NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
रिपब्लिकन बहुमत ने महाभियोग की प्रक्रिया में ट्रंप को सज़ा से बचाया
सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप पर लगे सभी आरोपों को ख़ारिज कर दिया। यह फ़ैसला सीधे तौर पर पार्टी लाइन से जुड़ा था।
पीपल्स डिस्पैच
06 Feb 2020
USA

5 फ़रवरी को सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप पर लगे दो लेवल के आरोपों में निर्दोष घोषित कर दिया और उन्हें आधिकारिक रूप से बरी कर दिया। इस फ़ैसले के बाद ट्रंप की लंबी महाभियोग प्रक्रिया भी ख़त्म हो गई है, जो पिछले साल डेमोक्रेट्स ने शुरू की थी।

जब डेमोक्रेट्स ने पद के नाजायज़ इस्तेमाल का आरोप लगाया था तब रिपब्लिकन के एक सेनेटर मिट रोमने ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में वोट किया था। हालांकि, ट्रंप को इन आरोपों से आसानी से राहत मिल गई जब 52 सेनेटर ने उनके पक्ष में वोट किया, जबकि सिर्फ़ 48 सीनेटर ने उनके विरोध में वोट किया। महाभियोग प्रक्रिया में कोई भी आरोप साबित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत होती है। कांग्रेस की जांच में बाधा डालने के आरोप में केवल 47 सीनेटर ने पक्ष में मतदान किया और 53 ने इसका विरोध किया।

आख़िरकार ट्रंप के समर्थन में 53 वोट किए गए, और सिर्फ़ 47 उनके विरोध में हुए, ख़ास तौर से पार्टी लाइन पर। डेमोक्रेट्स की सीनेट में 45 सीटें हैं। दो निर्दलीय सीनेटर अक्सर उनके साथ वोट करते हैं।

ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की प्रक्रिया पिछले साल शुरू की गई थी जब यह पता चला था कि उन्होंने जुलाई में यूक्रेन के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को फ़ोन करके 400 मिलियन डॉलर की सहायता के बदले में बिडेन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ जांच शुरू करने के लिए कहा था। बिडेन आगामी राष्ट्रपति चुनावों में ट्रंप के ख़िलाफ़ प्रमुख डेमोक्रेट उम्मीदवार हैं। यह राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए देश के राष्ट्रपति के रूप में उनकी शक्ति के दुरुपयोग के आरोप का आधार बन गया।

बाद में ट्रंप ने उनके ख़िलाफ़ जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया जिसके कारण बाधा का दूसरा आरोप लगाया गया। ट्रंप ने महाभियोग की प्रक्रिया को ''धोखा'' बताते हुए उन पर लगे आरोपों से हमेशा इनकार किया था।

ट्रंप देश के इतिहास में महाभियोग परीक्षण का सामना करने वाले केवल तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थे। पिछले साल दिसंबर में प्रतिनिधि सभा में महाभियोग सफल रहा था, जहां डेमोक्रेट्स के पास आरामदायक बहुमत है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

America
Donand Trump
republican party
United States Senate

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License