NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
संगीत
भारत
संतूर के शहंशाह पंडित शिवकुमार शर्मा का मुंबई में निधन
पंडित शिवकुमार शर्मा 13 वर्ष की उम्र में ही संतूर बजाना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय गायिका थीं जो बनारस घराने से संबंध रखती थीं।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
10 May 2022
Pandit Shivkumar Sharma

उत्तर प्रदेश के बनारस के संगीत घराने से जुड़े रहे प्राख्‍यात संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का कार्डियक अरेस्ट के कारण मुंबई में निधन हो गया। 84 वर्षीय शर्मा को काफी दिनों से किडनी की समस्या थी, जिसके चलते उनकी डायलिसिस चल रही था। उनके निधन से न सिर्फ संगीत जगत, बल्कि देश भर में शोक का माहौल है। संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा बनारस में कई आयोजनों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।

संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा मूलतः जम्मू के थे, लेकिन उनका बनारस से उनका गहरा नाता था। वह बनारस घराने के विख्यात फनकार थे। इनके पिता पंडित  उमादत्त शर्मा बड़े रामदास जी के शिष्य थे, जिन्होंने पंडित शिवकुमार शर्मा को वादन और गायन की शुरुआती दीक्षा और शिक्षा दी थी। गुरु-शिष्य परंपरा का आदर करने वाले पं. शिवकुमार मंच ऐलानिया तौर पर कहा करते थे कि वह बनारस घराने के कलाकार हैं। बनारस की माटी में उन्होंने संगीत सीखी और दुनिया भर में गाया-बजाया। पंडित शिवकुमार शर्मा ने जाकिर हुसैन और हरिप्रसाद चौरसिया के साथ भी काम किया था। उन्होंने हिंदी फिल्मों जैसे ‘सिलसिला’, लम्हे आदि के लिए संगीत भी बनाया। उनके कुछ प्रसिद्ध एल्बमों में कॉल ऑफ द वैली, संप्रदाय, एलीमेंट्स: जल, संगीत की पर्वत, मेघ मल्हार, आदि हैं। पंडित शिवकुमार शर्मा 13 वर्ष की उम्र में ही संतूर बजाना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय गायिका थीं जो बनारस घराने से संबंध रखती थीं।

पंडित शिवकुमार बनारस की गंगा महोत्सव में अपना संतूर बजाते थे तो महफिल लूट लेते थे। काशी से पैतृक संबंध का हवाला देते कहा करते थे कि उन्हें बनारस से बेहद लगाव है। सिर्फ संगीत सीख लेने से कोई बनारसी नहीं होता। बनारसी होने के लिए संगीत में डूबना पड़ता है। बनारस का संगीत केवल आनंद नहीं, अध्यात्म है, इसे महसूस किया जा सकता है। बाबा की नगरी यह खूब जानती है। गंगा महोत्सव के अलावा वह कई बार संकटमोचन संगीत समारोह में भी अपने संतूर का परचम लहरा चुके हैं। इस समारोह के लिए उन्हें जब बुलावा गया, बिना किसी औपचारिकता का इंतजार किए इस तरह चले आए जैसे अपने घर आ रहे हों। उनका इस तरह दुनिया से चला जाना बनारस को अखर गया।

पं. शिवकुमार शर्मा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है और कहा है कि पंडितजी के निधन से हमारी सांस्कृतिक दुनिया को भारी क्षति पहुंची है। उन्होंने संतूर को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर पंडितजी के निधन पर शोक जताया है।

बनारस घराने के शास्त्रीय गायक पद्मभूषण पं. साजन मिश्र कहते हैं कि बनारस घराने का एक और सितारा विराम में चला गया। हमारी महान भारतीय शास्त्रीय संगीत परंपरा का एक सुरीला तार टूट गया। मेरे लिए वह बड़े भाई जैसे थे। खुद को बनारस घराने का ही मानते थे। उनका आशीर्वाद-स्नेह हमेशा मिलता रहा। पं. शिवकुमारजी पहले फनकार थे जिन्होंने कश्मीरी वाद्य को देश ही नहीं विदेश तक भारतीय शास्त्रीय संगीत में ऊंचाई दी। इससे लोग आकर्षित हुए और संतूर वादन की ओर रूझान बढ़ा। जब भी उन्हें बनारस से बुलावा जाता उत्साह से आते। ऐसे विरले लोग सैकड़ों साल में दुनिया में आते हैं।

Pandit Shivkumar Sharma
Santoor
Santoor maestro Pandit Shivkumar

Related Stories


बाकी खबरें

  • Lucknow university
    असद शेख़
    कैंपस से: यूपी के छात्रों के क्या हैं मुद्दे, किसे देंगे अपना वोट?
    17 Jan 2022
    स्वतंत्र युवा पत्रकार असद शेख़ ने न्यूज़क्लिक के लिए उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं से उनके मुद्दों और विधानसभा चुनाव के बारे में बात की।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में लगातार चौथे दिन ढाई लाख से ज़्यादा नए मामले
    17 Jan 2022
    स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज सोमवार, 17 जनवरी को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में लगातार चौथे दिन भी कोरोना के ढाई लाख से ज़्यादा यानी 2,58,089 नए मामले सामने आए हैं।
  • akhilesh and yogi
    सुबोध वर्मा
    क्या यूपी सरकार से भाजपा के बाहर होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है?
    17 Jan 2022
    सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन, जिसके खाते में 403 में से 326 सीटें आई थीं, वह आगामी चुनाव हार सकता है – जोकि पूरी तरह से संभव है यदि सपा गठबंधन के पक्ष में 4-5 प्रतिशत वोटों की बढ़ोतरी का रुझान होता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब : मुख्यमंत्री चेहरों की घोषणा इतनी मुश्किल क्यों ?
    16 Jan 2022
    पंजाब की जनता क्या चाहती है? इस 2022 विधान सभा चुनावों में एक तरफ आम आदमी पार्टी की तेज़ पकड़ है और दूसरी तरफ़ बीजेपी और कांग्रेस अपने दांव अलग खेल रही है। देखिये वरिष्ठ पत्रकार नीलू व्यास का पंजाब…
  • Bulli Bai', 'Sully Deals
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्ली बाई और सुल्ली डील जैसे ऐप्स क्या दर्शाते हैं?
    16 Jan 2022
    बुल्ली बाई और सुल्ली डील जैसे ऐप्स के आने के बाद कई नयी चीज़ें सामने आयीं. क्या ऐसा पहली बार हुआ? 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन बताते हैं कि दक्षिणपंथी विचार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License