NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अधिकार समूहों ने कनाडा से सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री रोकने को कहा
जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली सरकार ने अतीत में इसी तरह के आह्वान को बार-बार यह कहते हुए नज़रअंदाज़ किया है कि यमन में मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए उनके सैन्य सामग्रियों का "कोई बड़ा ख़तरा नहीं है"।
पीपल्स डिस्पैच
12 Aug 2021
अधिकार समूहों ने कनाडा से सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री रोकने को कहा

मानवाधिकार और युद्ध-विरोधी समूह, प्रोजेक्ट प्लॉशेयर्स और एमनेस्टी इंटरनेशनल कनाडा ने कनाडा की सरकार पर एक रिपोर्ट में सऊदी अरब को हथियार बेचकर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी मांग की कि कनाडा रियाद को हथियार बेचना बंद कर दे क्योंकि यमन में युद्ध में उनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के उल्लंघन में किया जा सकता है।

"नो क्रेडिबल एविडेंस: कनाडाज फ्लॉड एनालिसिस ऑफ आर्म्स एक्सपोर्ट्स टू सऊदी अरब" शीर्षक वाली रिपोर्ट बुधवार 11 अगस्त को प्रकाशित हुई।

इस रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब को हथियार बेचना जारी रखते हुए प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडा सरकार आर्म्स ट्रेड ट्रीटी (एटीटी) के तहत अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन कर रही है जिसका वह 2019 से सदस्य है।

एटीटी एक अंतरराष्ट्रीय हथियार नियंत्रण संधि है जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा मंजूर किया गया और कम से कम 110 देशों द्वारा हस्ताक्षरित और संशोधित किया गया है। संधि की मांग है कि इसके सभी हस्ताक्षरकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके द्वारा बेचे जाने वाले हथियारों का उपयोग मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए नहीं किया जाता है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पिछले छह वर्षों में ऐसे कई उदाहरण हैं जिनमें सऊदी अरब की कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों द्वारा मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन में पाया गया है।

सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन 2015 से यमन के खिलाफ युद्ध छेड़े हुए है जिसमें कम से कम 233,000 लोग मारे जा चुके हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस देश को आवश्यक खाद्य और दवा आपूर्ति से वंचित कर दिया है जिससे लाखों यमनवासी भुखमरी और कुपोषण के कगार पर पहुंच गए हैं।

अमेरिका के बाद कनाडा ऐसा दूसरा देश है जो सऊदी अरब को हथियार निर्यात करता है। 2020 में इसने रियाद को 1.05 बिलियन अमेरिकी डॉलर के हथियार बेचे। अमेरिका से इतर सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री दुनिया में कनाडा की कुल हथियारों की बिक्री का 67% है।

स्टीफन हार्पर के नेतृत्व वाली कनाडा की पिछली सरकार ने 2014 में सऊदी अरब को 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर के लाइट आर्मर्ड व्हिकल (एलएवी) की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने न केवल इस सौदे को मंजूरी दी है बल्कि इसका बचाव भी किया है।

canada
Saudi Arabia
Arms Trade Treaty
ATT

Related Stories

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

AUKUS के विश्वासघात के ख़िलाफ़ मैक्रोन का बदला

तुर्की-यूएई रिश्तों में सुपर ब्लूम के मायने क्या हैं?

पंजाब: अपने लिए राजनीतिक ज़मीन का दावा करतीं महिला किसान

ब्लिंकन के 'इंडो-अब्राहमिक समझौते' का हुआ खुलासा

जांच पर और सवाल करते हैं 9/11 मामले में एफबीआई के सार्वजनिक हुए दस्तावेज 


बाकी खबरें

  • अनिंदा डे
    मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी
    28 Apr 2022
    मरीन ले पेन को 2017 के चुनावों में मिले मतों में तीन मिलियन मत और जुड़ गए हैं, जो  दर्शाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद धुर-दक्षिणपंथी फिर से सत्ता के कितने क़रीब आ गए थे।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे
    28 Apr 2022
    महामारी के भयंकर प्रकोप के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर 100 दिन की 'कोविड ड्यूटी' पूरा करने वाले कर्मचारियों को 'पक्की नौकरी' की बात कही थी। आज के प्रदर्शन में मौजूद सभी कर्मचारियों…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज 3 हज़ार से भी ज्यादा नए मामले सामने आए 
    28 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,303 नए मामले सामने आए हैं | देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.04 फ़ीसदी यानी 16 हज़ार 980 हो गयी है।
  • aaj hi baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस
    28 Apr 2022
    न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में जरूरी हस्तक्षेप करे तो लोकतंत्र पर मंडराते गंभीर खतरों से देश और उसके संविधान को बचाना कठिन नही है. माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथित धर्म-संसदो के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान
    28 Apr 2022
    आजकल भारत की राजनीति में तीन ही विषय महत्वपूर्ण हैं, या कहें कि महत्वपूर्ण बना दिए गए हैं- जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र। रात-दिन इन्हीं की चर्चा है, प्राइम टाइम बहस है। इन तीनों पर ही मुकुल सरल ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License