NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मानवाधिकार संगठनों ने अफ़ग़ानिस्तान में जारी रक्तपात की निंदा की
मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वे ऐसे समय में अपनी पीठ न मोड़ें जब संघर्ष-ग्रस्त अफ़ग़ानिस्तान को उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।
पीपल्स डिस्पैच
12 May 2021
मानवाधिकार संगठनों ने अफ़ग़ानिस्तान में जारी रक्तपात की निंदा की

अफगानिस्तान इंडिपेंडेंट ह्यूमन राइट्स कमीशन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और एमनेस्टी इंटरनेशनल सहित कई संगठनों ने पश्चिम काबुल और ज़बुल प्रांत में हाल में हुए दो बम हमले की निंदा की है जिसमें कम से कम 80 लोग मारे गए और 150 से अधिक घायल हो गए। इन संगठनों ने कहा कि इस जानलेवा हमले से विश्व को जागृत होना चाहिए।

अफगानिस्तान में नागरिक एक ही समय में COVID-19 महामारी से उत्पन्न हेल्थ केयर संकट और राजनीतिक संघर्ष, जलवायु परिवर्तन का खामियाजा भुगत रहे हैं। पिछले साल संघर्ष में कम से कम 920 नागरिकों की जान चली गई थी। यूनाइटेड नेशन असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि 2021 के पहले तीन महीनों में अन्य 573 नागरिक मारे गए थे।

8 मई को पश्चिम काबुल के दश्त-ए-बारची क्षेत्र में एक विस्फोट में 60 से अधिक लोग मारे गए जिनमें से अधिकांश लड़कियां राष्ट्रीय राजधानी के सैयद उल-शुहादा स्कूल में पढ़ रही थीं। इस विस्फोट ने अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय को निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम 150 लोग घायल भी हुए।

काबुल जिले के दश्त-ए-बारची क्षेत्र में पहले भी ऐसे ही हमले हुए हैं। पिछले साल मई महीने में एक अस्पताल परिसर में घुसे बंदूकधारियों के एक समूह द्वारा अंधाधुंध गोलाबारी में कम से कम 24 लोग मारे गए थे।

एक अन्य विस्फोट दक्षिणी अफगानिस्तान में ज़बुल के शर-ए-सफा जिले में 9 मई की शाम को हुआ। तालिबान द्वारा कथित तौर सड़क किनारे रखे गए बम से एक यात्री बस के टकराने से कम से कम 11 नागरिक मारे गए और 30 अन्य घायल हो गए। 10 मई को पुल-ए-मुत्तक क्षेत्र के पास सड़क किनारे बम विस्फोट से परवन प्रांत में दो और नागरिक मारे गए।

लगभग चार दशकों की हिंसा में चार मिलियन से अधिक अफगान नागरिक आंतरिक रूप से विस्थापित लोग (इंटरनली डिस्प्लेस्ट पीपल) बन गए हैं। अमेरिकी आक्रमण के कारण यह संकट गहरा गया है। साल 2021 में, 2020 की शुरुआत में मानवीय सहायता की आवश्यकता वाले लोगों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई। यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमनिटैरियन अफेयर के अनुसार 2020 में 327,000 लोग विस्थापित हुए।

Afghanistan
bloodbath in afghanistan
Human Rights
global human rights

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा


बाकी खबरें

  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर में उपभोक्ता क़ानून सिर्फ़ काग़ज़ों में है 
    28 Mar 2022
    सैंकड़ों उपभोक्ताओं की शिकायतों का अभी तक कोई हल नहीं हुआ है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से एक भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। क़ानूनों को बड़ी तेज़ी से निरस्त और लागू किया जा रहा है, लेकिन…
  • सोनिया यादव
    'राइटिंग विद फायर’ को नहीं मिला ऑस्कर, लेकिन 'खबर लहरिया' ने दिल ज़रूर जीत लिया
    28 Mar 2022
    खबर लहरिया देश का अकेला ऐसा न्यूज़ नेटवर्क है जिसे सिर्फ़ महिलाएं चलाती हैं। यह महिलाएं दलित, मुस्लिम, आदिवासी और पिछड़ी माने जाने वाली जातियों से हैं, जिन्होंने पिछले 20 साल में सुदूर ग्रामीण इलाकों…
  • एम.ओबैद
    बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता
    28 Mar 2022
    देश भर में जारी ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय आम हड़ताल का व्यापक असर बिहार में भी देखने को मिला है। इस हड़ताल का सभी वर्गों ने समर्थन किया और इसमें शामिल हुए।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    संसद अपडेट: लोकसभा में मतविभाजन के जरिये ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक’ पेश, राज्यसभा में उठा महंगाई का मुद्दा
    28 Mar 2022
    लोकसभा में सोमवार को ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022’ और संविधान (अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक पेश किया गया।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    ऑस्कर 2022: स्मिथ और जेसिका सर्वश्रेष्ठ अभिनेता व अभिनेत्री, ‘ड्राइव माय कार’ सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म
    28 Mar 2022
    सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर के लिए ‘एनकैंटो’ ने ऑस्कर जीता जबकि भारतीय वृत्तचित्र ‘राइटिंग विद फायर’ को ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र की श्रेणी में ‘समर ऑफ सोल’ ने मात दे दी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License