NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लाल किला हिंसा: ज़मानत मिलने के बाद दीप सिद्धू को दोबारा किया गया गिरफ़्तार
अदालत ने गणतंत्र दिवस पर लाल किला परिसर में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू की जमानत मंजूर कर ली थी। लेकिन उसके कुछ घंटे बाद ही क्राइम ब्रांच ने उन्हें दोबारा गिरफ़्तार कर लिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
17 Apr 2021
दीप सिद्धू
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने गणतंत्र दिवस पर लाल किला परिसर में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू की जमानत मंजूर कर ली थी। लेकिन उसके कुछ घंटे बाद ही क्राइम ब्रांच ने उन्हें दोबारा गिरफ़्तार कर लिया। अब वे ज़मानत मिलने के बाद भी जेल से नहीं छूट पाएंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ दिप सिद्धू को क्राइम ब्रांच ने पुरातत्व विभाग की शिकायत पर दर्ज हुई FIR के मामले में किया है। पुरातत्व विभाग ने क्राइम ब्रांच में इस संबंध में मामला दर्ज करवाया था। जिसके चलते ये कार्रवाई की गई है।

सिद्धू की पुनः गिरफ़्तारी से पहले आज शनिवार को विशेष न्यायाधीश नीलोफर आबिदा परवीन ने 30,000 रुपए के निजी मुचलके पर उनकी ज़मानत मंजूर की थी।

अदालत ने इस बात पर गौर किया कि आरोपी नौ फरवरी, 2021 से हिरासत में है और वह इस दौरान 14 दिन पुलिस की हिरासत में रहा।

उसने कहा कि केवल आवाज के नमूने के मकसद से और अवधि के लिए हिरासत में रखने की पुलिस की याचिका उचित नहीं है।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘अभियोजन का मामला मुख्य रूप से उन वीडियो रिकॉर्डिंग की सामग्रियों और फुटेज पर आधारित है, जो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से सभी के लिए उपलब्ध हैं और ऐसे में इस बात की संभावना बहुत कम है कि आरोपी-प्रार्थी इस प्रकार के मंच पर उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ करने में सक्षम है।’’

अदालत ने अभियोजन के इस तर्क को खारिज किया कि आरोपी जमानत पर रिहा किए जाने के बाद फरार हो सकता है। उसने कहा कि अभियोजन के मामले के अनुसार आरोपी एक जाना-माना व्यक्ति है, ऐसे में कड़ी शर्ते लगाकर इस आशंका को दूर किया जा सकता है।

न्यायाधीश ने जमानत मंजूर करते हुए आरोपी को निर्देश दिया कि वह जांच अधिकारी के पास अपना पासपोर्ट जमा कराए और जब कभी आवश्यकता पड़े, पुलिस थाने एवं अदालत में पेश हो।

अदालत ने कहा, ‘‘वह किसी भी तरीके से गवाहों को प्रभावित नहीं करे, उन्हें डराए-धमकाए नहीं और न ही सबूतों से छेड़छाड़ करें।’’

सिद्धू को 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किला परिसर में हुई हिंसा के मामले में नौ फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। कई प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किला तक पहुंच गये थे और ऐतिहासिक स्मारक परिसर में घुस गये थे। उन्होंने उसकी प्राचीर पर एक ध्वजदंड पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया था।

लाल किला हिंसा के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों ने दो कांस्टेबल से 20 कारतूस वाली दो मैगजीन छीन ली थीं। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।

Red Fort Violence
Deep Sidhu

Related Stories

किसान आंदोलन: दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस के वकीलों का पैनल ख़ारिज किया

लाल क़िले में हिंसा की घटना का आरोपी दीप सिद्धू गिरफ़्तार

बात बोलेगी: साज़िश के छुपे पत्तों को भी बेनक़ाब किया किसान परेड ने

कौन है दीप सिद्धू जिसने लाल क़िले पर निशान साहिब फहराने की ज़िम्मेदारी ली है?


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    करनाल में किसान महापंचायत, रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन और अन्य
    07 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी हरियाणा के करनाल में किसान महापंचायत, रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का बुधवार को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन,यूपी में डेंगू और वायरल बुखार का…
  • निमहांस के बर्ख़ास्त किये गए कर्मचारी जुलाई से हैं हड़ताल पर
    रोसम्मा थॉमस
    निमहांस के बर्ख़ास्त किये गए कर्मचारी जुलाई से हैं हड़ताल पर
    07 Sep 2021
    19 कर्मचारियों को इसलिये बर्ख़ास्त कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कोविड कर्फ़्यू के दौरान रात को घर जाने की व्यवस्था करने की मांग की थी।
  • मुज़फ़्फ़रनगर: 2013 की हिंसा के ज़ख़्म ज़िंदा है जौला गांव में
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुज़फ़्फ़रनगर: 2013 की हिंसा के ज़ख़्म ज़िंदा है जौला गांव में
    07 Sep 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में मुज़फ़्फ़नगर के जौला गांव में पहुंची वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह, जहां 2013 के सांप्रदायिक हिंसा के शिकार लोगों को पनाह मिली। किसान आंदोलन के भविष्य का रास्ता जौला गांव से होकर ही…
  • पेगासस विवाद : उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया
    भाषा
    पेगासस विवाद : उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया
    07 Sep 2021
    मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 सितंबर की तारीख तय की है।
  • जातीय जनगणना: जलता अंगार
    बी. सिवरामन
    जातीय जनगणना: जलता अंगार
    07 Sep 2021
    यदि नीतीश सचमुच में इस मुद्दे पर ईमानदार हैं, तो उन्हें मांग करनी चाहिये थी कि केंद्र सरकार, जिसको आरएसएस-भाजपा का ओबीसी मास्टहेड मोदी का नेतृत्व मिला है, 2011 के सामाजिक-आर्थिक व जातीय जनगणना के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License