NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भीमा कोरेगांव मामलें में आरोपी रोना विल्सन के पिता की मौत
भीमा कोरेगांव हिंसा मामलें में आरोपी मानवाधिकार कार्यकर्त्ता रोना विल्सन के पिता की मृत्यु हो गयी है। वो अंतिम समय में  पिता के साथ नहीं रह सके, उन्होंने अपनी जमानत के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Aug 2021
भीमा कोरेगांव मामलें में आरोपी रोना विल्सन के पिता की मौत

बीते कल यानी 18 अगस्त की रात में मानवाधिकार कार्यकर्त्ता और भीमा कोरेगांव हिंसा मामलें में आरोपी रोना विल्सन के पिता की मृत्यु हो गयी है। वो अंतिम समय में  पिता के साथ नहीं रह सके। हालांकि उन्होंने इस दौरान अपनी ज़मानत के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। 50 वर्षीय विल्सन को पुणे पुलिस ने अप्रैल 2018 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत  गिरफ्तार किया था।

जिस मामले में विल्सन जेल में बंद है उसमें हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि सामाजिक कार्यकर्ताओ को फ़साने की साज़िश हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरिका स्थित एक डिजिटल फोरेंसिक फर्म ने पाया है कि भीमा कोरेगांव मामले की जांच कर रही पुलिस द्वारा एक्टिविस्ट रोना विल्सन के एक लैपटॉप में मालवेयर का इस्तेमाल करते हुए "भड़काऊ" सबूत डाले गए थे। साथ ही हाल-फिलहाल में लीक हुए पेगासस के द्वारा जासूसी की लिस्ट में इनका भी फ़ोन नंबर था।

विल्सन रोना, जून, 2018 से जेल में बंद हैं, इस दौरान उन्होंने कई बार जमानत याचिका दाखिल की, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली। उनके पिता अपने अंतिम समय में अपने पुत्र से मिल भी नहीं सके। इसी मामलें में गिरफ़्तार फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में ही मौत हो गई।  

आपको बता दें कि इसी मामले में देश के कई बुद्धजीवियों, पत्रकारों, लेखकों सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी हुई है। हालांकि, किसी भी मामले में पुलिस कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है। इसमें आनन्द तेलतुम्बड़े के अतिरिक्त, सुधा भारद्वाज, सोमा सेन, अरुण फरेरा, वेरनॉन गोंजाल्विस, सुधीर धावले, वरवरा राव, रोना विल्सन, गौतम नवलखा, जैसे बुद्धिजीवी भी शामिल हैं। जबकि स्वर्गीय फादर स्टेन स्वामी भी इस मामले में शामिल थे।  यह सभी, आम लोगों के सम्मानपूर्वक जीने के हक के पक्ष में, कोर्ट से लेकर सड़क तक संघर्षशील रहे हैं। ये लोग स्वास्थ्य-शिक्षा मुफ्त मिले, इसके लिए निजीकरण का विरोध करते रहे हैं और उन आदिवासियों के साथ खड़े हुए जिनकी जीविका के संसाधन को छीनकर पूंजीपतियों के हवाले किया जाता रहा है। इसलिए ये लोग शासक वर्ग के आंखों के किरकिरी बने हुए थे।

सुधा भरद्वाज, सोमा सेन, अरुण फरेरा, वेरनॉन गोंजाल्विस, फादर स्टेन स्वामी, सुधीर धावले, वरवरा राव, रोना विल्सन भीमा कोरेंगांव केस में जून और सितम्बर, 2018 से ही महाराष्ट्र के जेलों में बंद हैं। जबकि उस केस के असली गुनाहगार संभाजी भिंडे और मिलिन्द एकबोटे बाहर हैं।

महाराष्ट्र में सरकार बदलने के बाद केन्द्र सरकार ने इस केस को एनआईए के हाथों में सुपुर्द कर दिया था। 18 माह बाद लम्बी कानूनी प्रक्रिया झेलने के बाद 14 अप्रैल 2020, को गौतम नवलखा और आनन्द तेलतुम्बड़े को एनआईए के समक्ष आत्मसमर्पण करना पड़ा। तब से ही ये दोनों भी जेल में हैं।

Rona Wilson
Father of Rona Wilson
Bhima Koregaon Case

Related Stories

मैंने बम नहीं बाँटा था : वरवरा राव

एल्गार परिषद मामला : कोर्ट ने कहा वरवरा राव को 18 नवंबर तक सरेंडर करने की ज़रूरत नहीं

'नये भारत' को नफ़रती भीड़तंत्र क्यों बना रहे हैं, मोदी जी!

बात बोलेगी: संस्थागत हत्या है फादर स्टेन स्वामी की मौत

अंत तक नहीं मिली ज़मानत: आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी का निधन

अदालत ने अस्पताल से हनी बाबू को एक जून तक छुट्टी नहीं देने को कहा, उनके स्वास्थ्य पर रिपोर्ट मांगी

हनी बाबू की चिकित्सकीय सहायता के अनुरोध वाली याचिका पर अदालत ने अस्पताल के डीन को किया तलब

एल्गार मामला : परिजनों ने मुख्यमंत्री से की कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग

गौतम नवलखा की ज़मानत अर्ज़ी ख़ारिज, पंचायत चुनाव में मरे लोगों को 1 करोड़ मुआवज़ा और अन्य ख़बरें

एल्गार मामला: अदालत ने रोना विल्सन, शोमा सेन की याचिकाओं पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा


बाकी खबरें

  • देश के 14 राज्यों में ओमिक्रॉन फैला, अब तक 220 लोग संक्रमित
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश के 14 राज्यों में ओमिक्रॉन फैला, अब तक 220 लोग संक्रमित
    22 Dec 2021
    देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है | देश के दो ओर नए राज्य ओडिशा और जम्मू कश्मीर में ओमिक्रॉन के मामले सामने आए है।
  • शुक्रवार की नमाज़ के विवाद में आरएसएस की भूमिका, विपक्षी दलों की चुप्पी पर पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब के विचार
    एजाज़ अशरफ़
    शुक्रवार की नमाज़ के विवाद में आरएसएस की भूमिका, विपक्षी दलों की चुप्पी पर पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब के विचार
    22 Dec 2021
    अदीब का कहना है कि उन्होंने जिन 18 पार्टियों से संपर्क साधा था,उनमें से महज़ तीन पार्टियों ने गुरुग्राम में शुक्रवार की प्रार्थना के मुद्दे पर समर्थन के सिलसिले में उनके आह्वान का जवाब दिया। उनकी यह…
  • covid
    डी रघुनंदन
    क्या बूस्टर खुराक पर चर्चा वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमज़ोर कर रही है?
    22 Dec 2021
    विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार इसे रेखांकित करता आया है कि बूस्टर टीकों की दौड़, वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमजोर कर रही है और वास्तव में महामारी की काट किए जाने को भी नुकसान पहुंचा रही है।…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    SSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन, संसद में विपक्षी सांसदों का विरोध मार्च और अन्य ख़बरें
    21 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी SSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन, संसद में विपक्षी सांसदों का विरोध और अन्य ख़बरों पर।
  • bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बरः गुप्त मतदान और लोकतंत्र पर हमला है आधार को वोटर i-card से जोड़ने वाला क़ानून
    21 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि किस तरह से बिना पर्याप्त चर्चा के मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने वाला कानून संसद से पारित कराना भारतीय लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणा -गुप्त मतदान…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License