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फिल्में
भारत
स्मृति शेष: सागर सरहदी चाहते थे ‘बाज़ार-2’ बनाना
1982 में ‘बाज़ार’ जैसी शानदार क्लासिकल फ़िल्म बनाने वाले सागर सरहदी इस फ़िल्म का दूसरा भाग (Sequel) ‘बाज़ार-2’ भी बनाना चाहते थे। मगर ऐसा हो न सका। वे तो अपने नाटक राजदरबार जिसमें वे किसान की भूमिका में थे, उसपर भी फ़िल्म बनाना चाहते थे...
न्यूज़क्लिक डेस्क
22 Mar 2021
स्मृति शेष: सागर सरहदी चाहते थे ‘बाज़ार-2’ बनाना

1982 में ‘बाज़ार’ जैसी शानदार क्लासिकल फ़िल्म बनाने वाले सागर सरहदी इस फ़िल्म का दूसरा भाग या कहें कि सिक्वेल बाज़ार-2 भी बनाना चाहते थे।

रंगकर्मी, एवं पत्रकार आलोक शुक्ला, जो ख़ुद इन दिनों बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्होंने 2019 में ‘न्यूज़क्लिक’ के जरिये सागर साहब से एक संस्मरणात्मक बातचीत साझा की थी। जिसमें सागर साहब से यह पूछने पर कि नवाज़ुद्दीन स्टारर आपकी फ़िल्म ‘चौसर’ का क्या हुआ.. इसे बने तो कई साल हो गये ?,

उन्होंने जवाब दिया था कि “जी हां, फ़िल्म बनी रखी है... काफी समय से इसके रिलीज़ के लिये लोगों से बात चल रही है... जैसे ही ये फ़िल्म रिलीज़ होगी इससे मिले पैसे से खुद ही ‘बाज़ार-2’  बनाऊंगा या फिर अपने प्ले ‘राजदरबार’ पर फ़िल्म बनाऊंगा (ये वही प्ले है जिसमे मैंने किसान की मुख्य भूमिका की थी) क्योंकि आज भी किसान मर रहा है और किसी को कोई चिंता है, ऐसा ज़मीन पर तो कतई नहीं दिखता बाकी बातें चाहे जो हों।”

उम्र भर अकेले रहने, शादी न करने के बारे में भी पूछने पर उन्होंने बेहद बेबाकी से कहा था कि “कभी सोचा ही नहीं और शादी आदमी जिस बात के लिये करता है वो प्यार मुझे हमेशा हासिल रहा, मेरे 17 अफेयर रहे हैं। क्या ये किसी शादी से कम हैं (एक ज़ोरदार ठहाका...)

आज जब सागर सरहदी हमारे बीच नहीं रहे। तो आइए एक बार फिर पढ़ने हैं आलोक शुक्ला की सागर सरहदी से यही संस्मरणात्मक बातचीत।

बायस्कोप : सागर जिसकी कोई सरहद नहीं...

Sagar Sarhadi
Sagar Sarhadi Passes Away
Baazaar
Baazaar-2

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License