NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
भारत
स्मृति शेष: सागर सरहदी चाहते थे ‘बाज़ार-2’ बनाना
1982 में ‘बाज़ार’ जैसी शानदार क्लासिकल फ़िल्म बनाने वाले सागर सरहदी इस फ़िल्म का दूसरा भाग (Sequel) ‘बाज़ार-2’ भी बनाना चाहते थे। मगर ऐसा हो न सका। वे तो अपने नाटक राजदरबार जिसमें वे किसान की भूमिका में थे, उसपर भी फ़िल्म बनाना चाहते थे...
न्यूज़क्लिक डेस्क
22 Mar 2021
स्मृति शेष: सागर सरहदी चाहते थे ‘बाज़ार-2’ बनाना

1982 में ‘बाज़ार’ जैसी शानदार क्लासिकल फ़िल्म बनाने वाले सागर सरहदी इस फ़िल्म का दूसरा भाग या कहें कि सिक्वेल बाज़ार-2 भी बनाना चाहते थे।

रंगकर्मी, एवं पत्रकार आलोक शुक्ला, जो ख़ुद इन दिनों बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्होंने 2019 में ‘न्यूज़क्लिक’ के जरिये सागर साहब से एक संस्मरणात्मक बातचीत साझा की थी। जिसमें सागर साहब से यह पूछने पर कि नवाज़ुद्दीन स्टारर आपकी फ़िल्म ‘चौसर’ का क्या हुआ.. इसे बने तो कई साल हो गये ?,

उन्होंने जवाब दिया था कि “जी हां, फ़िल्म बनी रखी है... काफी समय से इसके रिलीज़ के लिये लोगों से बात चल रही है... जैसे ही ये फ़िल्म रिलीज़ होगी इससे मिले पैसे से खुद ही ‘बाज़ार-2’  बनाऊंगा या फिर अपने प्ले ‘राजदरबार’ पर फ़िल्म बनाऊंगा (ये वही प्ले है जिसमे मैंने किसान की मुख्य भूमिका की थी) क्योंकि आज भी किसान मर रहा है और किसी को कोई चिंता है, ऐसा ज़मीन पर तो कतई नहीं दिखता बाकी बातें चाहे जो हों।”

उम्र भर अकेले रहने, शादी न करने के बारे में भी पूछने पर उन्होंने बेहद बेबाकी से कहा था कि “कभी सोचा ही नहीं और शादी आदमी जिस बात के लिये करता है वो प्यार मुझे हमेशा हासिल रहा, मेरे 17 अफेयर रहे हैं। क्या ये किसी शादी से कम हैं (एक ज़ोरदार ठहाका...)

आज जब सागर सरहदी हमारे बीच नहीं रहे। तो आइए एक बार फिर पढ़ने हैं आलोक शुक्ला की सागर सरहदी से यही संस्मरणात्मक बातचीत।

बायस्कोप : सागर जिसकी कोई सरहद नहीं...

Sagar Sarhadi
Sagar Sarhadi Passes Away
Baazaar
Baazaar-2

Related Stories

बायस्कोप : सागर जिसकी कोई सरहद नहीं...


बाकी खबरें

  • भाषा
    सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए आंबेडकर के संघर्षों से प्रेरणा लें : विजयन
    14 Apr 2022
    विजयन ने कहा कि लोकतंत्र को लेकर आंबेडकर का दृष्टिकोण ऐसे समय में और प्रासंगिक हो गया है जब सांप्रदायिक फासीवादी राजनीति और नव उदार पूंजीवादी नीतियां संवैधानिक मूल्यों पर बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं। 
  • एजाज़ अशरफ़
    दंगे भड़काने के लिए धार्मिक जुलूसों के इस्तेमाल का संघ का इतिहास
    14 Apr 2022
    संघ परिवार का गान करने वाले चाहते हैं कि हम रामनवमी की हालिया हिंसा के उस पहलू को भूल जायें, जो उसकी सांप्रदायिक आग भड़काने के पुराने इतिहास को दर्शाती है। 
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,007 नए मामले, एक मरीज़ों की मौत
    14 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है | दिल्ली में मात्र एक सप्ताह के भीतर नए मामलों की संख्या करीब तीन गुना हो गयी है | 
  • ambedkar
    लाल बहादुर सिंह
    एक आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण की डॉ. आंबेडकर की परियोजना आज गहरे संकट में
    14 Apr 2022
    डॉ. 
  • ambedkar
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    मैं अंबेडकर बोल रहा हूँ... भेद तुम्हारे खोल रहा हूँ
    14 Apr 2022
    आज, 14 अप्रैल बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती है। इस मौके पर बहुत भाषण होंगे, लेख लिखे जाएंगे, लेकिन जिस तरह से युवा कवि राज वाल्मीकि अंबेडकर की तरफ़ से बोल रहे हैं और हमारे समाज का भेद खोल रहे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License