NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एमपी में सरकार की असफलताओं को छिपाने और सत्ता को बचाने के लिए धार्मिक उन्माद भड़काया जा रहा है : संयुक्त विपक्ष 
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान असंवैधानिक, आपराधिक, उकसावे वाले तथा सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ाने और सांप्रदायिक तत्वों को शह देने वाले होते हैं।"
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
21 Apr 2022
JCB

मध्य प्रदेश के कई राजनीतिक दलों ने आज एक संयुक्त बैठक के बाद कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की शांति और भाईचारे पर ठेस पहुंचा रही है। 

विपक्षी पार्टियों का कहना था कि, "प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार अमन-शांति बनाए रखने के बजाय, संविधान विरोधी काम कर रही है। वह न केवल सांप्रदायिक तत्वों को संरक्षण दे रही है, बल्कि आगे बढ़कर संघ के हिंदुत्ववादी एजेंडे- जिसका हिन्दू धर्म से कोई संबंध नहीं है- को लागू कर रही है। देश तथा प्रदेश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने के लिए मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की। रामनवमी के अवसर पर खरगोन और सेंधवा में इसी इरादे से सांप्रदायिक दंगा करवाया गया। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान असंवैधानिक, आपराधिक, उकसावे वाले तथा सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ाने और सांप्रदायिक तत्वों को शह देने वाले होते हैं।"

बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में इन दलों ने कहा कि पत्थर फेंकने वालों के घरों को पत्थरों का ढेर बना देने के गृहमंत्री के बयान के बाद तो सिर्फ अल्पसंख्यकों के मकानों और दुकानों को निशाना बनाया गया। यहां तक कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान भी तोड़ दिए गए। जिसके दोनों हाथ कटे हुए हैं, उसकी गुमटी भी पत्थर तोड़ने के आरोप में तोड़ दी गई। जो किसी व्यक्तिगत झगड़े के कारण जेल में है, उसे भी आरोपी बनाकर उसका मकान भी तोड़ दिया गया। शिवराज सरकार की यह हरकत फासीवादी प्रवृत्ति का परिचायक है, जहां दोषी होने का निर्णय अदालत नहीं, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के कहने पर पुलिस कर रही है। भाजपा और संघ परिवार की यह मुहिम किसी भी समुदाय के हित में नहीं है। दंगाग्रस्त क्षेत्रों में महावीर जयंती, गुड फ्राईडे, बैसाखी, अंबेडकर जयंती, हनुमान जयंती जैसे सभी समुदायों के त्योहार प्रभावित हुए हैं।

सीपीआई (एम) कार्यालय में हुई इस बैठक का मानना था कि भाजपा और संघ परिवार यह सब अपनी सरकार की असफलताओं को छिपाने और धार्मिक उन्माद पैदा कर सत्ता को बचाने के लिए ही कर रहे हैं जब प्रदेश में दलित उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। दलित दूल्हों को घोड़े पर नहीं बैठने दिया जा रहा है। उनके मंदिर प्रवेश पर रोक लगाई जा रही है। तब भाजपा और संघ पर उन्हें हिंदू के नाम पर एक करने का धोखा दे रहे हैं। हाल ही में पुलिस की भर्ती के दौरान जैसे सरकार ने दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के आरक्षण को खत्म करने की साजिश की है। शिक्षकों की भर्ती पर पर्चा लीक करवा कर प्रदेश की प्रतिभाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। सांप्रदायिक उन्माद पैदा कर वह इन्हीं नौजवानों को बुनियादी सवालों से भटकाना चाहती है।

इस बैठक में शामिल दलों ने प्रदेश के सांप्रदायिक सदभाव की रक्षा के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों और व्यक्तियों को एकजुट होने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री तथा अन्य मंत्रियों के आपत्तिजनक बयानों की निंदा करते हुए भविष्य में इस प्रकार के बयानों पर रोक लगाने की मांग की है। खरगोन में उन सब अपराधियों को सजा देने की मांग की है , जिन्होंने जानबूझकर मस्जिद के सामने उत्पात मचाया और आपत्तिजनक नारे लगाकर तनाव पैदा किया। इसी के साथ उन सब के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो इस जलूस में हथियार लेकर चल रहे हैं, जिनके वीडियो फुटेज वायरल हो रहे हैं। उपद्रवियों की शिनाख्त की जाए तथा एकतरफा  कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

बैठक ने बुल्डोज़र संस्कृति पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए खरगौन सहित प्रदेशभर में घटी इस तरह की घटना के परीक्षण के लिए एक सर्वदलीय समिति के गठन की मांग की है और इस दंगे में जिनका भी नुकसान हुआ है या मकान गिराए गए हैं, उन्हें पूरा मुआवजा दिए जाने की मांग दोहराई है।  

बैठक ने खरगौन जाने, राजयपाल, मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों से अवगत कराने तथा सरकार और प्रशासन के असंवैधानिक आचरण के खिलाफ न्यायपालिका जाने की भी राय बनाई है। 

बैठक में जसविंदर सिंह (सीपीएम), शैलेन्द्र कुमार शैली (सीपीआई,), स्वरूप नायक (राजद), राजू भटनागर (एनसीपी), यश भारतीय (समाजवादी पार्टी),, प्रदीप कुशवाहा (राष्ट्रीय समानता दल ) अजय श्रीवास्तव (लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी) तथा देवेंद्र सिंह चौहान सीपीआई (एमएल) लिबरेशन की ओर से उपस्थित थे। इनके अलावा बादल सरोज, प्रमोद प्रधान, पी वी रामचंद्रन, एस एस मौर्या, प्रहलाद दास बैरागी, सत्यम पाण्डेय, दिनेश सेन, कुलदीप गुर्जर, मोहन सिंह नागर भी बैठक में शामिल हुए।

Madhya Pradesh
MP Government
Khargone
Communal clashes
riots
Violence
Shivraj Singh Chouhan
opposition parties

Related Stories

नर्मदा के पानी से कैंसर का ख़तरा, लिवर और किडनी पर गंभीर दुष्प्रभाव: रिपोर्ट

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

मध्य प्रदेश : खरगोन हिंसा के एक महीने बाद नीमच में दो समुदायों के बीच टकराव

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत


बाकी खबरें

  • Gujarat
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे-ठाले: गोबर-धन को आने दो!
    26 Feb 2022
    छुट्टा जानवरों की आपदा का शोर मचाने वाले यह नहीं भूलें कि इसी आपदा में से गोबर-धन का अवसर निकला है।
  • Leander Paes and Rhea Pillai
    सोनिया यादव
    लिएंडर पेस और रिया पिल्लई मामले में अदालत का फ़ैसला ज़रूरी क्यों है?
    26 Feb 2022
    लिव-इन रिलेशनशिप में घरेलू हिंसा को मान्यता देने वाला ये फ़ैसला अपने आप में उन तमाम पीड़ित महिलाओं के लिए एक उम्मीद है, जो समाज में अपने रिश्ते के अस्तित्व तो लेकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022: किस तरफ होगा पूर्वांचल में जनादेश ?
    26 Feb 2022
    इस ख़ास बातचीत में परंजॉय गुहा ठाकुरता और शिव कुमार बात कर रहे हैं यूपी चुनाव में पूर्वांचाल की. आखिर किस तरफ है जनता का रुख? किसको मिलेगी बहुमत? क्या भाजपा अपना गढ़ बचा पायेगी? जवाब ढूंढ रहे हैं…
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के 5 साल और पानी को तरसती जनता
    26 Feb 2022
    ड्रग्स, अफस्पा, पहचान और पानी का संकट। नतीजतन, 5 साल की डबल इंजन सरकार को अब फिर से ‘फ्री स्कूटी’ का ही भरोसा रह गया है। अब जनता को तय करना है कि उसे ‘फ्री स्कूटी’ चाहिए या पीने का पानी?    
  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    मुद्दा: सवाल बसपा की प्रासंगिकता का नहीं, दलित राजनीति की दशा-दिशा का है
    26 Feb 2022
    जहां तक बसपा की राजनीतिक प्रासंगिकता का प्रश्न है, तो दो या तीन चुनाव हारने से किसी भी पार्टी की प्रासंगिकता खत्म नहीं होती है। लेकिन असल प्रश्न यह है कि पार्टी की राजनीतिक दशा और दिशा क्या है? साथ…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License