NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
पोर्टलैंड प्रदर्शनकारियों पर दक्षिणपंथियों का हमला, पुलिस ने नस्लवाद-विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया
इस हमले के बाद पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन को "दंगा" घोषित कर दिया और क़रीब 14 नस्लवाद-विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया।
पीपल्स डिस्पैच
24 Aug 2020
पोर्टलैंड प्रदर्शनकारियों

एक तरफ जहां पूरे यूएस में नस्लवाद और पुलिस हिंसा के ख़िलाफ़ विरोध तेज़ हो गया है वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया दमन और दक्षिणपंथी हमले जारी हैं। दक्षिणपंथी ट्रम्प समर्थक समूह प्राउड बॉयज़ द्वारा आयोजित एक जवाबी प्रदर्शन शनिवार 22 अगस्त की रात को हिंसक हो गया क्योंकि उन्होंने ओर्जियोन के पोर्टलैंड में नस्ल-विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

प्राउड बॉयज़ का नाम लिए बिना पुलिस ने कहा कि ये हिंसा पोर्टलैंड के डाउनटाउन में जस्टिस सेंटर के बाहर प्रदर्शनकारियों के "विरोधी समूहों" के बीच हुई झड़पों का परिणाम थी। लेकिन कई प्रदर्शनकारियों और प्रत्यक्षदर्शी के बयानों में कहा गया है कि प्राउड बॉयज़ ने शनिवार को कई जगहों पर झगड़े उकसाए।

इस जस्टिस सेंटर में विवादास्पद किशोर हिरासत केंद्र है और मई महीने से निरंतर रोज़ाना प्रदर्शनों का क्षेत्र बना हुआ है। लगभग तीन महीने के विरोध में निवासी और प्रदर्शनकारी इस सेंटर को बंद करने के लिए पूरज़ोर तरीक़े से मांग करते रहे हैं।

पुलिस ने रविवार को फिर से "दंगा" घोषित कर दिया जिसके बाद पोर्टलैंड में प्रदर्शनकारियों, स्थानीय लोगों और यहां तक कि मीडिया कर्मियों को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की। पुलिस आंसू गैस का इस्तेमाल करने या पत्रकारों पर हमला करने से इनकार किया है, लेकिन वहां मौजूद पत्रकारों ने इसे नकार दिया है। पुलिस ने अब तक 14 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया है जिनमें से ज़्यादातर नस्लवाद-विरोधी खेमे से हैं।

इस शहर में मई महीने में हुए पहले प्रदर्शन को दंगा घोषित करने क्रम में पुलिस ने इसे 19 वां "दंगा" घोषित किया है। पोर्टलैंड में रोज़ाना विरोध प्रदर्शन मई महीने में पुलिस की हत्याओं और नस्लवाद के ख़िलाफ़ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है जो जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से पनपा था।

डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा संघीय बलों की विवादास्पद तैनाती और उनके द्वारा ग़ैरक़ानूनी हिरासत की रिपोर्ट के बाद शहर का प्रदर्शन हाल ही में राष्ट्रीय सुर्खियों में था।

Portland
US
America
anti racism movememnt
Black Lives Matter
right wing groups
portland police

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • अमरीका ने दी तीसरी डोज़ को मंजूरी पर क्या यह जरुरी है ?
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमरीका ने दी तीसरी डोज़ को मंजूरी पर क्या यह जरुरी है ?
    18 Aug 2021
    एक तरफ जब अफ्रीका में केवल २.२ % लोगो को ही कोरोना वैक्सीन की दो खुराख़ मिली है, अमरीका में 50 % लोग पूरी तरह से वक्सीनेटेड हैं। अब अमरीका ने कुछ विशेष लोगो के लिए तीसरी डोज़ की भी मंजूरी दे दी है।…
  • DDA के पास दिल्ली के गांवों के विकास के लिए कोई योजना नहीं
    न्यूज़क्लिक टीम
    DDA के पास दिल्ली के गांवों के विकास के लिए कोई योजना नहीं
    18 Aug 2021
    दिल्ली मास्टर प्लान 2041 पर दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी डीडीए ने लोगों से अपने सुझाव देने को कहा है, पर क्या दिल्ली के गाँव में रहने वाले लोगों की राय इसमें शामिल होगी? क्योंकि इन गाँवो की बड़ी…
  • quit india
    एस एन साहू 
    अपने आदर्शों की ओर लौटने का आह्वान करती स्वतंत्रता आंदोलन की भावना
    18 Aug 2021
    स्वतंत्रता आंदोलन ने प्रेस की स्वतंत्रता और सबको साथ लेकर चलने के विचारों का समर्थन किया था और ये आदर्श भारत छोड़ो आंदोलन की विरासत हैं। ये इसलिए भी प्रासंगिक हैं क्योंकि भारत इस समय लोकतांत्रिक…
  • DUTA
    रौनक छाबड़ा
    केंद्रीय विश्वविद्यालयों में तदर्थ शिक्षकों की तादाद का सरकारी आंकड़ा “गुमराह” करने वाला
    18 Aug 2021
    डूटा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर दे कर कहा कि पिछले महीने लोक सभा में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के विपरीत मौजूदा समय में दिल्ली विश्वविद्यालय में लगभग 4500 तदर्थ शिक्षक…
  • anil deshmukh
    भाषा
    भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की अनिल देशमुख की याचिका ख़ारिज
    18 Aug 2021
    मामले में सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की गुहार लगाई थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License