NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जज़्बे को सलाम : 111 साल की कलीतारा मंडल ने पूरे उत्साह से डाला वोट
‘‘मुझे इस चुनाव में मतदान करके खुशी हो रही है। मुझे याद नहीं है कि मैंने कितने चुनावों में भाग लिया है, लेकिन जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें वोट जरूर डालना चाहिए। मैं अन्य लोगों से भी घरों से निकलने और वोट डालने की अपील करती हूं।’’
भाषा
08 Feb 2020
Mandal
फोटो साभार

दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालने के बाद राजधानी की सबसे उम्रदराज महिला मतदाता कलीतारा मंडल ने शनिवार को सभी से घरों से बाहर निकलने और पूरे उत्साह के साथ वोट डालने की अपील की।

बेटे, पोते और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सीआर पार्क स्थित मतदान केन्द्र पर पहुंचीं 111 साल की मंडल ने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद बड़े गर्व से अपनी स्याही लगी उंगली फोटाग्राफर्स के सामने कर दी।

उन्होंने ‘पीटीआई...भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे इस चुनाव में मतदान करके खुशी हो रही है। मुझे याद नहीं है कि मैंने कितने चुनावों में भाग लिया है, लेकिन जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें वोट जरूर डालना चाहिए। मैं अन्य लोगों से भी घरों से निकलने और वोट डालने की अपील करती हूं।’’
अविभाजित भारत के बारीसाल (अब बांग्लादेश में है) में 1908 में जन्मीं मंडल ने उपमहाद्वीप को कई बुरे दौरे से गुजरते हुए देखा हैं उन्होंने 1947 का भारत-पाकिस्तान और 1971 का पाकिस्तान-बांग्लादेश विभाजन भी देखा है। राष्ट्रीय राजधानी में बसने से पहले उन्हें अपने परिवार के साथ दो बार शरणार्थी बनकर भी रहना पड़ा है।

राजधानी में 100 से ज्यादा आयु वाले मतदाताओं की संख्या करीब 150 है।

भारत के करीब-करीब सभी चुनाव देखने और उनमें हिस्सा लेने वाली मंडल को मतपत्र और मतपेटियों वाले दिन बखूबी याद हैं।

वह कहती हैं, ‘‘हां, मुझे याद है। वे लोग (मतदान अधिकारी) मेरे अंगूठे का निशान लेते और फिर मतपत्र को मोड़कर पेटी में डाला जाता। मैंने बड़ी मशीनों (ईवीएम) पर भी मतदान किया है।’’

मंडल को सीआर पार्क में के. ब्लॉक स्थित उनके आवास से मतदान केन्द्र तक लेकर आने वाले सहायक मतदान अधिकारी हरीश कुमार ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि यह काम सौंपा गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस उम्र में भी वह आयीं और वोट डाला। इससे हम सभी भारतीयों को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने की प्रेरणा मिलनी चाहिए।’’

कुमार ने बताया कि यहीं पास में ग्रेटर कैलाश में भी एक इतने ही उम्रदराज व्यक्ति रहते हैं। 

दिल्ली विधानसभा की सभी 70 सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है। मतगणना 11 फरवरी को होगी। 

Delhi Election 2020
Kalitara Mandal
111 Years Old lady
Right to Vote
EVM

Related Stories

2 सालों में 19 लाख ईवीएम गायब! कब जवाब देगा चुनाव आयोग?

यूपी चुनाव: रुझानों में कौन कितना आगे?

अब तृणमूल नेता के घर वीवीपैट और ईवीएम मिली, चुनाव अधिकारी निलंबित

बिहार विधानसभा: चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन पर उठे सवाल

वसंत, वैलेंटाइन, दिल्ली चुनाव और तुम प्रिये!

दिल्ली के नतीजों के बारे में कुछ मिथक...और कुछ रोचक तथ्य

क्यों दिल्ली को दांडी मार्च जैसे आंदोलन की ज़रूरत है

घरेलू गैस की कीमतें बढ़ी, विपक्ष ने कहा-जनता की जेब पर लगा करंट

कई ‘किंतु-परंतु’ से बीजेपी की हार ढंकने की कोशिश, आप की जीत में भी कई ‘लेकिन’

कार्टून क्लिक : यहां नफ़रत की राजनीति का प्रवेश निषेध है!


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License