NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
नोएडा में भूख हड़ताल पर बैठे सफ़ाईकर्मी गिरफ़्तार
पुलिस ने अखिल भारतीय सफ़ाई मजदूर कांग्रेस के शाखा अध्यक्ष बबलू पारचा, संजय धीमान, सचिन जीनवाल, विक्रम मकवाना, विकास व राजू को गिरफ़्तार कर लिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Sep 2020
नोएडा में भूख हड़ताल पर बैठे सफ़ाईकर्मी गिरफ़्तार

नोएडा: नोएडा प्राधिकरण में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने, मोबाइल ऐप से हाजिरी ना लगाने तथा बोनस आदि मांगों को ले कर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे सफ़ाई कर्मियों को पुलिस ने शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।

अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर- 20 पुलिस ने आज सुबह अखिल भारतीय सफ़ाई मजदूर कांग्रेस के शाखा अध्यक्ष बबलू पारचा, संजय धीमान, सचिन जीनवाल, विक्रम मकवाना, विकास व राजू को गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने बताया कि जिले में धारा 144 लगी हुई है, जिसका यह लोग उल्लंघन कर रहे थे। इसी के तहत इनकी गिरफ्तारी की गई है।

आपको बता दें कि सेक्टर 6 स्थित नोएडा अथॉरिटी के दफ़्तर पर 2 सितंबर से संविदा कर्मचारियों का धरना चल रहा है। इनमें से कुछ कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। जिन्हें अब गिरफ़्तार कर लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि सफ़ाई कर्मियें की मांगों पर सुनवाई की जगह कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। इसलिए भी कर्मचारियों में गुस्सा है। कर्मचारियों के मुताबिक ठेकेदारों ने 11 सफ़ाईकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया है और सेक्टर-20 थाने में सफ़ाईकर्मियों के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज कराए गए हैं, जिससे सभी कर्मचारी आहत महसूस कर रहे हैं।

आपको बता दें कि इस बीच एक सफ़ाईकर्मी अनिल कुमार ने बुधवार रात अपने गांव मोरना स्थित निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या भी कर ली। इससे कर्मचारी बेहद गुस्से में हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अथॉरिटी से नौकरी से निकाले जाने का नोटिस मिलने के बाद अनिल ने यह कदम उठाया।  

उधर जैसा कि इन मामलों में होता है, अथॉरिटी ने अनिल को अपना कर्मचारी मानने से इंकार कर दिया। समाचार पत्र हिन्दुस्तान के मुताबिक प्राधिकरण के वरिष्ठ परियोजना अभियंता जनस्वास्थ्य एससी मिश्रा की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि अनिल प्राधिकरण का नहीं मैकेनिकल स्वैपिंग कंपनी मैसर्स चेन्नई एमएसडब्ल्यू का कर्मचारी था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Sanitation Workers Noida
Uttar Pradesh Protest
Noida Authority
Equal Pay for Equal Work
COVID-19
Corona warriors

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक


बाकी खबरें

  • इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को पिछले साल इज़रायली सैनिकों द्वारा मारे गए फ़िलिस्तीनियों के शवों को अपने पास रखने की अनुमति दी
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को पिछले साल इज़रायली सैनिकों द्वारा मारे गए फ़िलिस्तीनियों के शवों को अपने पास रखने की अनुमति दी
    20 Aug 2021
    अहमद एरेकत के शरीर को ज़ब्त कर लिया गया है और इज़रायली अधिकारियों द्वारा उनके परिवार से एक साल से अधिक समय से दूर रखा जा रहा है, जिससे उनका परिवार उनका अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहा है।
  • अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर गोलाबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर गोलाबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत
    20 Aug 2021
    अफ़ग़ानिस्तान में भुखमरी के ख़तरे की ख़बरों के बीच आईएमएफ़ ने सरकार पर स्पष्टता न होने की वजह देश की संसाधनों तक पहुंच को भी रोक दिया है।
  • प्रगतिशीलों ने डेनमार्क सरकार से मानवीय हस्तक्षेप कर नर्स हड़ताल को ख़त्म करने की मांग की
    पीपल्स डिस्पैच
    प्रगतिशीलों ने डेनमार्क सरकार से मानवीय हस्तक्षेप कर नर्स हड़ताल को ख़त्म करने की मांग की
    20 Aug 2021
    वेतन बढ़ाने और वेतन की ग़ैर-बराबरी को ख़त्म करने की मांग के साथ चल रही नर्स की हड़ताल 62 दिन से जारी है, यह डेनमार्क की नर्सों की सबसे बड़ी हड़ताल बन गई है।
  • वीडियो: शोधकर्ताओं ने दर्शाया चूहों में कोविड-19 का संक्रमण और उससे लड़ती एंटीबाडीज़
    संदीपन तालुकदार
    वीडियो: शोधकर्ताओं ने दर्शाया चूहों में कोविड-19 का संक्रमण और उससे लड़ती एंटीबाडीज़
    20 Aug 2021
    चित्र में वायरस के प्रसार को दर्ज किया गया है, जिसके चलते चूहे के श्वसन मार्ग को क्षति पहुंची है। यह इस तथ्य को भी दर्ज करने में सफल रहा है कि कैसे एंटीबाडीज वायरस के प्रसार पर रोक लगाने में कारगर…
  • क्यों अफ़ग़ानिस्तान संकट शरणार्थी क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करता है
    जय मनोज संकलेचा
    क्यों अफ़ग़ानिस्तान संकट शरणार्थी क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करता है
    20 Aug 2021
    शरणार्थियों को भारत में शरण देने के मामले में क़ानून की कमी खल रही है और पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान में राजनीतिक संकट के कारण भाग रहे शरणार्थियों को समर्थन देना भारत की नैतिक अनिवार्यता बन गई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License