NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता
कंजर्वेटिव बैंकर लास्सो ने रविवार को इक्वाडोर में हुए राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर में समाजवादी अर्थशास्त्री एंड्रेस अराउज़ के खिलाफ जीत हासिल की।
पीपल्स डिस्पैच
13 Apr 2021
दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल (सीएनई) द्वारा जारी प्रारंभिक परिणामों के अनुसार सोमवार 12 अप्रैल को 98.83% मतों की गिनती के बाद क्रिएटिंग अपॉर्चुनिटी पार्टी (सीआरईओ) और सोशल क्रिस्चियन पार्टी (पीएससी) के दक्षिणपंथी गठबंधन के गुइलर्मो लास्सो ने 11 अप्रैल को इक्वाडोर में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में जीत हासिल की। लास्सो को 52.41% वोट मिले। इस बीच उनके प्रतिद्वंद्वी प्रोग्रेसिव यूनियन फॉर होप गठबंधन (यूएनईएस) के एंड्रेस अराउज़ जिन्होंने पहले दौर में जीत हासिल की और उन्हें ओपिनियन पोल्स में विजेता के रूप में पेश किया गया था उन्होंने 47.59% वोट हासिल किए।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराउज ने अपनी हार स्वीकार कर ली और बाद में जीत की बधाई देने के लिए लास्सो को कॉल किया। अराउज ने कहा कि उनकी पार्टी अपनी विधायी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इक्वाडोर के लोगों के हितों का बचाव करती रहेगी। अराउज ने उन लाखों इक्वाडोर के लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उन्हें वोट दिया और उन पर भरोसा किया और कहा कि "आज आखिरी नहीं है, यह लोकप्रिय शक्ति के पुनर्निर्माण के एक नए चरण की शुरुआत है।"

लास्सो 24 मई को देश के नए प्रमुख के रूप में पद ग्रहण करेंगे जबकि नव निर्वाचित सांसदों को 14 मई को शपथ दिलाई जाएगी। राष्ट्रपति बनने के लिए यह लास्सो का तीसरा प्रयास था। साल 2013 में उन्होंने कोर्रिया के बाद सबसे अधिक वोट प्राप्त करने वाले दूसरे उम्मीदवार थे। कोर्रिया ने 57% से अधिक वोटों के साथ दूसरी बार जीत हासिल की थी। साल 2017 में वह दूसरे दौर में लेनिन मोरेनो से हार गए थे।

रूढ़िवादी बैंकर 65 वर्षीय लास्सो को मोरेनो की कठोर नीतियों और सीओवीआईडी -19 महामारी से उपजे आर्थिक, स्वास्थ्य और सामाजिक संकटों को कम करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। प्रगतिशील क्षेत्रों को संदेह है कि स्थिति बदल जाएगी क्योंकि उनका मानना है कि लास्सो जो मोरेनो के साथ सत्ता में थे उनके पास वर्तमान सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा की तुलना में कुछ भी अलग नहीं है।

11 अप्रैल को लगभग 13 मिलियन इक्वाडोरवासियों के पास देश के नए राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति को वोट देने और चुनने का अवसर था। देश में 18 से 65 वर्ष की आयु के सभी लोगों के लिए वोट डालना अनिवार्य है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि लास्सो को पचाकुटिक प्लूरिनेशनल यूनिटी पार्टी के जनजातिय नेता याकु पेरेज के नेतृत्व वाले इस बैलट-स्पॉइलिंग अभियान से फायदा हुआ है जिन्होंने इसे जीत के लिए नहीं चलाया और आरोप लगाया कि ये एक चुनावी धोखाधड़ी की गई थी।

Ecuador
Presidential Election
Guillermo Lasso

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

पेरूः कैस्टिलो ने राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता, फुजीमोरी का मानने से इनकार

पेरूः राष्ट्रपति पद की मतगणना में कैस्टिलो को बढ़त मिलने पर फुजीमोरी का धोखाधड़ी का आरोप

पेरू के राष्ट्रपति पद चुनावों में दूसरे दौर के प्रारंभिक परिणाम में फुजीमोरी को कैस्टिलो पर मामूली बढ़त

बशर अल-असद ने 95% से ज़्यादा वोट से जीता सीरिया का राष्ट्रपति चुनाव

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

लेफ़्ट उम्मीदवार पेड्रो कास्टिलो ने पेरू में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में जीत दर्ज की


बाकी खबरें

  • Savarkar and gandhi
    राम पुनियानी
    क्या गांधी ने सावरकर से दया याचिका दायर करने को कहा था?
    18 Oct 2021
    विशिष्ट हिंदू राष्ट्र की धारणा को विकसित करने वाले सावरकर ने अंडमान से अंग्रेज़ों को दया याचिकायें लिखी थीं और ऐसा करने के लिए उन्हें किसी और ने नहीं कहा था बल्कि यह उनके ख़ुद का निजी फ़ैसला था।
  • gandhi ji and sawarkar
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    गांधी बनाम सावरकरः हिंद स्वराज बनाम हिंदुत्व
    18 Oct 2021
    असली सवाल महात्मा गांधी बनाम सावरकर का नहीं है। असली सवाल उन दो दृष्टियों का है जो एक दूसरे से भिन्न हैं और जिनकी नैतिकता में जमीन आसमान का अंतर है। यह अंतर्विरोध रहेगा और ‘अमृत महोत्सव’ में इस पर…
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मंत्री अजय मिश्रा की बर्ख़ास्तगी की मांग को लेकर किसानों का ‘रेल रोको’ आंदोलन
    18 Oct 2021
    एसकेएम के मुताबिक आज का रेल रोको आंदोलन कुल 6 घंटे का रहेगा। इस दौरान पूरे देश में रेल सेवाएं सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बाधित की जाएंगी। रेल संपत्ति को बिना क्षति पहुंचाए, रेल रोको शांतिपूर्ण रहेगा।…
  • Coal
    प्रबीर पुरकायस्थ
    बिजली की मौजूदा तंगी सरकारी नियोजन में आपराधिक उपेक्षा का नतीजा है
    18 Oct 2021
    जहां तक बिजलीघरों में पर्याप्त कोयला न रहने के वर्तमान संकट का सवाल है, यह नियोजन के अभाव और सरकार की घोर अक्षमता के योग का नतीजा है। 
  • Putin
    जेम्स डब्ल्यू कार्डेन
    रूस किस तरह का ख़तरा है?
    18 Oct 2021
    रूसी खतरे के अलावा किसी भी विषय पर द्विदलीय सहमति इतनी अचल नहीं है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License