NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने इज़रायल से स्पाइवेयर निर्यात बंद करने की मांग की
दुनिया भर में 17 मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों में भारत सहित दुनिया की कई सरकारों पर हाल ही में अपने देशों में असंतुष्टों और पत्रकारों की जासूसी करने के लिए इज़रायली स्पाइवेयर का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jul 2021
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने इज़रायल से स्पाइवेयर निर्यात बंद करने की मांग की

बुधवार 21 जुलाई को रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने मांग की कि इज़रायल एनएसओ स्पाइवेयर के निर्यात को यह कहते हुए बंद कर दे कि वह इसके हानिकारक प्रभावों के लिए जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है। हाल ही में इजरायल के एनएसओ समूह द्वारा निर्यात किए गए पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके दुनिया भर के सैकड़ों पत्रकारों के फोन की जासूसी के खुलासे के बाद मांग की गई।

आरएसएफ ने एक रिपोर्ट में दावा किया कि इजरायल अपनी विदेश नीति के पूरक के रूप में एनएसओ निर्यात का उपयोग करता रहा है और "हथियारों की बिक्री की तरह, संवेदनशील डिजिटल प्रौद्योगिकी के निर्यात पर निर्णय सरकारों की जिम्मेदारी है, जो इसके हानिकारक प्रभावों से आंखें नहीं मूंद सकते हैं, खासकर जब इसका इस्तेमाल पूरी दुनिया में असंतुष्टों और आलोचकों को सताने के लिए किया जाता है।"

आरएसएफ के महासचिव क्रिस्टोफ़ डेलोयरे ने कहा कि, "सरकारों को स्पाइवेयर इंस्टॉल करने में सक्षम बनाना जो दुनिया भर में सैकड़ों पत्रकारों और उनके स्रोतों की निगरानी के लिए उपयोग किया जाता है वह एक बड़ी लोकतांत्रिक समस्या है" और इज़रायली प्रधानमंत्री से स्पाइवेयर पर रोक लगाने के लिए उस समय तक के लिए कहा " जब तक एक सुरक्षात्मक नियामक ढांचा स्थापित नहीं किया जाता है"।

रविवार से दुनिया भर में द गार्डियन और 16 अन्य मीडिया समूहों द्वारा प्रकाशित खुलासे के अनुसार, दुनिया भर के कई देशों में इनके मालिकों की जासूसी के उद्देश्य से पेगासस स्पाइवेयर से लगभग 50,000 फोन नंबर या तो संक्रमित या संक्रमण के संभावित लक्ष्य पाए गए थे। इनमें से बड़ी संख्या में टेलीफोन नंबर पत्रकारों के हैं, लेकिन इसमें भारत, सऊदी अरब, रवांडा, हंग्री, यूएई और अन्य देशों के कई प्रधानमंत्रियों, राष्ट्राध्यक्षों, न्यायाधीशों और विपक्षी राजनेताओं और एक्टिविस्टों की संख्या भी शामिल है।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का फोन नंबर भी इस सूची में होने के खुलासे और कुछ पत्रकारों की पेगासस सॉफ्टवेयर का उपयोग कर की गई जासूसी के बाद फ्रांस ने आरोपों की जांच का आदेश दे दिया है। हालांकि भारत समेत कई अन्य देशों की सरकारों ने कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल और पेरिस स्थित गैर-लाभकारी फॉरबिडन स्टोरीज के निष्कर्षों के आधार पर इस खुलासे ने कनाडा स्थित सिटीजन लैब और व्हिसलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन द्वारा पिछले कुछ वर्षों में एनएसओ समूह के खिलाफ इसी तरह के आरोपों की पुष्टि की।

NSO Group
Israel NSO spyware
Israeli spyware
Pegasus spyware

Related Stories

पेगासस कांड: आखिर क्या है RSS से जुड़ा GVF ट्रस्ट? जिसकी अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के आयोग की जांच पर लगा दी रोक

पेगासस मामले में नया खुलासा, सीधे प्रधानमंत्री कठघरे में, कांग्रेस हुई हमलावर

भारत की तरह पौलेंड में भी पेगासस पर मचा हंगामा, विपक्षी नेताओं के फोन हैक करने का आरोप

पेगासस जासूसी कांड पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी: 46 पन्नों के आदेश का निचोड़

पेगासस प्रोजेक्ट: अंतर्राष्ट्रीय खुलासे 

बहरीन ने इज़रायली स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर नौ एक्टिविस्ट के फ़ोन हैक किए

पेगासस विवाद: केंद्र ने कोर्ट में कही समिति बनाने की बात, कांग्रेस ने कहा- ‘बिल्ली दूध की रखवाली कैसे कर सकती है’

विक्रम और बेताल: 'सरकार जी' और पिंजरे में बंद तोता-मैना की कहानी

जासूसी के आरोप यदि सही हैं, तो गंभीर हैं: न्यायालय ने पेगासस मामले पर कहा

डिजिटल साक्ष्य पर निर्भरता अब पेगासस के साये में


बाकी खबरें

  • ‘खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’: किसानों ने राज्यापलों के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा रोषपत्र, कई जगह पुलिस ने रोका
    मुकुंद झा
    ‘खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’: किसानों ने राज्यापलों के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा रोषपत्र, कई जगह पुलिस ने रोका
    26 Jun 2021
    आज 26 जून 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर ऐतिहासिक किसान आंदोलन के सात महीने पूरे हुए हैं। इसी के साथ आज आपातकाल दिवस भी है। इसलिए किसानों ने ‘खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ कर्यक्रम के तहत देशभर में राज्यप
  • 1975 में मीसा था तो अब UAPA और राजद्रोह
    न्यूज़क्लिक टीम
    1975 में मीसा था तो अब UAPA और राजद्रोह
    26 Jun 2021
    46 साल पहले लगी इमरजेंसी की ख़ौफ़नाक छाया 2021 में कितनी भयावह है, इस पर वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बातचीत की, न्यूज़क्लिक के एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ से, जिन्होंने उस समय गिरफ़्तारी और जेल को…
  • कोरोना
    रवि दुग्गल
    कोविड-19 वैक्सीन: टीके तक पहुंच और भेदभाव की समस्याएं
    26 Jun 2021
    गैर बीजेपी शासित राज्यों का कहना है कि वैक्सीन आपूर्ति में केंद्र सरकार द्वारा उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। 
  • यूपी धर्मांतरण मामला : कुछ का दावा उन्होंने बहुत पहले बदल लिया था धर्म, कुछ ने बदला ही नहीं
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी धर्मांतरण मामला : कुछ का दावा उन्होंने बहुत पहले बदल लिया था धर्म, कुछ ने बदला ही नहीं
    26 Jun 2021
    मुस्लिम परिवारों और अन्य ने दिल्ली में 2 मुस्लिम मौलवियों की गिरफ़्तारी के बाद यूपी एंटी-टेररिज़्म स्क्वाड पर रेड और जांच के दौरान 'मानसिक प्रताड़ना' का आरोप लगाया है।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    "खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ"
    26 Jun 2021
    किसान ही बचाएंगे खेती, किसान ही बचाएंगे लोकतंत्र। जी हां, शायद वह ऐतिहासिक मौका आ गया है। किसान दोहरी भूमिका में है, दोहरा चुनौती-दोहरा संघर्ष। आपातकाल दिवस (25-26 जून) के मौके पर भी किसान अपने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License