NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कटाक्ष: जन्मदिन हो तो मोदी जी जैसा, वर्ना ना हो...
टीका तो अब लगा है। टीका लगना वह है, जो मोदी जी के बर्थडे पर सारी दुनिया ने देखा और इंडिया ने दिखाया। बिना बर्थ डे वाले दिनों से पूरे तीन गुने ज्यादा टीके, बर्थडे पर लगे।
राजेंद्र शर्मा
18 Sep 2021
Sarcasm
तस्वीर केवल प्रतीकात्मक प्रयोग के लिए। साभार: पीटीआई

भाई जन्मदिन हो तो मोदी जी जैसा हो, वर्ना ना हो। सत्तर साल की तो खैर बात ही क्या करना, भारतवर्ष ने सतयुग, द्वापर, त्रेता तक में कभी, क्या ऐसे किसी का जन्मदिन मनाया होगा? टीके की सुइयों वाला जन्म दिन। और सुइयां भी जोश में उछल-उछल कर, कूद-कूदकर लगवाने वाला जन्म दिन।

अब प्लीज यह मत बताने लगिएगा कि टीके वाली सुइयां तो पहले भी लग रही थीं। जरूर लग रही थीं। हमें भी पता है। महीनों से लग रही थीं। पर कैसे लग रही थीं, यह भी सब को पता है। घिसट-घिसट के लग रही थीं। आलम ये था कि मोदी जी तो अठारह-अठारह घंटे जोर लगा रहे थे कि देश को दुनिया में नंबर वन पर पहुंचा दें, पर हर महीने देश, पब्लिक को टीके लगाने में एकाध दर्जन देशों से और पीछे हो जाता था। ऐसे रो-रोकर टीका लगना भी कोई टीका लगना है, लल्लू!

टीका तो अब लगा है। टीका लगना वह है, जो मोदी जी के बर्थडे पर सारी दुनिया ने देखा और इंडिया ने दिखाया। बिना बर्थ डे वाले दिनों से पूरे तीन गुने ज्यादा टीके, बर्थ डे पर लगे। यानी ढाई करोड़ में से पौने दो करोड़ लोगों ने, मोदी जी के बर्थडे की खुशी, टीके की सुई लगवाकर मनाई। मोदी जी का बर्थ डे मनाने के लिए पब्लिक का ऐसा जोश को देखकर तो खुद भक्त लोग भी हैरान रह गए हैं। उन बेचारों ने तो बड़े हिचकते-हिचकते बीस दिन का जश्ने बर्थ डे प्रोग्राम बनाया था। पर पब्लिक डिमांड कर रही है कि क्या हर दिन मोदी जी का जन्म दिन नहीं हो सकता? हर रोज जन्म दिन माने हर रोज ढाई करोड़ टीके। और हर रोज के ढाई करोड़ टीके लगते देखेगी, तो कोरोना-वोरोना की तीसरी लहर तो उल्टे पांव ही लौट जाएगी। और राशन का थैला; हर रोज की छोड़ो, हफ्ते के हर सोमवार या शुक्रवार को मिल जाए, उतने से ही भूख भी भाग जाएगी। रही बात बेकारी वगैरह की तो नौजवानों ने इस बार जन्म दिन पर जैसे बेरोजगारी दिवस मनाया है, वैसे ही हर रोज बेरोजगारी दिवस मनाते रहें तो, बेरोजगारी को भी सिर छुपाने के लिए कोई और आशियाना ढूंढऩा पड़ेगा या नहीं?

और कलेंडर में हरेक तारीख को मोदी जी का जन्म दिन बनाने में ऐसी कोई डिफीकल्टी भी नहीं है। अगर स्वतंत्रता के 75 साल पर पूरे साल अमृत वर्ष मनाया जा सकता है, तो मोदी जी के सत्तर साल पूरे करने पर ज्यादा नहीं तो कम से कम एक साल तो हर दिन, जन्मदिन मनाया ही जा सकता है। माना कि सत्तर साल पिछले जन्म दिन पर ही हो गए थे। पर तब अमृत वर्ष मिस हो गया तो इसका मतलब यह तो नहीं है कि देश को मोदी जी का अमृत वर्ष मनाने का मौका ही नहीं मिलेगा। सत्तर साल पर न सही, इकहत्तर साल पर सही। अब कोई यह मत कहना कि पचहत्तर साल होने पर ही अमृत वर्ष मनाना ठीक रहेगा। तब तक इंतजार कर लेते हैं। यह देश अब और इंतजार करने वाला नहीं रहा। वैसे भी जेपी ने भी तो कहा था कि जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करती हैं। एक साल इंतजार कर लिया, अब चार साल और, हर्गिज नहीं। दुनिया यह जान ले कि यह देश मोदी जी का जन्मदिन, एक ही दिन मनाने से संतुष्ट होने वाला नहीं है। पूरे साल नहीं तो कम से कम दिसंबर तक तो हर रोज, मोदी जी का जन्म दिन मनना ही चाहिए। आखिर, टीका पाएगा इंडिया, तभी तो कोरोना को भगाएगा इंडिया!

पर एक ओर इंडिया हर रोज मोदी जी का जन्म दिन मांग रहा है और विरोधी, बीस दिन के बर्थ डे प्रोग्राम की छोडि़ए, एक दिन के बर्थ डे प्रोग्राम पर भी किच-किच कर रहे हैं। और कुछ नहीं मिला तो इसी की शिकायत लेकर बैठ गए कि जब बर्थ डे पर ढाई करोड़ टीके लग सकते हैं, तो उससे पहले हर रोज इसके तिहाई टीके क्यों लग रहे थे? क्या पहले टीके कम-कम लग रहे थे, जिससे बर्थ डे पर रिकार्ड बन सके? कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि बर्थ डे का टीका रिकार्ड बनने के बाद भी क्या टीके इसी रफ्तार से लगते जाएंगे या फिर से पहले वाली रफ्तार पर आ जाएंगे? गांधीवाद की दुकान चलाने वाले अपना अलग ही रोना लेकर बैठ गए हैं। कह रहे हैं 2 अक्टूबर को दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। गांधी के जन्म दिन पर अगर ढाई करोड़ टीके भी नहीं लगे, तो यह राष्ट्रपिता का अपमान होगा! अब इन ब्लैक एंड व्हाइट टीवी से भी पहले के जमाने वालों को कौन समझाए कि पुराने  राष्ट्रपिता का टैम निकल गया। राष्ट्र को नया पिता बल्कि बाप मिल चुका है। सो मुट्ठी को बंद ही रहने दें तो बेहतर है। वर्ना नये बाप के जन्म दिन के सामने, पुराने  राष्ट्रपिता  का जन्म दिन लगाएंगे, तो खामखां बढ़ऊ की कच्ची कराएंगे। बाकी, मोदी जी के जन्मदिन का रिकार्ड तो, उनका जन्म दिन ही तोड़े तो तोड़े, वर्ना रिकार्ड तो रिकार्ड ही रहेगा। पब्लिक ऐसा ही चाहती है, तो उसकी इच्छा कौन टाल सकता है! राज मोदी जी का सही, पर संविधान में तो अब भी डैमोक्रेसी है।

और यह शोर तो बिल्कुल ही बेबात का है कि जन्म दिन नरेंद्र मोदी का है और नरेंद्र मोदी भगवा पार्टी के, फिर इस जन्मदिन में सरकार क्या कर रही है? और अगर अनाज का थैला सरकार का है, उस पर मोदी जी की तस्वीर तो फिर भी मान ली जाए, पर भगवा पार्टी उन्हें कैसे बांट रही है? सरकार और सरकार बनाने वालों की पार्टी में, कोई अंतर भी है या नहीं! लेकिन, अंतर चाहिए ही क्यों? भगवा पार्टी और दूसरी पार्टियों में यही तो अंतर है। भगवा पार्टी राष्ट्र को सबसे ऊपर रखती है, वह किसी अंतर, किसी भेद में नहीं, एकता में विश्वास करती है।

अपना सब राष्ट्र का और राष्ट्र का सब अपना मानती है। गुप्तदान की तरह, कहे बिना अपने नेता का जन्मदिन, राष्ट्र का जन्म दिन मानती है। फिर भी अब जबकि पांच करोड़ थैंक्यू पोस्ट कार्ड, जन्म दिन पखवाड़े में मोदी जी के पते पर उसने पोस्ट करा ही दिए हैं, उनके जन्मदिन का नाम बदलकर, थैंक्यू दिवस, पखवाड़ा, महीना या वर्ष तो कर ही देना चाहिए। फिर किसी की यह पूछने की भी हिम्मत नहीं होगी कि जन्म दिन में सरकार का क्या काम? सरकार, थैंक्यू मोदी जी दिवस तो न जाने कब से मना रही है।

(इस व्यंग्य आलेख के लेखक वरिष्ठ पत्रकार और लोकलहर के संपादक हैं।) 

sarcasm
Narendra Modi Birthday
Narendra modi
COVID-19
Covid Vaccination

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Anganwadi workers
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 
    08 Mar 2022
    आने वाले दिनों में सभी महिला कार्यबलों से सम्बद्ध यूनियनों की आस ‘संयुक्त महापंचायत’ पर लगी हुई है; इस संबंध में 10 मार्च को रोहतक में एक बैठक आहूत की गई है।
  • refugee crisis
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 
    08 Mar 2022
    अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की, तो दूसरी तरफ जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया।
  • राज कुमार
    गोवा चुनावः कौन जीतेगा चुनाव और किसकी बनेगी सरकार?
    08 Mar 2022
    इस बार भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि तमाम विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए लड़े हैं और ये स्थिति कांग्रेस के पक्ष में जाती है।
  • privatization of railways
    सतीश भारतीय
    निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!
    08 Mar 2022
    रेलवे का निजीकरण गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर वजन लादने जैसा है। क्योंकि यही वर्ग व्यवसाय और आवाजाही के लिए सबसे ज्यादा रेलवे पर आश्रित है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की घटकर 50 हज़ार से कम हुई
    08 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,993 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.12 फ़ीसदी यानी 49 हज़ार 948 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License