NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Mar 2022
skm

संयुक्त किसान मोर्चा(एसकेएम) ने अपने राष्ट्रव्यापी अभियान का अगला दौर शुरू करने की घोषणा कर दी है। सोमवार को दिल्ली में गांधी शांति प्रतिष्ठान में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े सभी संगठनों की बैठक हुई। एसकेएम की कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा बुलाई गई इस राष्ट्रीय बैठक में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, आसाम, त्रिपुरा, उड़ीसा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

इसमें सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की कानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस सप्ताह के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े सभी घटक संगठन सभी किसानों को अपने सभी कृषि उत्पाद पर स्वामीनाथन कमीशन द्वारा निर्धारित (C2+50%) न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग उठाते हुए धरना, प्रदर्शन, गोष्ठी का आयोजन करेंगे।

इस बैठक में लखीमपुर खीरी कांड में चल रही कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा कर इस बात पर भी चिंता जताई गई पुलिस प्रशासन और अभियोक्ता सब मिलकर अपराधियों को बचाने और बेकसूर किसानों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। मीटिंग में कहा गया कि "यह आश्चर्य का विषय है कि इतने संगीन मामले में केंद्रीय मंत्री के बेटे को इतनी जल्दी जमानत मिल गई जबकि इसी मामले में फंसाए गए किसान अभी भी जेल में बंद हैं। संयुक्त किसान मोर्चा इस खबर से क्षुब्ध है की मोनू मिश्रा के बाहर निकलने के बाद इस मामले के एक प्रमुख गवाह पर हमला किया गया है। मोर्चे ने तय किया कि इस मामले में कानूनी लड़ाई में कोई ढील नहीं बरती जाएगी और मोर्चे की तरफ से किसानों के परिवारों को पूरी कानूनी मदद दी जाएगी।"

मोर्चे ने भारत सरकार द्वारा 9 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा को दिए लिखित आश्वासनों की समीक्षा की और यह पाया कि 3 महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने अपने प्रमुख आश्वासनों पर कुछ भी नहीं किया है। एमएसपी पर जो कमेटी बनाने का आश्वासन था उसका नामोनिशान भी नहीं है। हरियाणा को छोड़कर अन्य राज्यों में किसानों के विरुद्ध आंदोलन के दौरान बने केस वापस नहीं लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कुछ केसों को आंशिक रूप से वापस लेने की बात कही है लेकिन उसकी भी कोई ठोस सूचना नहीं है। देशभर में रेल रोको की केसों के बारे में भी कुछ नही हुआ है।

लखीमपुर खीरी कांड पर सरकार की भूमिका और किसान आंदोलन को दिए आश्वासनों पर वादाखिलाफी के मुद्दे को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने 21 मार्च को देशभर में रोष प्रदर्शन आयोजित करने का भी निर्णय लिया है।

मोर्चे ने फिर दोहराया कि 28 और 29 मार्च को ट्रेड यूनियन द्वारा भारत बंद के आह्वान का संयुक्त किसान मोर्चा समर्थन करता है और देश भर में किसान उसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी करेंगे।

SKM
Samyukt Kisan Morcha
Nationwide Protest
MSP
MSP Farmers

Related Stories

क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

"जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए


बाकी खबरें

  • डीयू: फीस में राहत की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी, प्रशासन का अड़ियल रवैया!
    सोनिया यादव
    डीयू: फीस में राहत की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी, प्रशासन का अड़ियल रवैया!
    23 Jul 2021
    कोरोना महामारी से त्रस्त छात्र नॉन-ट्यूशन फीस में कुछ समय के लिए प्रशासन से राहत की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बीते साल कोविड-19 के चलते जिन संसाधनों और सुविधाओं का उन्होंने इस्तेमाल ही…
  • झारखण्ड : आंदोलनकारियों की हत्या, दमन के ख़िलाफ़ संयुक्त जन अभियान : एके राय - चारु मजुमदार संकल्प सप्ताह की शुरुआत 
    अनिल अंशुमन
    झारखण्ड : आंदोलनकारियों की हत्या, दमन के ख़िलाफ़ संयुक्त जन अभियान : एके राय - चारु मजुमदार संकल्प सप्ताह की शुरुआत 
    23 Jul 2021
    ‘आन्दोलनकारियों की ह्त्या-दमन पर रोक लगाओ तथा कृषि एवं सार्वजनिक क्षेत्रों पर कॉरपोरेट के क़ब्ज़े पर लगाम लगाओ’ के केन्द्रीय मुद्दे के तहत कोरोना जन संहार की जिम्मेदार मोदी सरकार के खिलाफ साझा संघर्ष…
  • पेगाससगेट : हम सभी फ़िलीस्तीनियों की तरह स्वतंत्र इच्छा से वंचित हो सकते हैं
    एजाज़ अशरफ़
    पेगाससगेट : हम सभी फ़िलीस्तीनियों की तरह स्वतंत्र इच्छा से वंचित हो सकते हैं
    23 Jul 2021
    यह सिर्फ राहुल गांधी, ममता बनर्जी, प्रशांत किशोर या पत्रकारों को फोन के माध्यम से ट्रैक किए जाने का मसला नहीं है। बल्कि चिंता इस बात की है कि दुनिया भर में कोई भी स्पाइवेयर की जासूसी/निगरानी से…
  • किसानों ने शुरू की ‘किसान संसद’, दैनिक भास्कर पर आईटी के छापे और अन्य ख़बरें
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों ने शुरू की ‘किसान संसद’, दैनिक भास्कर पर आईटी के छापे और अन्य ख़बरें
    22 Jul 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी किसान संसद, दैनिक भास्कर पर आईटी के छापे और अन्य ख़बरों पर।
  • गोपनीय जांच में वन्यजीवों की क्रूर हत्या-प्रतियोगिताओं का पर्दाफाश
    कैटी स्टेन्नस
    गोपनीय जांच में वन्यजीवों की क्रूर हत्या-प्रतियोगिताओं का पर्दाफाश
    22 Jul 2021
    पारिवारिक समारोहों में वन्यजीवों के मारे जाने की प्रतियोगिताओं में आपका स्वागत है, जहां मारे गए जानवरों के शवों के बीच बच्चे खेलते हैं-और जो अमेरिका के 42 राज्यों में वैध हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License