NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राज्यसभा चुनाव: कहाँ कौन चुनाव लड़ रहा है और क्या है राजनतिक स्थति?
राज्यसभा के कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में विभिन्न तारीखों को समाप्त होने के चलते 17 राज्यों में इन 55 सीटों में 51 सीटें रिक्त हुई हैं। जबकि चार अन्य सीटें सदस्यों के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Mar 2020
digvijay and sindhiya
साभार : जागरण

आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने अपना नामांकन कल यानी 13 मार्च को दाखिल कर दिया है। इस साल कुल 73 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें से 55 सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना। इस साल उच्च सदन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 18 सदस्य और कांग्रेस के 17 सदस्य रिटायर हो रहे हैं। वर्तमान में केंद्र में सत्ता में मौजूद भाजपा के पास उच्च सदन में 82 सदस्य हैं जबकि 245 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के 46 सदस्य हैं।

राज्यसभा के लिए 26 मार्च को होने वाले चुनाव में उच्च सदन के उप सभापति हरिवंश, राकांपा प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा में कुछ ही दिन पहले शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, कई उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित होने वाले हैं। जबकि कई राज्यों में मुक़ाबला काफी कड़ा है। चुनाव संपन्न होने के एक घंटे बाद मतगणना भी 26 मार्च को ही होगी।

हर दो साल पर होने वाले इस चुनाव के लिए नामांकन भरने का अंतिम दिन शु्क्रवार था।

इन सभी सीटों पर राज्यवार एक नज़र डालते है कहाँ कौन चुनाव लड़ रहा हैऔर क्या है राजनतिक स्थति ?

मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल सकती है। वहां कांग्रेस के कम से कम 22 विधायकों के बगावत के चलते कमलनाथ सरकार का भविष्य अधर में लटक गया है।

राज्य की तीन सीटों के कुल छह उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है।

दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री रंजना बघेल, प्रोफेसर सुमेर सिंह सोलंकी भाजपा के उम्मीदवार हैं। राम दास दहीवाले ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है।

भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियां विधायकों के संख्या बल के आधार पर आसानी से अपने एक-एक प्रत्याशियों को राज्यसभा भेज सकती हैं। जबकि तीसरी सीट के लिए कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही थी लेकिन 22 विधायकों के विधानसभा से इस्तीफे के साथ संख्याबल के इस खेल में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।

इस्तीफा देने वाले अधिकतर विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं, जिन्होंने कांग्रेस से मंगलवार को इस्तीफा देने के बाद बुधवार को भाजपा की सदस्यता ले ली।

राज्य की 228 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या आधिकारिक रूप से 114 है, जबकि पार्टी को चार निर्दलीय, बसपा के दो और सपा के एक विधायक का समर्थन भी हासिल है।

बेंगलुरु में डेरा डाले अगर 22 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है या राज्यसभा चुनाव में मतदान के दौरान वे अनुपस्थित रहते हैं तो विधानसभा में सदस्यों की संख्या 206 रह जाएगी। ऐसी स्थिति में कांग्रेस के पास सिर्फ 92 सदस्य होंगे, जबकि भाजपा के खेमें में 107 विधायक होंगे।

उम्मीद है कि भाजपा के सिंधिया और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह आसानी से जीत दर्ज कर लेंगे क्योंकि वे संभवत: अपनी-अपनी पार्टियों की पहली पसंद है।

मप्र में तीसरी सीट के लिए भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के फूल सिंह बरैया के बीच मुख्य रूप से मुकाबला होगा।

यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा ने सुमेरे सिंह सोलंकी को इसलिए उम्मीदवार बनाया क्योंकि उनके रंजना बघेल की उम्मीदवारी कैंसिल हो सकता हैं।

महाराष्ट्र

मध्य प्रदेश के अलावा, महाराष्ट्र से सात, तमिलनाडु से छह, पश्चिम बंगाल और बिहार से पांच-पांच, ओडिशा, गुजरात एवं आंध्र प्रदेश से चार-चार, असम एवं राजस्थान से तीन-तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़,हरियाणा और झारखंड से दो-दो तथा हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय से एक-एक रिक्तियां हैं।

केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के ज्यादातर सीटें जीतने की उम्मीद है।

वहीं, इस चुनाव के बाद 245 सदस्यीय राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस सदस्यों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र में रिक्त हो रही राज्यसभा की सात सीटों के लिए पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (दोनों राज्यसभा के मौजूदा सदस्य हैं), छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज एवं भाजपा के उदयनराजे भोंसले और भागवत कराड, कांग्रेस महासचिव राजीव सातव, शिवसेना की उपनेता प्रियंका चतुर्वेदी और राकांपा की पूर्व मंत्री फौजिया खान चुनाव मैदान में हैं।

गुजरात

गुजरात में भी करीबी मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद है, जहां रिक्त हो रही चार सीटों के लिए भाजपा से तीन उम्मीदवार--अभय भारद्वाज,रमीलाबेन बारा और नरहरि अमीन-- तथा कांग्रेस से शक्तिसिंह गोहिल और भरतसिंह सोलंकी चुनाव मैदान में हैं।

इसबीच, निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने शुक्रवार को कांग्रेस को अपना समर्थन देने की घोषणा की।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने दिनेश त्रिवेदी, अर्पिता घोष, मौसम नूर और सुब्रत बख्शी को उम्मीदवार बनाया है। इन चार प्रत्याशियों में से त्रिवेदी, घोष और नूर ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वे हार गए थे।

पार्टी के पूर्व विधायक दिनेश बजाज ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अंतिम क्षणों में पर्चा भरा और उन्हें पार्टी समर्थन मिल सकता है। पार्टी के अंदर मौजूद लोगों ने यह जानकारी दी।

कोलकाता के पूर्व मेयर बिकाश रंजन भट्टाचार्य को चुनावों के लिए कांग्रेस और सीपीआई (एम) दोनों के सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में चुना है।

हालांकि, वहां विपक्ष के नेता अब्दुल मनन ने आरोप लगाया कि बजाज को तृणमूल कांग्रेस ने पांचवीं सीट पर माकपा-कांग्रेस के आमराय से तय किये गये उम्मीदवार बिकास रंजन भट्टाचार्य को हराने के लिए उतारा है।

बिहार

बिहार में सभी पांचों उम्मीदवार—हरिवंश (जदयू), रामनाथ ठाकुर और विवेक ठाकुर (दोनों भाजपा से) और प्रेम चंद गुप्ता एवं ए डी सिंह (दोनों राजद से)-- के 18 मार्च को विजेता घोषित होने की उम्मीद है। यह तारीख नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन है।

झारखंड

झारखंड में दो सीटों के लिए सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रमुख शिबू सोरेन और कांग्रेस के शहजादा अनवर को उम्मीदवार बनाया है जबकि प्रदेश भाजपा प्रमुख दीपक प्रकाश भगवा पार्टी के प्रत्याशी हैं।

ओडिशा

ओडिशा में बीजद के सभी चार उम्मीदवारों--सुभाष सिंह, मुन्ना खान, सुजीत कुमार और ममता महंत--के जीतने की उम्मीद है।

असम

असम में भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व सांसद भुवनेश्वर कलिता को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार अजीत कुमार भुइयां को विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ का समर्थन हासिल है।

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस उम्मीदवार के टी एस तुलसी और फूलो देवी नेताम निर्विरोध जीतने वाले हैं। वहां विपक्षी भाजपा ने विधानसभा में अपनी कम संख्या को देखते हुए उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रमुख इंदु गोस्वामी के भी निर्विरोध जीतने वाली हैं।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस से सहयोग करने को कहा और विपक्षी पार्टी ने उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया।

राजस्थान

राजस्थान में तीन सीटों के लिए चुनाव होंगे। वहां कांग्रेस ने पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल और प्रदेश महासचिव नीरज डांगी को उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा ने राजेंद्र गहलोत को उतारा है। पूर्व विधायक ओंकार सिंह लखावत ने भी पर्चा भरा है।

लखावत ने कहा कि वह पार्टी के निर्देश पर पर्चा दाखिल कर रहे हैं।

राज्य विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस को दो व भाजपा को एक सीट मिलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश

जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की चार राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। रेड्डी ने अपने उपमुख्यमंत्री पिल्ले सुभाष चंद्र बोस और मंत्री मोपीदेवी वेंकटरमन, व्यवसायी अयोध्या रामी रेड्डी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के परिमल नाथवानी को राज्यसभा के लिए पार्टी ने उम्मीदवार है।

तेलुगु देशम पार्टी ने कहा था कि वह राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेगी, क्योंकि उसके पास विधानसभा में पर्याप्त ताकत नहीं है।

हरियाणा

हरियाणा से भाजपा के राम चंदर जांगरा और कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा के निर्विरोध जीतने वाले हैं।

बीरेंद्र सिंह का कार्यकाल एक अगस्त 2022 को समाप्त हो रहा था लेकिन उन्होंने 20 जनवरी को इस्तीफा दे दिया। इस शेष कार्यकाल के लिए भाजपा के दुष्यंत कुमार गौतम राज्यसभा में प्रवेश करने वाले हैं।

तमिलनाडु

तमिलनाडु में, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने सोमवार को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी ने पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई और वरिष्ठ नेता केपी मुनुसामी को तमिलनाडु से राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के रूप में चुना , जबकि अपने सहयोगी दल तमिल माणिक कांग्रेस के प्रमुख जीके वासन के लिए केवल एक सीट छोड़ी।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें पार्टी के मजबूत नेता 'तिरुचि' शिवा हैं। इसके साथ ही पार्टी के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को एक बयान में कहा, 'एंथियूर' सेल्वराज और एनआर एलंगो अन्य दो उम्मीदवार हैं।

Rajyasabha Election
BJP
Congress
NCP
Madhya Pradesh
Maharastra
Gujrat
West Bengal
TMC
Bihar
Jharkhand
Odisha
Assam

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • मोदी सरकार क्यों भूल गयी, " सबका साथ, सबका विकास" ?
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार क्यों भूल गयी, " सबका साथ, सबका विकास" ?
    13 Aug 2021
    कानपुर में खुलेआम सड़क पर एक मुस्लिम आदमी को उसकी सात साल की बच्ची के सामने पीटा जाता है, जय श्री राम के नारे लगाए जाते हैं। और उधर आज प्रधानमंत्री मोदी गुजरात मे निवेशकों को सम्बोधित करते हैं।
  • वर्तमान और भविष्य के बीच संघर्ष का नाम है क्रांति : फिदेल कास्त्रो
    अनीश अंकुर
    वर्तमान और भविष्य के बीच संघर्ष का नाम है क्रांति : फिदेल कास्त्रो
    13 Aug 2021
    50 वर्षों तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा में उस समय क्रांति को अंजाम दिया जब लैटिन अमेरिका के लगभग सभी देश तानाशाही के अधीन थे। क्यूबा लैटिन अमेरिकी देशों में स्वतन्त्रता…
  • गाज़ा मत्स्य क्षेत्र का इस्तेमाल इज़रायल फ़िलिस्तीनीयों को सामूहिक सज़ा देने के लिए कर रहा है
    अब्दुल रहमान, अभिजान चौधरी
    गाज़ा मत्स्य क्षेत्र का इस्तेमाल इज़रायल फ़िलिस्तीनीयों को सामूहिक सज़ा देने के लिए कर रहा है
    13 Aug 2021
    रॉकेट हमलों का वास्ता देकर इज़रालय अक्सर मत्स्य क्षेत्र को प्रतिबंधित कर देता है, जिससे हज़ारों फ़िलिस्तीनियों की आजीविका और खाद्यान्न ख़तरे में आ जाते हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक; फुल ड्रेस रिहर्सल: क्या से क्या हो गए देखते-देखते!
    13 Aug 2021
    फुल ड्रेस रिहर्सल: साल दर साल...विकास के पथ पर सरकार। जी हां, देखिए इस ऐतिहासिक मौक पर गौर से देखिए, कोविड की मार के अलावा बेरोज़गारी और महंगाई आज चरम पर है। आम आदमी का दम निकल रहा है। दूसरी तरफ़ ‘…
  • लीबिया में युद्ध समाप्त करने और दिसंबर में चुनावों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने को बातचीत फिर शुरू
    पीपल्स डिस्पैच
    लीबिया में युद्ध समाप्त करने और दिसंबर में चुनावों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने को बातचीत फिर शुरू
    13 Aug 2021
    ये वार्ता एक संवैधानिक ढांचे पर एक समझौते की योजना बनाने की कोशिश कर रही है जो देश को एकजुट करने के उद्देश्य से आगामी राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों को संचालित करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License