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राजस्थान: भर्ती परीक्षाओं में बार-बार धांधली, कौन देगा जवाब 
ये सिर्फ राजस्थान का हाल नहीं बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों की भी सच्चाई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के बाद हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग यानी एचएसएससी भी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में था।
सोनिया यादव
17 Sep 2021
Rajasthan
Image courtesy : TOI

राजस्थान परीक्षाओं में धांधली को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला राजस्थान पुलिस के सब-इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में कथित धोखाधड़ी का है। ये परीक्षा बीते 13 से 15 सितंबर यानी तीन दिन चली थी। अब इसमें कथित रूप से गड़बड़ी होने को लेकर सोशल मीडिया पर कैंडिडेट्स अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं। ट्विटर के जरिए अभ्यार्थी दोबारा पेपर कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि परीक्षाओं से जुड़ी गड़बड़ी का ये कोई पहला मामला नहीं है, हाल ही में कुछ ही दिनों पहले राजस्थान में NEET की परीक्षा में धांधलेबाजी का बड़ा भंडाफोड़ हुआ था।

आपको बता दें कि इस मामले में इससे पहले बीती 13 सितंबर को पुलिस ने बीकानेर, जयपुर, पाली और उदयपुर से 17 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सोमवार, 13 सितंबर से शुरू हुई तीन दिवसीय सब इंस्‍पेक्टर भर्ती परीक्षा का पर्चा पहले ही दिन कथित तौर पर लीक हो गया। यह पेपर कई अलग-अलग तरह से लीक होने की खबर है। कई जगह परीक्षा में कैंडिडेट की जगह डमी (पैसे लेकर किसी और के लिए परीक्षा देना) बैठे, तो कई जगह वॉट्सऐप पर पेपर पहले ही कैंडिडेट्स तक पहुंच चुका था। इस पूरे मामले में बीकानेर में एक निजी स्कूल संचालक की संलिप्तता भी सामने आई है।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार स्कूल प्रिंसिपल ने लाखों रुपए की डील के लालच में कुछ कैंडिडेट्स को पहले ही वॉट्सऐप पर पेपर भेज दिया था। जिसके बाद कैंडिडेट्स ने पेपर के जवाब तैयार करने के लिए उसे दूसरे लोगों को भेजा। बाद में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप यानी एसओजी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की और 7 लोगों को गिरफ़्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार किए लोगों के पास से कई मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप भी बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक परीक्षा में अलग-अलग तरह से पेपर लीक किया गया है, इसके साथ ही कई और दूसरे तरीकों से भी चीटिंग की गई है। मामले में जयपुर के रामनगरिया थाना पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था जो कथित तौर पर परीक्षा में डमी कैंडिडेट बने हुए थे।

इस मामले में जयपुर (पूर्व) के पुलिस आयुक्त प्रहलाद कृष्णिया ने पत्रकारों को बताया, “गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ बतौर ड्राइवर काम करते हैं। कई लोग 12वीं पास हैं जबकि कुछ ग्रैजुएट हैं। हमारी टीम ने डमी कैंडिडेट के पास से 2 लाख रुपये, सात मोबाइल फोन और दो गाड़ी जब्त की हैं।”

ब्लूटूथ इयरफोन के जरिए चीटिंग

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उदयपुर पुलिस का दावा है कि उनके ज़िले में ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के स्टाइल में चीटिंग हो रही थी। उसने यूपी के रहने वाले सोनू जाट नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि जिस तरह फिल्म में मुन्नाभाई ने ब्लूटूथ इयरफोन कान में लगाकर डॉक्टर से सब सवालों के जवाब जाने थे, ठीक उसी तरह सोनू ने भी (कथित तौर पर) अपने नक़ली बालों के अंदर ब्लूटूथ इयरफ़ोन छुपा रखा था।

कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स में परीक्षा केंद्रों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में कई अभ्यार्थी सवाल कर रहे हैं कि आखिर परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन पहुंचा कैसे? क्या कुछ पैसों के लालच में कुछ कैंडिडेट्स को ये छूट दे दी गई। अब कई कैंडिडेट इसी आधार पर ये मांग कर रहे हैं कि परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जाए।

Cancel the Rajasthan S.I. Exam and Re-exam, This is the demand of unemployed youth. #सिस्टम_वीक_पेपर_लीक #राजस्थान_Si_परीक्षा_रद्द_करो @Fight4RightTeam @RPSC1 @ashokgehlot51 @JeffreyGuterman @Yogeshkherli @indubalagothwal @GovindDotasra @TheUpenYadav @PoliceRajasthan pic.twitter.com/pNVBGU9Bwp

— Mukesh Kumar (@mukesh_ydv_945) September 16, 2021

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर में गिरफ्तार किए गए लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने दो गाड़ियों से 2 लाख रुपए कैश जब्त किया है। पुलिस का दावा है कि कैंडिडेट्स ने उन लोगों को पेपर और आंसर-की के बदले ये कैश दिया था।

ऐसे मामलों में कांग्रेस और बीजेपी का एक ही हाल!

गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले राजस्थान में नीट की परीक्षा में धांधलेबाजी का भंडाफोड़ हुआ था। यहां कुछ मेडिकल छात्र डमी कैंडिडेट बनकर किसी और के लिए परीक्षा देते पकड़े गए थे। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत कई लोगों को गिरफ्तार करने का दावा भी किया था। हालांकि ये सिर्फ राजस्थान का हाल नहीं है बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों की भी सच्चाई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के बाद हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग यानी एचएसएससी भी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में था। इसकी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, जो 7 और 8 अगस्त को होनी थी, उसे पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया था।

इसे भी पढ़ें: हरियाणा: आए दिन सामने आ रहे पेपर लीक घोटाले सरकार पर सवाल क्यों खड़े करते हैं?

हरियाणा में पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष यानी कांग्रेस, बीजेपी-जेजेपी सरकार पर हमलावर थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि अब तक अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं से जुड़े 28 पेपर लीक हो चुके हैं। इसे लेकर हरियाणा युवा कांग्रेस ने एचएसएससी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन भी किया था।

हालांकि अब राजस्थान में कांग्रेस की ही गहलोत सरकार है, जिसने पेपर लीक मामले में खट्टर सरकार की तरह ही चुप्पी साध रखी है। कुल मिलाकर देखें, तो युवाओं के भविष्य को लेकर बड़े-बड़े दावे और वादे करने वाली कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें एक जैसी ही हैं। राजनीति के अलावा किसी को उन अभ्यार्थियों की नहीं पड़ी, जो सालों-साल सरकारी नौकरी के इंतजार में तैयारी कर पेपर पर पेपर देते रह जाते हैं और कुछ लोग चंद पैसों के लालच में उनकी मेहनत पर पानी फेर जाते हैं। अगर परीक्षाओं की गोपनीयता पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद पेपर लीक हो जाता है तो ऐसे में सरकार पर सवाल उठता लाजमी है।

इसे भी पढ़ें: यूपी: भर्ती और नियुक्ति घोटाले के बीच योगी सरकार पर लगातार उठते सवाल!

Rajasthan
NEET
Rajasthan Police SI
SI exam paper leak

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