो!#RRB_NTPC रिजल्ट में हुए धांधली की जांच कराओ,कटऑफ के साथ रिजल्ट पुनः प्रकाशित करो!

रेलवे बेचने का फैसला वापस लो!#JusticeForStudents pic.twitter.com/oKozgC5vW0

— AISA Bihar (@AISA_Bihar) January 25, 2022

ताज़ा ख़बर यह है कि परीक्षार्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद रेलवे ने एनटीपीसी, लेवल-1 की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। रेलवे ने एक समिति भी बनाई है, जो विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में सफल और असफल होने वाले परीक्षार्थियों की शिकायतों की जांच करेगी।

पीटीआई-भाषा की ख़बर के मुताबिक रेलवे भर्ती बोर्ड की गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (आरआरबी-एनटीपीसी) परीक्षा 2021 परिणाम के विरोध में जारी छात्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को बिहार के अन्य हिस्सों में फैल गया।

प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को कई स्थानों पर रेल पटरियों पर धरना दिया जिससे राज्य में ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। विरोध प्रदर्शन के कारण मंगलवार को कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया या वैकल्पिक मार्गों पर चलाया गया। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के कारण पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) क्षेत्र से गुजरने वाली 25 से अधिक ट्रेनों के संचालन में बाधा उत्पन्न हुई जिससे यात्रियों को असुविधा हुई।

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विरोध-प्रदर्शन की घटनाएं पटना, नवादा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, बक्सर और भोजपुर जिलों से हुईं। कुछ जगहों पर गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया, सुरक्षा बलों से भिड़ गए। आरोप है कि उन्होंने रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया।

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सीतामढ़ी में रेलवे स्टेशन पर गुस्साए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां चलायीं।
ईसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने मंगलवार को बताया कि पटना के राजेंद्र नगर स्टेशन से चलने वाली दुर्ग-राजेंद्र नगर दक्षिण बिहार एक्सप्रेस को प्रदर्शनकारियों के विरोध के कारण दिन के लिए रद्द करना पड़ा। इसके अलावा गया-जमलापुर पैसेंजर, गया-हावड़ा एक्सप्रेस और पटना-वाराणसी एक्सप्रेस ट्रेनें भी मंगलवार को रद्द कर दी गईं।
उन्होंने कहा कि कई अन्य ट्रेनों के मार्ग बदलने पड़े।

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आरआरबी-एनटीपीसी परीक्षा 2021 के परिणाम से नाराज छात्रों ने सोमवार को पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनस पर धरना दिया और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था।

इस बीच बढ़ते विरोध के बीच रेल मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर उम्मीदवारों को रेलवे की नौकरी पाने से जीवन भर के लिए प्रतिबंधित करने की चेतावनी दी।

एनटीपीसी के विरोध के संबंध में रेल मंत्रालय के आधिकारिक नोटिस में उल्लेख किया गया है कि जो उम्मीदवार गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाएंगे उन्हें रेलवे में नौकरी के लिए अनुपयुक्त माना जाएगा। इन गैरकानूनी गतिविधियों में रेलवे पटरियों पर विरोध प्रदर्शन, ट्रेन संचालन में व्यवधान, रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना आदि शामिल हैं।
 
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वहीं, प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि 2019 में जारी आरआरबी अधिसूचना में केवल एक परीक्षा का उल्लेख किया गया था। उन्होंने अधिकारियों पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

परीक्षा परिणाम 15 जनवरी को घोषित होने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा है।

उस समय रेल मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी किया था जिसमें कहा गया था कि अधिसूचना में दूसरे चरण की परीक्षा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। सीबीटी के पहले चरण की परीक्षा सभी उम्मीदवारों के लिए एक सामान्य परीक्षा थी।
 
रेलवे के द्वारा कराए जा रही विभिन्न परीक्षाओं को लेकर जगह जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

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इलाहाबाद से ख़बर है कि इलाहाबाद के पूर्वांचल चौराहे पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले कुछ छात्रों ने रेलवे के द्वारा कराई जा रही एनटीपीसी की परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए नारेबाजी की। पूर्वांचल चौराहे पर ही धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती गई और नारेबाजी करते हुए यह सभी छात्र युवा प्रयाग स्टेशन की परियों पर चले आए। जहां पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज किया तो छात्र युवाओं की तरफ से भी इसकी प्रतिक्रिया में पत्थरबाजी हुई। इन सबके बाद पुलिस का एक बेहद अमानवीय चेहरा भी दिखाई दिया जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस प्रयाग स्टेशन के आसपास रह रहे छात्र युवाओं के कमरों में घुसकर लाठी-डंडों से दरवाजे को पीटकर दहशत फैलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खोजती नजर आई। सोशल मीडिया पर पुलिस के द्वारा किए जा रहे बर्बर हमले के वीडियो वायरल हो रहे हैं। 

इलाहाबाद में छात्रों पर पुलिस के बर्बर हमले का यह वीडियो ट्विटर पर डालने पर उत्तर प्रदेश के पत्रकार पीयूष राय का ट्विटर एकाउंट सस्पेंड हो गया है. सच को बचाने के लिए इसे अधिक से अधिक शेयर करें.@TwitterIndia पीयूष राय (@Benarasiyaa) के अकाउंट को बहाल करे.
pic.twitter.com/KzRTErxRNf

— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) January 26, 2022

विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं इन छात्र युवाओं के मुताबिक रेलवे के एनटीपीसी की परीक्षा में 20 गुना अभ्यर्थियों को पास कराने की बजाय सिर्फ 7 गुना अभ्यर्थियों को ही पास कराया गया जो गलत है जिसे 20 गुना पास कराया जाना चाहिए। वही एक अन्य प्रमुख मुद्दा आरआरबी द्वारा कराई जा रही रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में एक चरण और जोड़कर सीबीटी 2 नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। जिसको लेकर छात्रों की यह मांग है कि रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में दो स्तरों पर एग्जाम कराए जाने की जरूरत क्यों पड रही है जबकि 3 सालों से इस परीक्षा को नहीं कराया जा सका है।

रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा के लिए फॉर्म 2019 में भरा जा चुका था फॉर्म भरते वक्त एक ही स्तर में परीक्षा होनी थी लेकिन आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर एक दूसरे स्तर को भी शामिल कर दिया। इन्ही मांगों को लेकर छात्र युवाओं में रोष व्याप्त रहा जिसके कारण उन्हें इलाहाबाद, गोरखपुर,बनारस तथा उसके अलावा बिहार के पटना आरा बक्सर तमाम जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। 

प्रदेश में छात्र युवाओं में बेरोजगारी को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है जिसके लिए स्पष्ट रूप से सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।

इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य सचिव सुनील मौर्या ने बातचीत के दौरान कहा कि 3 साल में परीक्षा भी नहीं हो पा रही है और जो रिजल्ट आ रहा है  उसमें भी धांधली हो रही है और उस पर कुछ बात कहने पर सरकार सुनने के बजाय दमन कर रही है और जिस तरह से कमरे में घुस के बर्बरता की गई वह बहुत ही दुखदाई है। इतिहास में ऐसा नहीं हुआ था। सरकार इतनी बर्बर होगी यह उम्मीद नहीं की जा सकती।

छात्रों की मुख्य मांगें 

1. 103739 ग्रुप डी पद की बहाली के लिए 2019 में रेलवे बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसमे केवल एक ही परीक्षा( पीटी) की बात थी। लेकिन 23 जनवरी, 2022 को 3 वर्ष बाद बोर्ड ने इसमें दो चरण  (एक पीटी और मेंस) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया।  जबकि  23 फरवरी, 2022 से परीक्षा होनी है। 

2. RRB NTPC - 35277 पद के लिए - 2019 में नोटिफिकेशन जारी किया। जिसकी परीक्षा 2021 में पूर्ण हुई। इसका रिजल्ट 15 जनवरी 2022 को प्रकाशित किया। जिसमें भारी गड़बड़ी हुई है। छात्रों की मांग है कि रेलवे बहाली के रिवाइजड़ रिजल्ट और एक कट ऑफ बनाया जाए। नोटिफिकेशन के अनुसार सीट का 20 गुना रिजल्ट प्रकाशित हो, जो अभी 11 गुना रिजल्ट ही है। 

3. रेलवे अपने बहालियों का कलेंडर जारी करो।

राहुल ने युवाओं का समर्थन किया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ओर से आयोजित परीक्षा की प्रक्रिया का विरोध कर रहे युवाओं का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा कि अधिकारों के लिए आवाज उठाने को हर नौजवान स्वतंत्र है।

उन्होंने बिहार में एक ट्रेन रोककर राष्ट्रगान गा रहे युवाओं का एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने को हर नौजवान स्वतंत्र है, जो भूल गए हैं, उन्हें याद दिला दो कि भारत लोकतंत्र है, गणतंत्र था, गणतंत्र है!’’

अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने को हर नौजवान स्वतंत्र है,
जो भूल गए हैं, उन्हें याद दिला दो कि भारत लोकतंत्र है,
गणतंत्र था, गणतंत्र है!#JusticeForStudents pic.twitter.com/9rK8I3CEox

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 26, 2022

परीक्षार्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद रेलवे ने एनटीपीसी, लेवल-1 की परीक्षाएं स्थगित कीं

रेलवे ने अपनी भर्ती परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया को लेकर परीक्षार्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद एनटीपीसी और लेवल-1 की परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी।

प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे ने एक समिति भी बनाई है, जो विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में सफल और असफल होने वाले परीक्षार्थियों की शिकायतों की जांच करेगी।  

प्रवक्ता के मुताबिक, दोनों पक्षों की शिकायतें और चिंताएं सुनने के बाद समिति रेल मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपेगी।

मंगलवार को रेलवे ने एक नोटिस जारी कर परीक्षार्थियों को चेतावनी दी थी कि प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों की रेलवे में भर्ती पर हमेशा के लिए पाबंदी लगा दी जाएगी। यह चेतावनी बिहार में कई जगहों पर प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों के रेलवे पटरियों पर धरने पर बैठने के मद्देनजर आई थी।

सभी तस्वीरें: सोशल मीडिया से साभार

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