NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
डीए बहाली से रेल कर्मचारियों में ख़ुशी, लेकिन एरियर्स सहित अन्य मांगों के लिए संघर्ष जारी!
IREF द्वारा देश भर में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से कोविड दिशा निर्देश का पालन करते हुए 1 जुलाई से 15 जुलाई तक़ जारी अभियान सम्पन्न हुआ।  इस अभियान में  डीए बहाली सहित एरियर्स सहित अन्य मांगों को उठाया गया। कर्मचारियों ने डीए बहाली पर खुशी जाहिर करते हुए बाकी मांगो पर संघर्ष जारी रखने का एलान किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jul 2021
डीए बहाली से रेल कर्मचारियों में ख़ुशी, लेकिन एरियर्स सहित अन्य मांगों के लिए संघर्ष जारी!

आज गुरुवार को  इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन सम्बद्ध ऐक्टू ने देश भर में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से कोविड दिशा निर्देश का पालन करते हुए 1 जुलाई से 15 जुलाई तक़ जारी अभियान के आखिरी दिन डीए बहाली की खुशी जाहिर करते हुए एरियर्स सहित अन्य मांगों के लिए जारी रखने का एलान करते सम्पन्न हुआ।  

यूनियन ने बताया इस कार्यक्रम के तहत आर सी एफ़, कपूरथला, एम डी एफ़, पटियाला, एम सी एफ़, राय बरेली, सीएलडब्लू, चितरंजन, वी एल डब्ल्यू, वाराणासी, उत्तर रेलवे नई दिल्ली जोन, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर जोन, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर जोन, पूर्व रेलवे कोलकाता जोन, दक्षिण पूर्व रेलवे कोलकाता जोन, ईस्ट कोस्ट रेलवे भुवनेश्वर जोन, पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर, उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर इत्यादि जोन कार्यक्रम किया गया।

इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन केंद्रीय महासचिव  सर्वजीत सिंह ने कहा कि 1 जुलाई से 15 जुलाई तक़ लगातार मंहगाई भत्ते (DA)की किश्तें एरियर समेत बहाल करने का हम जो अभियान चला रहे थे, वो आज सरकार द्वारा रेलवे सहित केंद्रीय कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता बहाल करने की खुशी के साथ सम्पन्न हुआ है।

सरवजीत सिंह ने कहा कर्मचारियों में डीए बहाली की ख़ुशी है, लेकिन एरीयर्स स्प्ष्ट नहीं होने से निराशा भी है इसलिए एरियर्स सहित अन्य मांगों के लिए आगे की जंग अभी जारी रहेगी।

यूनियन ने अपने बयान में कहा, “इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन लगातार रेलवे कर्मचारियों के हित में हमेशा संघर्ष करता रहा है। आगे भी पुरानी पेंशन बहाली, नाइट ड्यूटी अलाउंस से 43600 रुपए की सीलिंग हटवाने हेतु, रेलवे के निजीकरण,   निगमीकरण, ट्रैक मैन को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाने तथा अन्य विभागों की तरह ट्रैक मैन कैडर रिस्ट्रक्चरिंग लागू करवाने के लिए, शहीद रेल कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करने के साथ ही सभी रेल कर्मचारियों का निःशुल्क 50 लाख रुपए का बीमा करने लिए, आठ घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।”

एक्ट अप्रेंटिस को रेल में समायोजित करने के लिए, आयकर की सीमा 10 लाख किया जाय तथा रनिंग एलाउंस को आयकर मुफ्त करने, SSE, Ch, OS तथा इसके समकक्ष स्टाफ़ को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा देने की, 1800 ग्रेड पे में कार्यरत कर्मचारियों को 1900 में अपग्रेड करने की, MACP के तहत तीन के बजाए पांच पदोन्नति करते हुए इनका अंतराल क्रमशः 10, 20 व 30 वर्ष के बजाए 5,10 व 15 कराने के लिए, रेलवे में तत्काल भर्ती शुरू करवाने सहित अन्य मांगो के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव डॉ कमल उसरी ने कहा, “इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन अपने जन्मकाल से ही संघर्ष के लिए जाना जाता है, जो लोग कहते फिरते हैं कि संघर्ष से कुछ नहीं होता है, उन्हें IREF के संघर्ष से न सिर्फ़ सीखना चाहिए बल्कि IREF के संघर्ष से रेलवे कर्मचारियों के हित में हो रहे फैसले को नोटिस करते हुए IREF के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बड़े संघर्ष के लिए एकता बनानी चाहिए।”

indian railways
DA
IREF
Railway employees

Related Stories

ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम

केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार

कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?

रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक

भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा

निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!

भारत में नौकरी संकट जितना दिखता है उससे अधिक भयावह है!

रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!

कोलकाता मेट्रो ने 2500 से अधिक अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी की

तमिलनाडु: विकलांगता से ग्रस्त लोगों की केन्द्र से 'विशेष ट्रेनों' के दर्जे को ख़त्म करने और रियायतें बहाल करने की मांग


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License