NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के ख़िलाफ़ संजुक्त मोर्चा ने कोलकाता में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया 
सेंट्रल कोलकाता के एनटल्ली बाजार से इस मार्च को निकाला गया और महाजाति सदन में जाकर इसका समापन हुआ।
संदीप चक्रवर्ती
08 Mar 2021
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के ख़िलाफ़ संजुक्त मोर्चा ने कोलकाता में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया 

कोलकाता: देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के विरोध में रविवार, 7 मार्च के दिन हजारों की संख्या में संजुक्त मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता की सड़कों पर अपना विरोध प्रदर्शन निकाला। 

सेंट्रल कोलकाता के एनटल्ली बाजार से इस मार्च की शुरुआत कर महाजाति सदन में पहुँचकर इसका समापन किया गया। इस मार्च में वाम मोर्चे के चेयरमैन बिमान बासु, सदन में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान, सीपीआई(एम) पोलितब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम, कांग्रेस नेता शुभंकर सरकार, सीपीआई(एम) के एलएलपी नेता सुजान चक्रवर्ती, एमएफबी नेता जयहिंद सिंह, और आरसीपीआई नेता मिहिर बाइन सहित अन्य लोग शामिल थे।

विरोध प्रदर्शन के एक हिस्से के तौर पर गैस सिलिंडर की एक विशालकाय प्रतिकृति के साथ इस मार्च को निकाला गया। प्रदर्शन के बाद बिमान बासु ने समाचार संवावदाताओं को बताया कि मोदी की ब्रिगेड रैली से पहले ही शहर में विरोध की घंटी बज चुकी है। बासु ने कहा “उन्होंने (पीएम) अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है। उन्होंने 14 करोड़ नौकरियां देने की बात की थी, लेकिन वास्तविकता में दो करोड़ लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है।” 

उन्होंने इस ओर भी इशारा किया कि 2014 में जब मोदी सत्ता में आये थे, उस दौरान पेट्रोल की कीमत 66 रूपये प्रति लीटर थी, और आज अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत में गिरावट होने के बावजूद भारतीय बाजार में इसकी कीमत बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि “2014 में डीजल की कीमत 48 रूपये प्रति लीटर थी, और अब यह तकरीबन 90 रूपये के आसपास पहुँच चुकी है।” खाना पकाने वाली गैस की कीमत करीब 1,000 रूपये प्रति सिलिंडर के आसपास पहुंचकर अभूतपूर्व ऊँचाईयों को छू रही है।“

उन्होंने ब्रिगेड परेड ग्राउंड में वातानुकूलित टेंट के निर्माण को लेकर भी भाजपा पर कटाक्ष किया।

अपनी उम्मीदवारी की घोषणा होने के 24 घंटों के भीतर ही सुशांत घोष (सालबोनी), मधुजा सेन रॉय (झारग्राम), पुलिन बिहारी बास्के (केशिअरी) जैसे संजुक्त मोर्चा के उम्मीदवारों ने रोड रैलियां निकालकर अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है।

टीएमसी में दल-बदलुओं की सूची में दिनोंदिन बढ़ोत्तरी

तृणमूल कांग्रेस के दल-बदलुओं की सूची लगातार लंबी ही होती जा रही है। सीएम की करीबी सहयोगी और विधानसभा उपाध्यक्ष सोनाली गुहा ने भी अपना इस्तीफ़ा दे दिया है, और वे भाजपा में शामिल होने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। करीब-करीब 17 विधानसभा क्षेत्रों में, फिल्म निर्माता राज चक्रवर्ती और पूर्व फुटबाल खिलाड़ी बिदेश बासु सहित नव घोषित उम्मीदवारों को स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वहीँ दूसरी ओर भाजपा अपने ‘दलबदलूओं का स्वागत है’ वाली पालिसी के कारण टीएमसी नेताओं के लिए एक स्वाभाविक गंतव्य स्थली बनी हुई है। टीएमसी को एक और झटका देते हुए, शनिवार के दिन पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में बीजेपी का दामन थाम लिया था। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

Sanjukta Morcha Protests Against Hike in Petrol Prices in Kolkata

West Bengal Polls
BJP
TMC
Left Front
mamata banerjee
CPI-M
TMC defectors
Sanjukta Morcha
Bengal Assembly Elections
Brigade Parade Ground
kolkata

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • toilet shortage
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सरकार ने बताया, 38 हजार स्कूलों में शौचालयों की सुविधा नहीं
    06 Dec 2021
    देश में 2014 से स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है लेकिन 2021 में सरकार राज्यसभा में बता रही है कि देश भर में 38,408 स्कूलों और 2,86,310 आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय चालू स्थिति में नहीं हैं।
  • Neiphiu Rio
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नागालैंड की घटना पर सीएम रियो ने कहा, 'आफ़्स्पा कठोर है, इसे हटाना ज़रूरी!'
    06 Dec 2021
    मोन ज़िले के ओटिंग में सुरक्षा बलों की फ़ायरिंग में 14 नागरिकों की मौत के बाद से राज्य में ग़ुस्सा है।
  • RML
    भाषा
    तीन केंद्रीय अस्पतालों के रेजिडेंट चिकित्सकों ने सोमवार से नियमित, आपात सेवाओं का किया बहिष्कार
    06 Dec 2021
    रेजिडेंट चिकित्सकों ने नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग में देरी को लेकर एफओआरडीए द्वारा आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार से सभी नियमित और आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार किया।
  • Pendant
    संदीपन तालुकदार
    पोलैंड में मिला पेंडेंट मानव द्वारा बनाया सबसे पुराना जीवित आभूषण हो सकता है
    06 Dec 2021
    कार्बन डेटिंग ने स्थापित किया है कि पेंडेंट इसी तरह से सजाए गए और अन्य साइटों में पाए जाने वाली कलाकृतियों से हज़ारों साल पुराना है।
  • US amazon
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों अमेज़न अमेरिकी श्रमिकों के यूनियन बनने से भयभीत है
    06 Dec 2021
    एक ऐसे दौर में जब श्रमिकों के बीच में असंतोष बढ़ता जा रहा हो, अपने अल्बामा वेयरहाउस में दूसरी दफा यूनियन के लिए मतदान के फैसले से अमेज़न निश्चित रूप से चिंतित है कि कहीं अमेरिकी श्रमिक भी यूरोप की तरह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License