NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान: भर्ती परीक्षाओं में बार-बार धांधली, कौन देगा जवाब 
ये सिर्फ राजस्थान का हाल नहीं बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों की भी सच्चाई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के बाद हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग यानी एचएसएससी भी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में था।
सोनिया यादव
17 Sep 2021
Rajasthan
Image courtesy : TOI

राजस्थान परीक्षाओं में धांधली को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला राजस्थान पुलिस के सब-इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में कथित धोखाधड़ी का है। ये परीक्षा बीते 13 से 15 सितंबर यानी तीन दिन चली थी। अब इसमें कथित रूप से गड़बड़ी होने को लेकर सोशल मीडिया पर कैंडिडेट्स अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं। ट्विटर के जरिए अभ्यार्थी दोबारा पेपर कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि परीक्षाओं से जुड़ी गड़बड़ी का ये कोई पहला मामला नहीं है, हाल ही में कुछ ही दिनों पहले राजस्थान में NEET की परीक्षा में धांधलेबाजी का बड़ा भंडाफोड़ हुआ था।

आपको बता दें कि इस मामले में इससे पहले बीती 13 सितंबर को पुलिस ने बीकानेर, जयपुर, पाली और उदयपुर से 17 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सोमवार, 13 सितंबर से शुरू हुई तीन दिवसीय सब इंस्‍पेक्टर भर्ती परीक्षा का पर्चा पहले ही दिन कथित तौर पर लीक हो गया। यह पेपर कई अलग-अलग तरह से लीक होने की खबर है। कई जगह परीक्षा में कैंडिडेट की जगह डमी (पैसे लेकर किसी और के लिए परीक्षा देना) बैठे, तो कई जगह वॉट्सऐप पर पेपर पहले ही कैंडिडेट्स तक पहुंच चुका था। इस पूरे मामले में बीकानेर में एक निजी स्कूल संचालक की संलिप्तता भी सामने आई है।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार स्कूल प्रिंसिपल ने लाखों रुपए की डील के लालच में कुछ कैंडिडेट्स को पहले ही वॉट्सऐप पर पेपर भेज दिया था। जिसके बाद कैंडिडेट्स ने पेपर के जवाब तैयार करने के लिए उसे दूसरे लोगों को भेजा। बाद में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप यानी एसओजी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की और 7 लोगों को गिरफ़्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार किए लोगों के पास से कई मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप भी बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक परीक्षा में अलग-अलग तरह से पेपर लीक किया गया है, इसके साथ ही कई और दूसरे तरीकों से भी चीटिंग की गई है। मामले में जयपुर के रामनगरिया थाना पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था जो कथित तौर पर परीक्षा में डमी कैंडिडेट बने हुए थे।

इस मामले में जयपुर (पूर्व) के पुलिस आयुक्त प्रहलाद कृष्णिया ने पत्रकारों को बताया, “गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ बतौर ड्राइवर काम करते हैं। कई लोग 12वीं पास हैं जबकि कुछ ग्रैजुएट हैं। हमारी टीम ने डमी कैंडिडेट के पास से 2 लाख रुपये, सात मोबाइल फोन और दो गाड़ी जब्त की हैं।”

ब्लूटूथ इयरफोन के जरिए चीटिंग

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उदयपुर पुलिस का दावा है कि उनके ज़िले में ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के स्टाइल में चीटिंग हो रही थी। उसने यूपी के रहने वाले सोनू जाट नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि जिस तरह फिल्म में मुन्नाभाई ने ब्लूटूथ इयरफोन कान में लगाकर डॉक्टर से सब सवालों के जवाब जाने थे, ठीक उसी तरह सोनू ने भी (कथित तौर पर) अपने नक़ली बालों के अंदर ब्लूटूथ इयरफ़ोन छुपा रखा था।

कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स में परीक्षा केंद्रों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में कई अभ्यार्थी सवाल कर रहे हैं कि आखिर परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन पहुंचा कैसे? क्या कुछ पैसों के लालच में कुछ कैंडिडेट्स को ये छूट दे दी गई। अब कई कैंडिडेट इसी आधार पर ये मांग कर रहे हैं कि परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जाए।

Cancel the Rajasthan S.I. Exam and Re-exam, This is the demand of unemployed youth. #सिस्टम_वीक_पेपर_लीक #राजस्थान_Si_परीक्षा_रद्द_करो @Fight4RightTeam @RPSC1 @ashokgehlot51 @JeffreyGuterman @Yogeshkherli @indubalagothwal @GovindDotasra @TheUpenYadav @PoliceRajasthan pic.twitter.com/pNVBGU9Bwp

— Mukesh Kumar (@mukesh_ydv_945) September 16, 2021

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर में गिरफ्तार किए गए लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने दो गाड़ियों से 2 लाख रुपए कैश जब्त किया है। पुलिस का दावा है कि कैंडिडेट्स ने उन लोगों को पेपर और आंसर-की के बदले ये कैश दिया था।

ऐसे मामलों में कांग्रेस और बीजेपी का एक ही हाल!

गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले राजस्थान में नीट की परीक्षा में धांधलेबाजी का भंडाफोड़ हुआ था। यहां कुछ मेडिकल छात्र डमी कैंडिडेट बनकर किसी और के लिए परीक्षा देते पकड़े गए थे। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत कई लोगों को गिरफ्तार करने का दावा भी किया था। हालांकि ये सिर्फ राजस्थान का हाल नहीं है बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों की भी सच्चाई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के बाद हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग यानी एचएसएससी भी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में था। इसकी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, जो 7 और 8 अगस्त को होनी थी, उसे पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया था।

इसे भी पढ़ें: हरियाणा: आए दिन सामने आ रहे पेपर लीक घोटाले सरकार पर सवाल क्यों खड़े करते हैं?

हरियाणा में पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष यानी कांग्रेस, बीजेपी-जेजेपी सरकार पर हमलावर थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि अब तक अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं से जुड़े 28 पेपर लीक हो चुके हैं। इसे लेकर हरियाणा युवा कांग्रेस ने एचएसएससी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन भी किया था।

हालांकि अब राजस्थान में कांग्रेस की ही गहलोत सरकार है, जिसने पेपर लीक मामले में खट्टर सरकार की तरह ही चुप्पी साध रखी है। कुल मिलाकर देखें, तो युवाओं के भविष्य को लेकर बड़े-बड़े दावे और वादे करने वाली कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें एक जैसी ही हैं। राजनीति के अलावा किसी को उन अभ्यार्थियों की नहीं पड़ी, जो सालों-साल सरकारी नौकरी के इंतजार में तैयारी कर पेपर पर पेपर देते रह जाते हैं और कुछ लोग चंद पैसों के लालच में उनकी मेहनत पर पानी फेर जाते हैं। अगर परीक्षाओं की गोपनीयता पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद पेपर लीक हो जाता है तो ऐसे में सरकार पर सवाल उठता लाजमी है।

इसे भी पढ़ें: यूपी: भर्ती और नियुक्ति घोटाले के बीच योगी सरकार पर लगातार उठते सवाल!

Rajasthan
NEET
Rajasthan Police SI
SI exam paper leak

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...

इतिहास कहता है- ‘’चिंतन शिविर’’ भी नहीं बदल सका कांग्रेस की किस्मत

कांग्रेस चिंता शिविर में सोनिया गांधी ने कहा : गांधीजी के हत्यारों का महिमामंडन हो रहा है!

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार

राजस्थान में मस्जिद पर भगवा, सांप्रदायिक तनाव की साज़िश!

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License